कोरोना वायरस संक्रमण से बचना है तो आज ही छोड़ें स्मोकिंग
शोध से हुआ खुलासा, स्मोकिंग से बढ़ता है कोरोना वायरस का ख़तरा
APRIL 03 (WTN) - क्या आप स्मोकिंग करते हैं ? यदि हां, तो आपको सावधान रहने की ज़रूरत है। क्योंकि कोरोना वायरस संक्रमण का ख़तरा स्मोकिंग करने वालों को ज़रा ज़्यादा ही है। क्या है यह पूरा मामला? आइए इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं। सबसे पहले तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण इस समय मानव समाज के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। 200 से ज़्यादा देशों के नागरिक इस समय कोरोना वायरस संक्रमण के ख़िलाफ़ अपनी जंग लड़ रहे हैं।
इस लेख को लिखे जाने तक, कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक 53,249 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं पूरी दुनिया में 10,17,394 लोग कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित हैं। चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस संक्रमण डॉक्टर्स और वैज्ञानिकों के लिए इस समय की सबसे बड़ी चुनौती है। दुनिया भर के वैज्ञानिक और शोधकर्ता कोरोना वायरस संक्रमण के फैलने के कारणों और अलग-अलग लोगों पर इसके असर का आकलन कर रहे हैं।
कई शोधकर्ताओं का मानना है कि स्मोकिंग करने वाले लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण का अन्य लोगों की तुलना में ज़्यादा ख़तरा है। WHO (World Health Organization) यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, शराब और सिगरेट पीने और तंबाकू खाने से कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यदि आपको स्मोकिंग की आदत है, तो यह स्मोकिंग छोड़ने का सबसे सही समय है। वहीं, यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की रिपोर्ट के मुताबिक़, स्मोकिंग करने वाले लोगों का शरीर अतिसंवेदनशील बन जाता है। और इसी कारण से स्मोकिंग करने वाले गंभीर बीमारियों से नहीं लड़ नहीं पाते हैं।
सेंटर की रिपोर्ट के मुताबिक़, स्मोकिंग करने वालों को किसी भी तरह का कोई भी संक्रमण बहुत जल्दी होता है। इतना ही नहीं, स्मोकिंग करने वालों को संक्रमण होने पर उनकी किसी भी तरह की रिकवरी की उम्मीद, स्वस्थ लोगों के ठीक होने की उम्मीद की तुलना में काफी कम होती है। बता दें कि स्मोकिंग करने से फेफड़ों पर बुरा असर पड़ता है। दरअसल, कोरोना वायरस फेफड़ों तक पहुंचकर ही सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाता है। यानी, यदि आपके फेफड़े मजबूत नहीं होंगें, तो कोरोना वायरस संक्रमण आपको सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाएगा।
इधर, यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैरालीना के एक शोध में पता चला है कि स्मोकिंग करने से फेफड़ों में एंजाइम की क्रियाशीलता बढ़ जाती है। और फेफड़ों में एंजाइम की क्रियाशीलता बढ़ने से COVID 19 से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती है। स्मोकिंग के कारण कोरोना वायरस के ज़्यादा ख़तरे पर चीन के चिकित्सकों ने भी एक शोध किया है। इस शोध के मुताबिक़, बुजुर्गों की तुलना में स्मोकिंग करने वाले लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण से मौत ज़्यादा हुई है। दरअसल, स्वस्थ लोगों की तुलना में स्मोकिंग करने वालों को निमोनिया का खतरा दोगुना होता है। इसी कारण से कोरोना वायरस संक्रमण स्मोकिंग करने वालों को ज़्यादा प्रभावित करता है।
डॉक्टर्स के मुताबिक़, तंबाकू खाने और स्मोकिंग करने से श्वसन प्रणाली, सांस की नली और फेफड़ों को बहुत नुकसान पहुंचता है। और ऐसा होने से टीबी, फेफड़ों के कैंसर समेत कई घातक रोग होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में कोरोना वायरस संक्रमण भी फेफड़ों पर ही असर डालता है। तो ऐसे में हमारी आपको सलाह है कि आप तंबाकू खाने और स्मोकिंग करने की आदत को जल्द से जल्द छोड़ दें, जिससे आप कोरोना वायरस संक्रमण से ख़ुद को बचा सकें।