कोरोना वायरस संक्रमण से बचने ज़रूर पहनें मास्क
वैज्ञानिकों ने दी सलाह; कोरोना वायरस संक्रमण से बचने मास्क लगाकर ही निकलें घर से बाहर
APRIL 04 (WTN) - चीन के वुहान शहर से फैली कोरोना वायरस संक्रमण की बीमारी इस समय पूरी दुनिया के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। 200 से ज़्यादा देशों की सरकारें अपने नागरिकों को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाने में लगी हुई हैं। इस लेख को लिखे जाने तक कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पूरी दुनिया में अभी तक 59,226 लोगों की मौत हो चुकी है। इटली में कोरोना वायरस के कारण अभी तक सबसे ज़्यादा 14,681 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं विश्व की सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति अमेरिका में कोरोना वायरस के कारण सबसे ज़्यादा 2,77,522 लोग संक्रमित हो चुके हैं।
जैसा कि आप जानते हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण पूरी दुनिया में फैल रहा है। ऐसे में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए दुनिया के कई देशों में लॉकडाउन की स्थिति है। ऐसे में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए मास्क पहनने की सलाह बार-बार दी जा रही है। लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए मास्क पहनना ज़रूरी है कि नहीं इस पर बहस हो रही है। WHO (World Health Organization) यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से बार-बार यह कहा जा रहा था कि मास्क पहनना हर किसी के लिए ज़रूरी नहीं है, और इसका इस्तेमाल सिर्फ़ वे लोग करें जिन्हें सर्दी- जुखाम है।
लेकिन शुक्रवार को अमेरिका में जारी की गई एक एडवाइज़री में कहा गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए हर किसी को मास्क पहनना ज़रूरी है। वहीं, चीन के एक शीर्ष वैज्ञानिक ने चेतावनी दी है कि बिना मास्क पहन कर बाहर निकलने से कोरोना वायरस संक्रमण का ख़तरा कहीं ज़्यादा बढ़ जाता है। चीनी वैज्ञानिक जॉर्ज गाओ के अनुसार, हर किसी के लिए मास्क पहनना ज़रूरी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जॉर्ज गाओ चाइनीज़ सेंटर फोर डिजीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेनशन के प्रमुख हैं।
जॉर्ज गाओ के अनुसार, यूरोप और अमेरिका में लोग सबसे बड़ी ग़लती यह कर रहे हैं कि वे लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं। गाओ के अनुसार, कोरोना वायरस संक्रमण ड्रॉपलेट्स और लोगों के सम्पर्क में आने से फैलता है। संक्रमण से बचने के लिए ड्रॉपलेट्स से बचाव बेहद ज़रूरी है। दरअसल, जब भी कोई व्यक्ति बातचीत करता है, तो हमेशा उसके मुंह से ड्रॉपलेट्स बाहर निकलते रहते हैं। देखा गया है कि बहुत से लोगों को एसिम्प्टोमैटिक ( लक्षण दिखने वाला) या प्रीसिम्पटिक (बिना लक्षणों वाला) कोरोना वायरस संक्रमण होता है। ऐसे में यदि आप मास्क पहनते हैं, तो फिर आप कोरोना वायरस संक्रमण से अपना बचाव कर सकते हैं।
चीन ही नहीं, अमेरिका के वैज्ञानिकों का भी यह मानना है कि कोरोना वायरस संक्रमण सांस लेने और बातचीत करने के दौरान फैल सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, कोरोना वायरस संक्रमण एक एयरबॉर्न डिज़ीज़ है, जो हवा के ज़रिये भी तेज़ी से फैल रही है। कोरोना वायरस से संक्रमित किसी मरीज के सांस लेने के दौरान कोरोना वायरस हवा में आ जाते हैं। यही कारण है कि यह वायरस तेज़ी से फैल रहा है। ऐसे में वैज्ञानिकों ने लोगों से कम से कम सम्पर्क में आने और आइसोलेशन की सलाह दी है। वहीं, वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि घर से बाहर निकलते समय मास्क ज़रूर लगाएं।