...तो ‘इस कारण’ से महिलाओं की तुलना में पुरूषों को ज़्यादा संक्रमित कर रहा है कोरोना वायरस
Saturday - March 21, 2020 3:39 pm ,
Category : WTN HINDI
कोरोना वायरस करता है महिलाओं और पुरुषों में ‘भेद’!
पुरूषों की कमज़ोर रोग प्रतिरोधक क्षमता को निशाना बना रहा है कोरोना वायरस!
MARCH 21 (WTN) – 11,550 से ज़्यादा मौतें! जीहां, इस लेख को लिखे जाने तक कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पूरी दुनिया में अभी तक 11,554 लोगों की मौत हो गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया में 175 देशों में कोरोना वायरस संक्रमण फैल चुका है। जहां तक कोरोनो वायरस से कारण किसी देश में सबसे ज़्यादा मौतों का सवाल है, तो बता दें कि कोरोना वायरस के कारण इटली में सबसे ज़्यादा मौतें हो चुकी हैं। आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना वायरस के कारण अभी तक इटली में 4,032 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं चीन, जहां से कोरोना वायरस संक्रमण पूरी दुनिया में फैला है, वहां पर कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों लोगों की संख्या बढ़कर 3,255 हो गई है। कोरोना वायरस संक्रमण का क़हर भारत में भी गहराता जा रहा है। जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस के कारण भारत में अभी तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है।
कोरोना वायरस हज़ारों की संख्या में लोगों की जान ले चुका है। और कोरोना वायरस के कारण अभी भी हज़ारों लोग संक्रमित हैं। ऐसे में कोरोना वायरस संक्रमण पर रिसर्च का काम लगातार जारी है। ऐसे में कई रिसर्च में एक कॉमन फैक्ट सामने आया है कि कोरोना वायरस के कारण मरने वाले लोगों और संक्रमित लोगों में पुरुषों की संख्या महिलाओं की संख्या से ज़्यादा है। कुछ जानकारों के मुताबिक़, महिलाओं की तुलना में पुरुषों में कोरोना वायरस का ख़तरा उतना ही है जितना की बुज़ुर्गों में है। बता दें कि चीन और इटली में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मरने वाले लोगों में महिलाओं की तुलना में पुरुषों की संख्या ज़्यादा है।
इटली की राजधानी रोम के एक हेल्थ ऑर्गोनाइज़ेशन के मुताबिक़, कोरोना वायरस के 25 हज़ार से ज़्यादा मामलों में 5 प्रतिशत महिला मरीज़ों की तुलना में 8 प्रतिशत पुरुष मरीज़ों की मौत हुई है। दरअसल, जानकारों के मुताबिक़, पुरुषों की तुलना में महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता ज़्यादा होती है। ऐसे में महिलाएं कोरोना वायरस संक्रमण से सर्वाइव कर पा रही हैं। वहीं पुरुषों की स्मोकिंग की ख़राब आदत और हाथ कम धोने या नहीं धोने की गंदी आदत के कारण भी महिलाओं की तुलना में पुरुष कोरोना वायरस संक्रमण से ज़्यादा संक्रमित हो रहे हैं।
कोरोना वायरस के कारण इटली में हुई मौतों पर रिसर्च करने के बाद एक शोधकर्ता ने बताया कि मरने वाले हर उम्र के पुरुषों की संख्या महिलाओं की संख्या से दोगुनी थी। वहीं बता दें कि इटली समेत चीन में भी कोरोना वायरस से संक्रमित ज़्यादातर पुरुषों की उम्र 50 साल से ज़्यादा थी। एक अध्ययन के मुताबिक़, महिलाओं में पाया जाने वाला सेक्स हार्मोन एस्ट्रोजन रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने में कारगर साबित होता है। वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि महिलाएं के गुणसूत्र में मौजूद X क्रोमोसोम रोग प्रतिरोधक क्षमताकारक जीन माना जाता है। और यही X क्रोमोसोम महिलाओं में दो होते हैं जबकि पुरूषों में सिर्फ़ एक। इसी कारण से महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता पुरूषों की तुलना में ज़्यादा होती है।
