अचानक करोड़ों घरों की बिजली बंद होने से फेल हो सकते हैं पावर ग्रिड
प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद चिंता में पावर ग्रिड प्रबंधन!
APRIL 04 (WTN) - जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण से 200 से ज़्यादा देशों के नागरिक अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। चीन के वुहान शहर से फैली कोरोना वायरस संक्रमण की बीमारी मानव सभ्यता के लिए इस समय की सबसे बड़ी चुनौती है। इस लेख को लिखे जाने तक पूरी दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी से अभी तक 59,197 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 10,99,960 लोग कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित हैं। यूरोप के विकसित देश इटली में कोरोना वायरस से अभी तक सबसे ज़्यादा 14,681 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका में सबसे ज़्यादा 2,77,475 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं।
जहां तक भारत की बात है, तो भारत में भी कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी के कारण भारत में 62 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 2,322 लोग संक्रमित हैं। कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से बचाने के लिए भारत में 21 दिन का लॉकडाउन जारी है। प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर लोग लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं। तभी भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले अन्य देशों की तुलना में कम हैं।
भारत में कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ एक जंग जारी है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पांच अप्रैल को रात नौ बजे नौ मिनट तक अपने घर की बिजली बंद करने के बाद दीया जलाकर, या टार्च या मोबाइल से रोशनी करने की अपील आम जनता से की है। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की इस अपील के बाद पावर ग्रिड के प्रबंधकों की चिंता बढ़ गई है। और वे इस दौरान ग्रिड की स्थिरता सुनिश्चित करने की तैयारी में जुट गए हैं।
दरअसल, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यदि पूरे देश में एक साथ सभी लोग अपने-अपने घर की बिजली बंद कर देंगे, तो इससे पावर ग्रिड फेल होने की काफ़ी ज़्यादा आशंका है। यदि ऐसा होता है, तो ग्रिड फेल होने से पूरे देश की बिजली व्यवस्था ठप पड़ जाएगी और सभी आपातकालीन सेवाएं रुक जाएंगी। वहीं यदि ग्रिड ठप होती है तो इससे बिजली सप्लाई को सुचारू रूप से बहाल करने में कम से कम एक सप्ताह का समय लग सकता है।
ऐसे में जबकि पूरे देश में एक साथ बिजली बंद होने से पावर ग्रिड फेल होने की आशंका है, ग्रिड के एकीकृत संचालन के लिए जिम्मेदार पावर सिस्टम ऑपरेशन कॉरपोरेशन यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि ग्रिड के संभावित ठप होने के कारण ग्रिड पर कोई दबाव नहीं आए, और पूरे देश भर में बिजली सप्लाई व्यवस्था ठप ना हो जाए। ऐसे में बिजली क्षेत्र से जुड़े कई जानकारों की राय है कि घर की बिजली जलाए हुए ही दीये, मोमबत्ती, टॉर्च और मोबाइल से रोशनी की जा सकती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्रीय ऊर्जा नियामक प्राधिकरण (सीईआरए) ग्रिड के सामान्य संचालन के लिए 49.95-50.05 हर्त्ज की फ्रीक्वेंसी बैंड की अनुमति देता है, और बिजली सप्लाई में अचानक किसी भी तरह की कमी आने पर पावर ग्रिड ठप हो सकता है। अब यदि पूरे देश में एक साथ करोड़ों घरों में बिजली बंद की जाती है, इससे पावर ग्रिड फेल होने की आशंका है। ऐसे में अब देखना होगा कि इस परिस्थिति से निपटने के लिए क्या कुछ उपाय पावर सिस्टम ऑपरेशन कॉरपोरेशन द्वारा किए जाते हैं, जिससे ग्रिड फेल होने की नौबत ना आए।