जानिए क्या है नैनोमटीरियल? जिसके इस्तेमाल से कोरोना वायरस संक्रमण के सूखने का किया जा रहा है दावा!
चीन का दावा; उसके बनाए नैनोमटीरियल से नियंत्रित होगा कोरोना वायरस संक्रमण
MARCH 30(WTN) - चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस संक्रमण 190 से ज़्यादा देशों में फैल चुका है। इस लेख को लिखे जाने तक पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के कारण 34,000 लोगों की जान जा चुकी है। दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति अमेरिका में सबसे ज़्यादा 1,42,735 लोग कोरोना वायरस के कारण संक्रमित हो चुके हैं वहीं इटली में कोरोना वायरस के कारण अभी तक 10,779 लोगों की जान जा चुकी है। जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण चीन के वुहान शहर से फैला है। चीन सरकार का कहना है कि कोरोना वायरस संक्रमण वुहान शहर के एक सीफूड मार्केट से फैला है। हालांकि, कई विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि कोरोना वायरस संक्रमण वुहान स्थित एक लैब से फैला है, जहां पर जैविक हथियार बनाए जा रहे हैं।
वैसे इन तमाम रिपोर्ट्स को चीन ने खारिज़ कर दिया है। लेकिन फिर भी पूरी दुनिया चीन को शक की नज़र से देख रही है। अब जबकि कोरोना वायरस संक्रमण चीन से फैला है तो चीन काफी समय से इसकी वैक्सीन और दवा बनाने में लगा हुआ है। चीन ही नहीं, दुनिया के कई देशों के वैज्ञानिक कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में लगे हुए हैं। इस सबके बीच, अब चीनी वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने वायरस को शरीर में ही नष्ट करने के नए तरीक़े की खोज कर ली है।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, चीनी वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए एक नया हथियार बनाने का दावा किया है। चीन का दावा है कि उनके वैज्ञानिकों ने एक ऐसा नैनोमटीरियल बनाया है, जो इंसानी शरीर में प्रवेश करके कोरोना वायरस संक्रमण को सोख लेता है। इतना ही नहीं, यह नैनोमटीरियल इंसानी शरीर में जाकर कोरोना वायरस संक्रमण को 96.5 से 99.9% सफलता के साथ निष्क्रिय करने में सक्षम है।
लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि इसे न तो वैक्सीन कहा जा सकता है और न ही कोई दवा। वैज्ञानिकों के मुताबिक़ यह एक तरह का एक बायोवेपन है, और इस बायोवेपन को कोरोना वायरस संक्रमण से लड़ने के लिए विकसित किया गया है। अब आप सोच रहे होंगे कि आख़िर यह नैनोमटीरियल होते क्या हैं? और यह इस तरह से कोरोना वायरस संक्रमण को निष्क्रिय करने में सहायक हैं? तो आइये इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नैनोमटीरियल कई तरह की मैन्यूफैक्चरिंग प्रोसेस में इस्तेमाल किए जाते हैं। इनका इस्तेमाल हेल्थकेयर के अलावा पेंट्स, फिल्टर्स, इन्सुलेशन और लुब्रिकेंट पैदा करने के लिए किया जाता है। जहां तक हेल्थकेयर की बात है, तो नैनोमटीरियल को नैनोजाइम्स भी कहा जाता है। बता दें कि नैनोजाइम्स शरीर में पाए जाने वाले एन्जाइम्स की तरह ही काम करते हैं। वैसे वैज्ञानिकों के अनुसार, नैनोमटीरियल के बारे में अभी दुनिया ज़्यादा नहीं जानती है। लेकिन कुछ वैज्ञानिकों के अनुसार, नैनोमटीरियल को कुछ विशेष किस्म के कामों के लिए तैयार किया जा सकता है। और चूंकि यह बहुत छोटे होते हैं, इसलिए यह शरीर में आसानी से प्रवेश कर सकते हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि नैनोटेक्नोलॉजी का इस्तेमाल दवाएं बनाने में भी किया जाता है। इस तकनीक से बनी दवा शरीर में बीमारी फैला रहीं विशेष कोशिकाओं को निशाना ख़ासतौर से निशाना बनाती हैं। जैसे कैंसर की कोशिकाओं को ले सकते हैं। यह न सिर्फ़ तेज़ी से इलाज करने में सक्षम हैं बल्कि यह बाक़ी थेरेपी की तुलना में काफ़ी सुरक्षित मानी जाती है। हालांकि इनके उपयोग को लेकर वैज्ञानिकों में मतभेद हैं। वैसे यह तो माना जाता है कि नैनोमटीरियल से इलाज करना बाकी थेरेपी से इलाज करने की तुलना में ज़्यादा कारगर है। लेकिन कई सारे ऐसे तत्व हैं जिन्हें अगर नैनोमटीरियल में बदल कर शरीर में प्रवेश कराया जाए तो काफ़ी नुकसान हो सकता है।
ख़ैर, यदि चीनी वैज्ञानिकों का दावा सही साबित होता है, तो जल्दी ही कोरोना वायरस संक्रमण पर काबू पाया जा सकता है। कोरोना वायरस संक्रमण आज मानव सभ्यता के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। देखते ही देखते कोरोना वायरस संक्रमण के कारण 34,000 हज़ार लोगों की जान जा चुकी है। वहीं लाखों लोग कोरोना वायरस संक्रमण के कारण संक्रमित हो चुके हैं। आशा की जानी चाहिए कि चीनी वैज्ञानिकों द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण को ख़त्म और नियंत्रित करने का जो दावा किया जा रहा है वो सही साबित हो।