एक अन्य अध्ययन के मुताबिक़, महिलाओं की तुलना में पुरुषों की शराब पीने और स्मोकिंग की आदत के कारण बहुत ही कम कम उम्र में ही हार्ट और हाई ब्लड प्रेशर सम्बन्धित बीमारियां हो जाती हैं। और यही बीमारियां वाले लोग कोरोना वायरस जैसे संक्रमण से जल्दी संक्रमित हो रहे हैं। इसी के चलते, कई डॉक्टर्स ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि स्मोकिंग करने वाले या ई-सिगरेट का इस्तेमाल करने वाले पुरूषों पर कोरोना वायरस बहुत तेज़ी से अटैक करता है। जानकारों के मुताबिक़, स्मोकिंग और ई-सिगरेट के कारण फेफड़ों में सूजन और जलन होने लगती है। ऐसे में कोरोना वायरस आसानी से इंसानी फेफड़ों को निशाना बना लेता है।
दरअसल, मनुष्य के शरीर में पतले आकार की सिल्लियां होती है, जो कि फेफड़ों से विषाक्त पदार्थों और कफ को बाहर निकालने में सहायक होती हैं। लेकिन पुरूषों की स्मोकिंग करने की आदत से इन सिल्लियों को काफ़ी नुकसान पहुंचता है। ऐसे में कोरोना वायरस जब पुरूषों के शरीर में प्रवेश करता है, तो इससे शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं। बता दें कि यह बदलाव इस तरह के होते हैं कि इससे पुरूषों की रोग प्रतिरोधक क्षमता और भी कमज़ोर होने लगती है, और कोरोना वायरस से संक्रमित पुरूषों को कई तरह की शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, इस तरह की परेशानियां का सामना उन महिलाओं को भी करना पड़ता है जो कि स्मोकिंग करती हैं।
एक अध्ययन के मुताबिक़, स्मोकिंग करने वाले पुरूषों पर फ्लू जैसी किसी भी बीमारी का ख़तरा सबसे ज़्यादा रहता है। दरअसल, स्मोकिंग करने से पुरूषों की रोग प्रतिरोधक क्षमता और भी कमज़ोर होती चली जाती है। ऐसे में स्मोकिंग करने वालों के फेफड़ों में ज़्यादा बलगम जमने लगता है। अब बलगम के ज़्यादा जमने से फेफड़े साफ़ नहीं रहते हैं, तो ऐसे में कोरोना वायरस संक्रमण आसानी से अपना काम करने लगता है। यानी कि साफ़ है कि जो लोग बहुत ज़्यादा स्मोकिंग करते हैं, उनके शरीर में कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की आशंका सबसे ज़्यादा रहती है। ऐसे में जबकि स्मोकिंग रोग प्रतिरोधक क्षमता कम कर देती है, कोरोना वायरस शरीर में पहुंच कर ख़तरनाक परिणाम दे सकता है।
MARCH 21 (WTN) – 11,550 से ज़्यादा मौतें! जीहां, इस लेख को लिखे जाने तक कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पूरी दुनिया में अभी तक 11,554 लोगों की मौत हो गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया में 175 देशों में कोरोना वायरस संक्रमण फैल चुका है। जहां तक कोरोनो वायरस से कारण किसी देश में सबसे ज़्यादा मौतों का सवाल है, तो बता दें कि कोरोना वायरस के कारण इटली में सबसे ज़्यादा मौतें हो चुकी हैं। आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना वायरस के कारण अभी तक इटली में 4,032 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं चीन, जहां से कोरोना वायरस संक्रमण पूरी दुनिया में फैला है, वहां पर कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों लोगों की संख्या बढ़कर 3,255 हो गई है। कोरोना वायरस संक्रमण का क़हर भारत में भी गहराता जा रहा है। जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस के कारण भारत में अभी तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है।
कोरोना वायरस हज़ारों की संख्या में लोगों की जान ले चुका है। और कोरोना वायरस के कारण अभी भी हज़ारों लोग संक्रमित हैं। ऐसे में कोरोना वायरस संक्रमण पर रिसर्च का काम लगातार जारी है। ऐसे में कई रिसर्च में एक कॉमन फैक्ट सामने आया है कि कोरोना वायरस के कारण मरने वाले लोगों और संक्रमित लोगों में पुरुषों की संख्या महिलाओं की संख्या से ज़्यादा है। कुछ जानकारों के मुताबिक़, महिलाओं की तुलना में पुरुषों में कोरोना वायरस का ख़तरा उतना ही है जितना की बुज़ुर्गों में है। बता दें कि चीन और इटली में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मरने वाले लोगों में महिलाओं की तुलना में पुरुषों की संख्या ज़्यादा है।
