लॉक डाउन से बेहाल जनता को मोदी सरकार ने दी बड़ी राहत
जनता की आर्थिक परेशानियों को दूर करने मोदी सरकार का बड़ा एक्शन.
MARCH 24 (WTN) - वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण पूरे भारत में लॉक डाउन की स्थिति है। भारत जैसा लगातार गतिशील देश थम सा गया है। कोरोन वायरस संक्रमण को रोकने के लिए रेल यातायात तक बंद कर दिया गया है। अब जबकि पूरा देश थम सा गया है, ऐसे में स्वाभाविक है कि देश की आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ गई हैं। इस ऐतिहासिक चुनौती से निपटने के पूरे प्रयास मोदी सरकार कर रही है जिससे किसी को भी किसी भी तरह की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। आइये आपको बताते और समझाते हैं कि कोरोना वायरस की चुनौतियों के बीच मोदी सरकार ने क्या आर्थिक सहूलियतें लोगों को दी हैं।
सबसे पहले तो अगले 3 महीने के लिए ATM से कैश निकालने पर अब किसी भी तरह का कोई भी चार्ज नहीं लगेगा। यानी आप अब किसी भी बैंक के एटीएम से कैश निकाल सकते हैं, और ऐसा करने पर आपको किसी भी तरह का कोई चार्ज नहीं लगेगा। इतना ही नहीं, आगामी आदेश तक बैंक खाते में मिनिमम बैलेंस रखने की बाध्यता भी ख़त्म हो गई है। वहीं डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ाने के लिए बैंक चार्जेज को भी घटाया गया है।
जैसा कि आप जानते हैं कि पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने की अन्तिम तारीख़ 31 मार्च थी। लेकिन अब सरकार ने आधार-पैन लिंक करने की अन्तिम तारीख़ को बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया है। वहीं सरकार ने 'विवाद से विश्वास' योजना को भी अब 30 जून तक के लिए बढ़ा दिया है। इस योजना में अब 31 मार्च के बाद 30 जून तक कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विवाद से विश्वास योजना का उद्देश्य उन लोगों को राहत देना है जिनकी टैक्स देनदारी को लेकर किसी भी तरह का कोई विवाद है।
लॉक डाउन और कर्फ़्यू के कारण मोदी सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिए टैक्स रिटर्न फ़ाइल करने की लास्ट डेट बढ़ाकर 30 जून कर दी है। जानकारी के लिए बता दें कि अभी तक इसकी डेडलाइन 31 मार्च 2020 थी। वहीं अब नई डेडलाइन पर लेट पेमेंट्स के लिए ब्याज़ दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है। लेकिन बता दे कि टीडीएस डिपॉजिट के लिए डेडलाइन नहीं बढ़ाई गई है। लेकिन 30 जून 2020 तक देर से भरे गए टीडीएस के लिए ब्याज़ दर को 18 प्रतिशत से घटाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है।
जानकारी के लिए बता दें कि जीएसटी फ़ाइलिंग को लेकर भी सरकार ने राहत दी है। सरकार ने अब मार्च, अप्रैल और मई महीने के लिए जीएसटी रिटर्न भरने की समय सीमा को बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया है। इतना ही नहीं, 5 करोड़ रुपये से कम सालाना टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए लेट जीएसटी रिटर्न भरने पर कोई ब्याज़, लेट फीस और पेनल्टी नहीं लेने का फ़ैसला सरकार ने किया है। वहीं, 5 करोड़ रुपये से ज़्यादा के टर्नओवर वाली कंपनियों पर पहले 15 दिन के लिए कोई लेट फीस और पेनल्टी नहीं लेने का बड़ा फ़ैसला भी मोदी सरकार ने किया है। लेकिन 15 दिन के बाद उनके लिए ब्याज़, पेनल्टी या लेट फीस 9 प्रतिशत की दर पर होगी। इसके अलावा कंपोजीशन स्कीम का लाभ लेने के लिए भी डेडलाइन बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दी गई है।
मोदी सरकार ने आयातकों और निर्यातकों को राहत देने के लिए 30 जून 2020 तक कस्टम क्लियरेंस की सेवा को 24 घण्टे सातों दिन शुरू करने का फ़ैसला लिया है। वहीं, कॉर्पोरेट को राहत देते हुए मोदी सरकार ने बोर्ड बैठक को 60 दिनों के लिए टालने की छूट दे दी है। बता दे कि यह राहत फ़िलहाल अगली दो तिमाही के लिए है। वहीं सरकार का कहना है कि कोरोना वायरस के कारण हुए लॉक डाउन का बाद विभिन्न क्षेत्रों की मदद के लिये ज़ल्द ही एक बड़े आर्थिक पैकेज की घोषणा की जाएगी।