सावधान! लॉकडाउन में आपके साथ हो सकता है बैंकिंग फ्रॉड
किसी के साथ भी व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी न करें साझा
APRIL 03 (WTN) - जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पूरी दुनिया परेशान है। 200 से ज़्यादा देशों की सरकारें अपनी जनता को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाने के लिए जद्दोजहद कर रही हैं। चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस संक्रमण मानव सभ्यता के लिए चुनौती बन गया है। इस लेख को लिखे जाने तक कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पूरी दुनिया में अभी तक 53,236 लोग मारे जा चुके हैं। यूरोप के विकसित देश इटली में कोरोना वायरस के कारण अभी तक सबसे ज़्यादा 13,915 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं विश्व की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति अमेरिका में कोरोना वायरस के कारण सबसे ज़्यादा 2,45,373 लोग संक्रमित हो चुके हैं।
जहां तक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाले देश भारत की बात है, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण से भारत में अभी तक 2,088 लोग संक्रमित हो चुके हैं, वहीं कोरोना वायरस से अभी तक भारत में 56 लोगों की जान जा चुकी है। कोरोना वायरस की भयावहता को देखते हुए है ही भारत में इन दिनों 21 दिन का लॉकडाउन चल रहा है। लॉकडाउन के कारण लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं। वहीं, लॉकडाउन के कारण लोग किसी भी तरह के पेमेंट के लिए डिजिटल तरीक़ा अपना रहे हैं।
किसी भी तरह की कोई भी ज़रूरी खरीदी हो या फिर किसी भी तरह के कोरोना रिलीफ फंड के लिए दान करना हो, लोग डिजिटल तरीक़े से भुगतान कर रहे हैं। लेकिन इस समय आपको सावधान रहने की ज़रूरत है। दरअसल, इन दिनों साइबर क्रिमिनल लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बना रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साइबर क्रिमिनल कोरोना से बचाव के फर्जी ऐप के जरिए लोगों की पर्सनल और बैंक डिटेल चुरा रहे हैं। इस तरह के किसी भी फ्रॉड से बचाव के लिए भारतीय स्टेट बैंक ने लोगों को सतर्क किया है। SBI ने ऑनलाइन फ्रॉड से बचने से के लिए लोगों को कुछ सुझाव दिए हैं। क्या हैं यह सुझाव? आइये इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।
कोरोना वायरस महामारी की परेशानी के बीच, ऑनलाइन तरीक़े से फ्रॉड करने वाले भी सक्रिय हो गए हैं। फ्रॉड करने वाले इस परिस्थिति का फ़ायदा उठाकर UPI आईडी से डोनेशन मांग रहे हैं। SBI ने अपने उपभोक्ताओं को फ्रॉड UPI आईडी से डोनेशन मांगने वालों से सावधान रहने को कहा है। यदि आप किसी को पैसा डिजिटल तरीक़े से भेज रहे हैं तो सबसे पहले पैसे प्राप्त करने वाले की पहचान की जांच करें।
किसी भी ई-कॉमर्स साइट पर अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड की डिटेल सेव नहीं करें। वहीं, अनचाहे ई-मेल पर अपनी कोई भी व्यक्तिगत या बैंक संबंधित जानकारी न दें। साथ ही कोरोना वायरस से संबंधित किसी भी ख़बर पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच अच्छे तरीके से करें। यदि आपको लगता है कि आपके साथ किसी भी तरह का कोई भी धोखा हुआ है, तो आप इसकी रिपोर्ट तुरन्त ही पुलिस से करें। याद रखिए कि आपकी सावधानी में ही आपकी सुरक्षा है।