इटली की राजधानी रोम के एक हेल्थ ऑर्गोनाइज़ेशन के मुताबिक़, कोरोना वायरस के 25 हज़ार से ज़्यादा मामलों में 5 प्रतिशत महिला मरीज़ों की तुलना में 8 प्रतिशत पुरुष मरीज़ों की मौत हुई है। दरअसल, जानकारों के मुताबिक़, पुरुषों की तुलना में महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता ज़्यादा होती है। ऐसे में महिलाएं कोरोना वायरस संक्रमण से सर्वाइव कर पा रही हैं। वहीं पुरुषों की स्मोकिंग की ख़राब आदत और हाथ कम धोने या नहीं धोने की गंदी आदत के कारण भी महिलाओं की तुलना में पुरुष कोरोना वायरस संक्रमण से ज़्यादा संक्रमित हो रहे हैं।
कोरोना वायरस के कारण इटली में हुई मौतों पर रिसर्च करने के बाद एक शोधकर्ता ने बताया कि मरने वाले हर उम्र के पुरुषों की संख्या महिलाओं की संख्या से दोगुनी थी। वहीं बता दें कि इटली समेत चीन में भी कोरोना वायरस से संक्रमित ज़्यादातर पुरुषों की उम्र 50 साल से ज़्यादा थी। एक अध्ययन के मुताबिक़, महिलाओं में पाया जाने वाला सेक्स हार्मोन एस्ट्रोजन रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने में कारगर साबित होता है। वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि महिलाएं के गुणसूत्र में मौजूद X क्रोमोसोम रोग प्रतिरोधक क्षमताकारक जीन माना जाता है। और यही X क्रोमोसोम महिलाओं में दो होते हैं जबकि पुरूषों में सिर्फ़ एक। इसी कारण से महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता पुरूषों की तुलना में ज़्यादा होती है।
एक अन्य अध्ययन के मुताबिक़, महिलाओं की तुलना में पुरुषों की शराब पीने और स्मोकिंग की आदत के कारण बहुत ही कम कम उम्र में ही हार्ट और हाई ब्लड प्रेशर सम्बन्धित बीमारियां हो जाती हैं। और यही बीमारियां वाले लोग कोरोना वायरस जैसे संक्रमण से जल्दी संक्रमित हो रहे हैं। इसी के चलते, कई डॉक्टर्स ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि स्मोकिंग करने वाले या ई-सिगरेट का इस्तेमाल करने वाले पुरूषों पर कोरोना वायरस बहुत तेज़ी से अटैक करता है। जानकारों के मुताबिक़, स्मोकिंग और ई-सिगरेट के कारण फेफड़ों में सूजन और जलन होने लगती है। ऐसे में कोरोना वायरस आसानी से इंसानी फेफड़ों को निशाना बना लेता है।
दरअसल, मनुष्य के शरीर में पतले आकार की सिल्लियां होती है, जो कि फेफड़ों से विषाक्त पदार्थों और कफ को बाहर निकालने में सहायक होती हैं। लेकिन पुरूषों की स्मोकिंग करने की आदत से इन सिल्लियों को काफ़ी नुकसान पहुंचता है। ऐसे में कोरोना वायरस जब पुरूषों के शरीर में प्रवेश करता है, तो इससे शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं। बता दें कि यह बदलाव इस तरह के होते हैं कि इससे पुरूषों की रोग प्रतिरोधक क्षमता और भी कमज़ोर होने लगती है, और कोरोना वायरस से संक्रमित पुरूषों को कई तरह की शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, इस तरह की परेशानियां का सामना उन महिलाओं को भी करना पड़ता है जो कि स्मोकिंग करती हैं।
एक अध्ययन के मुताबिक़, स्मोकिंग करने वाले पुरूषों पर फ्लू जैसी किसी भी बीमारी का ख़तरा सबसे ज़्यादा रहता है। दरअसल, स्मोकिंग करने से पुरूषों की रोग प्रतिरोधक क्षमता और भी कमज़ोर होती चली जाती है। ऐसे में स्मोकिंग करने वालों के फेफड़ों में ज़्यादा बलगम जमने लगता है। अब बलगम के ज़्यादा जमने से फेफड़े साफ़ नहीं रहते हैं, तो ऐसे में कोरोना वायरस संक्रमण आसानी से अपना काम करने लगता है। यानी कि साफ़ है कि जो लोग बहुत ज़्यादा स्मोकिंग करते हैं, उनके शरीर में कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की आशंका सबसे ज़्यादा रहती है। ऐसे में जबकि स्मोकिंग रोग प्रतिरोधक क्षमता कम कर देती है, कोरोना वायरस शरीर में पहुंच कर ख़तरनाक परिणाम दे सकता है।