कोरोना संकट से कई देशों की अर्थव्यवस्था होगी प्रभावित, लेकिन चीन को होगा फ़ायदा!
भारत और अमेरिका समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था को कोरोना वायरस ने दिया बड़ा झटका; मंदी के आसार
MARCH 26 (WTN) - 21,304 मौतें! जी हां, इस लेख को लिखे जाने तक पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के कारण अभी तक 21,304 लोगों की मौत हो गई है। 190 से ज़्यादा देशों में कोरोना वायरस संक्रमण महामारी का रूप ले चुका है। जहां तक भारत की बात है, तो कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक भारत में 13 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 678 लोग इससे संक्रमित हैं। चूंकि कोरोना वायरस संक्रमण इंसानी सम्पर्क से फैलता है, ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एहतियातन 21 दिनों का सम्पूर्ण लॉक डाउन पूरे देश में लागू कर दिया है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक़, 21 दिन के लॉक डाउन से भारत की अर्थव्यवस्था को क़रीब 9 लाख करोड़ रुपए का नुकसान होने की आशंका है। दरअसल, लॉक डाउन के कारण 21 दिन तक पूरे देश में आर्थिक गतिविधियों पर रोक लग जाएगी। ऐसे में अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है। 21 दिन के लॉक डाउन से भारत की अर्थव्यवस्था को GDP के 4 से 5 प्रतिशत तक का नुकसान हो सकता है। वहीं लॉक डाउन के कारण महंगाई बढ़ने, बेरोज़गारी बढ़ने और उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका भी है।
इसी बीच ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कोरोना वायरस संकट के कारण जी-20 (G20) समूह देशों में इस साल मंदी आने का अनुमान जताया है। मूडीज की रिसर्च के मुताबिक़, साल 2020 में जी-20 समूह देशों का सब मिलाकर सकल घरेलू उत्पाद 0.5 प्रतिशत घट जाएगा। इतना नही, कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था में दो प्रतिशत की और यूरोज़ोन की अर्थव्यवस्था में 2.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज़ की जा सकती है। लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि कोरोना वायरस संक्रमण का प्रमुख केन्द्र होने के बाद भी चीन की अर्थव्यवस्था में 3.3 प्रतिशत विस्तार होने की संभावना है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जी-20 समूह के सभी देशों की अर्थव्यवस्था पूरी दुनिया की जीडीपी का 85 प्रतिशत है। इसके अलावा जी-20 समूह देशों का वैश्विक व्यापार में हिस्सा भी क़रीब 80 प्रतिशत है। जी-20 समूह देशों में ही दुनिया की दो तिहाई आबादी रहती है। ऐसे में जबकि दुनिया की इतनी बड़ी आबादी कोरोना वायरस संक्रमण से प्रभावित होगी तो स्वाभाविक है कि इन देशों में आर्थिक उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
दरअसल, भारत ही नहीं पूरी दुनिया के कई देशों में लॉक डाउन की स्थिति है। कई देशों ने अपने यहां विदेशी लोगों के आने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। तो वहीं कई देशों ने आयात-निर्यात स्थगित कर दिया है। भारत समेत दुनिया के कई देश अभी लोगों की जान बचाने में लगे हुए हैं। इस विपरीत परिस्थिति में स्वभाविक है आर्थिक उत्पादन और सर्विस सेक्टर बुरी तरह से प्रभवित हुए हैं। वहीं टूरिज्म सेक्टर ठप पड़ गया है। ऐसे में भारत समेत जी-20 देशों की अर्थव्यवस्था पर आने वाले 2 से 3 महीने भारी पड़ने वाले हैं, और इसी कारण से दुनिया के कई देशों में आर्थिक गतिविधियों के ठप पड़ने के कारण उन देशों की GDP में गिरावट दर्ज़ की जाएगी।