BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RELIGION SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS BIG MEMSAAB 2017 BUDGET 2017 FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES Mahakal Ke Darshan
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
logo
Breaking News

कोरोना वायरस संकट के कारण आने वाली है ऐतिहासिक आर्थिक मंदी

Saturday - April 4, 2020 5:39 pm , Category : WTN HINDI
 कोरोना वायरस संक्रमण से आर्थिक गतिविधियां ठप
कोरोना वायरस संक्रमण से आर्थिक गतिविधियां ठप

कई देशों की अर्थव्यवस्था को तबाह कर देगा कोरोना वायरस संकट

APRIL 04 (WTN) - कोरोना वायरस महामारी के कारण पूरी दुनिया की आर्थिक गतिविधियों पर रोक लग गई है। भारत समेत दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए लॉकडाउन की स्थिति है। अब जबकि पूरी दुनिया में आर्थिक गतिविधियों पर ब्रेक सा लग गया है, ऐसे में आर्थिक मंदी की आशंका एक बार फिर से ज़ाहिर की जा रही है। IMF (International Monterrey Fund) यानी अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार, कोरोना वायरस महामारी ने दुनियाभर की अर्थव्यवस्था के लिए संकट की स्थिति खड़ी कर दी है।

IMF ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि पूरी दुनिया के लिए यह स्थिति साल 2008 में आई वैश्विक वित्तीय संकट से भी बुरी हो सकती है। आर्थिक गतिविधियों पर रोक लगने से चिंतित IMF ने इसे 'मानवता के लिए अंधकारमय समय' कहा है।

IMF के अनुसार, संकट की इस घड़ी में विकसित अर्थव्यवस्था वाले देशों को विकासशील और ग़रीब देशों की सहायता करना चाहिए। IMF का कहना है कि ऐसा करना विकसित अर्थव्यवस्था वाले देशों के लिए इसलिए ज़रूरी है क्योंकि ऐसा करने से ही विकसित देशों की अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिलेगा।

IMF ने चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा है कि कोरोना वायरस संकट के कारण उत्पन्न होने वाला आर्थिक संकट किसी अन्य कारण से उत्पन्न आर्थिक संकट से काफ़ी अलग और विकराल है। IMF के मुताबिक़, कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पैदा होने वाली आर्थिक मंदी साल साल 2008-09 के वित्तीय संकट से भी बुरी साबित हो सकती है। दरअसल, कोरोना वायरस संकट के कारण पूरी दुनिया में आयात और निर्यात ठप पड़ गया है। ऐसे में आने वाला सम्भावित आर्थिक संकट कई देशों की अर्थव्यवस्था को तबाह कर सकता है।

इधर, विश्व बैंक का भी मानना है कि कोविड-19 महामारी से स्वास्थ्य समस्याओं के आगे एक वैश्विक मंदी का दौर शुरू होगा। अब जबकि एक बहुत बड़ी आर्थिक मंदी का दौर शुरू होने वाला है, ऐसे में विश्व बैंक और विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर IMF इस बात पर विचार कर रहा है कि चीन समेत कुछ बड़े अर्थव्यवस्था वाले देश छोटे देशों से कम से कम एक साल के लिए क़र्ज़ की वसूली न करें। आशा है कि इस मामले पर चीन का रुख साकारात्मक होगा।

जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण से 200 से ज़्यादा देशों के नागरिक अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। चीन के वुहान शहर से फैली कोरोना वायरस संक्रमण की बीमारी मानव सभ्यता के लिए इस समय की सबसे बड़ी चुनौती है। इस लेख को लिखे जाने तक पूरी दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी से अभी तक 60,381लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 11,33,453 लोग कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित हैं। यूरोप के विकसित देश इटली में कोरोना वायरस से अभी तक सबसे ज़्यादा 14,681 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका में सबसे ज़्यादा 2,77,607 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं।