शायद 'इन पाबंदियों' के साथ 14 अप्रैल के बाद खुल सकता है लॉकडाउन
क्या कुछ पाबंदियों के साथ हट सकता है लॉकडाउन या फिर बढ़ सकती है लॉकडाउन की अवधि?
APRIL 08 (WTN) - इस समय मानव समाज के अस्तित्व के सामने यदि सबसे बड़ी कोई चुनौती है, तो वह है कोरोना वायरस महामारी। चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस संक्रमण से 200 से ज़्यादा देशों के लाखों लोग प्रभावित हैं। इस लेख को लिखे जाने तक कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पूरी दुनिया में अभी तक 82,096 लोगों की मौत हो चुकी है। यूरोप के विकसित देश इटली में सबसे ज़्यादा 17,127 लोगों की मौत कोरोना वायरस संक्रमण से हो चुकी है। तो वहीं अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण से सबसे ज़्यादा 4,00,540 लोग संक्रमित हो चुके हैं।
जहां तक भारत की बात है, तो जैसा कि आप जानते ही हैं कि भारत में भी कोरोना वायरस संक्रमण से निजात पाने के लिए पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन चल रहा है। लॉकडाउन को सही तरीक़े से लागू कराने के लिए केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा यथासम्भव प्रयास किए जा रहे हैं। यही कारण है कि दुनिया के अन्य देशों की तुलना में भारत में कोरोना वायरस संक्रमण कम फैला है, और तुलनात्मक रूप से मौतें भी कम हुई हैं। लेकिन इस सबके बीच, पूरे भारत में एक ही चर्चा है कि 21 दिन के लॉकडाउन के बाद क्या आगे भी लॉकडाउन को बढ़ाया जा सकता है?
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि कोरोना वायरस महामारी संकट से निपटने के लिए गठित मंत्रियों के समूह ने 15 मई तक सभी शैक्षणिक संस्थाओं को बंद रखने और लोगों की सहभागिता वाली सभी धार्मिक गतिविधियों और मॉल्स1 आदि के संचालन पर रोक लगाने की सिफारिश की है। दरअसल, मंत्री समूह का लॉकडाउन के बारे में कहना है कि सरकार चाहे तो 21 दिनों के लॉकडाउन को आगे बढ़ा सकती है, या फिर कुछ पाबंदियों के साथ लॉकडाउन को खोल सकती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स का गठन देश में कोरोना वायरस महामारी के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा करने और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सुझाव देने के लिये किया गया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाले मंत्रियों के समूह ने यह तय किया है कि 21 दिन का लॉकडाउन ख़त्म होने के बाद कम से कम चार सप्ताह तक धार्मिक केंद्रों, शापिंग मॉल और शौक्षणिक संस्थानों को सामान्य गतिविधि शुरू करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। यानी कि कोरोना वायरस संक्रमण के ख़तरे को देखते हुए यदि 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन खुलता भी है, तो भी 15 मई तक भीड़ वाली जगहों पर सामान्य गतिविधियां शुरू करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
जहां एक तरफ मंत्री समूह ने सुझाव दिया है कि कम से कम 15 मई तक ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाई जाना चाहिए जहां पर ज़्यादा लोग एकत्रित हो सकते हैं। लेकिन वहीं दूसरी तरफ, कुछ राज्यों के मुख्यमंत्रियों का सुझाव है कि 14 अप्रैल को 21 दिन का लॉकडाउन ख़त्म होने के बाद इसे कुछ और दिनों के लिए आगे बढ़ा देना चाहिए। अब देखना होगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी क्या निर्णय लेते हैं? माना जा रहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण की समीक्षा के बाद ही प्रधानमंत्री मोदी लॉकडाउन को कुछ पाबंदियों के साथ ख़त्म करने, या फिर लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने का फैसला ले सकते हैं। लेकिन फैसला जो भी हो, आप घर में सुरक्षित रहें और लॉकडाउन के नियमों का पूरी तरह से पालन करें।