जानिए क्यों कुछ लोग कोरोना वायरस संक्रमण के लिए 5G टेक्नोलॉजी को ठहरा रहे हैं ज़िम्मेदार?
क्या कोरोना वायरस संक्रमण के लिए 5G टेक्नोलॉजी है ज़िम्मेदार?
APRIL 06 (WTN ) - कोरोना वायरस संक्रमण इस समय मानव समाज के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इस लेख को लिखे जाने तक कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पूरी दुनिया में अभी तक 70,328 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पूरी दुनिया में अभी तक 12,84,780 लोग संक्रमित हो चुके हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि चीन के वुहान शहर से कोरोना वायरस संक्रमण पूरे देश में फैला है। कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के पीछे चीन सरकार का दावा है कि वुहान शहर के एक सीफूड मार्केट से कोरोना वायरस संक्रमण फैला है। लेकिन कई विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि कोरोना वायरस संक्रमण वुहान शहर की एक लैब से फैला है।
लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर दुनिया भर में कई तरह की कॉन्सपिरेसी थ्योरीज इन दिनों चल रही हैं। दुनिया के कई लोगों का मानना है कि कोरोना वायरस वास्तव में एक जैविक हथियार है, जिसे चीन ने बनाया है। लेकिन वहीं कई लोगों का मानना है कि कोरोना वायरस संक्रमण की वजह 5G टेक्नोलॉजी है। एक विदेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले हफ्ते ब्रिटेन के बर्मिंघम में कुछ लोगों ने 7 मोबाइल टावर्स में आग लगा दी। आग लगाने वाले लोगों का मानना है कि 5G टेक्नोलॉजी वाले टावर्स से ही कोरोना वायरस संक्रमण फैल रहा है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 5G टेक्नोलॉजी सेल्यूलर डेटा नेटवर्क सपोर्ट वाली 5th जेनेरेशन वायरलेस कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी है। इस टेक्नोलॉजी को साल 2019 में बड़े पैमाने पर ट्रायल के लिए शुरू किया गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सोशल मीडिया, यूट्यूब और कई सारे मेसेजिंग ऐप्स पर इस तरह के कॉन्टेंट की भरमार है जहां बताया जा रहा है कि 5G टेक्नोलॉजी के कारण कोरोना वायरस संक्रमण फैल रहा है।
आमतौर पर कोरोना वायरस संक्रमण और 5G कॉन्सपिरेसी में दो तरह के दावे चल रहे हैं। एक तरफ यह दावा किया जा रहा है कि 5G टेक्नोलॉजी से मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर हो रही है, और ऐसे में लोग कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। लेकिन वहीं कुछ लोगों का मानना है 5G टेक्नोलॉजी से वायरस ट्रांसमिट हो रहा है। इस थ्योरी को मानने वालों का कहना है कि 5G टेक्नोलॉजी सिग्नल के कारण ही कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं।
लेकिन 5G टेक्नोलॉजी के जानकारों के मुताबिक़, यह दोनों ही तरह के दावे तथ्यहीन हैं कि 5G टेक्नोलॉजी से किसी भी कारण से मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर होती है, या 5G टेक्नोलॉजी के सिग्नल से कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ता है। इधर अब टेक कंपनियां भी कोरोना वायरस संक्रमण और 5G टेक्नोलॉजी की कॉन्सपिरेसी थ्योरी वाले पोस्ट और वीडियो की रीच कम करने की तैयारी में है। वैसे हमारी आपको सलाह है कि लॉकडाउन का सख्ती से पालन करें और बाहरी लोगों के कम से कम सम्पर्क में आएं