बहुत सारी शर्तो और नियमों के साथ शुरू हो सकता है यात्री रेल गाड़ियों का संचालन
14 अप्रैल के बढ़ सकता है लॉकडाउन लेकिन रेलवे ने की चुनिंदा ट्रेनों को शुरू करने की तैयारी
APRIL 09 ( WTN) - जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पूरे भारत में 21 दिन का लॉकडाउन जारी है। चीन के वुहान शहर से उपजे और फैले कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अभी तक भारत में 166 लोगों की मौत हो चुकी है, और 5,095 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। वहीं लॉकडाउन के कारण पूरे देश में यात्री रेल गाड़ियों का संचालन पूरी तरह से बंद है। वैसे कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामले देखकर लगता है कि लॉकडाउन की अवधि को और भी आगे बढ़ाया जा सकता है। लेकिन इस सबके बीच, 15 अप्रैल के बाद भारतीय रेलवे ने यात्री गाड़ियों के संचालन का संकेत दिया है।
हालांकि, यदि पूरे देश में लॉकडाउन की अवधि बढ़ती है, तो लगता नहीं है कि यात्री रेल गाड़ियों का संचालन फिर से शुरू हो पाएगा। लेकिन भारतीय रेलवे 15 अप्रैल से यात्री गाड़ियों के संचालन की बात कर रहा है। मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय रेलवे ने ट्रेनों के परिचालन को दोबारा शुरू करने के लिए ज़रूरी प्रोटोकॉल तैयार कर लिया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रेलवे के नए प्रोटोकॉल के अंतर्गत, यात्रियों को ट्रेन के निर्धारित समय से चार घंटे पहले रेलवे स्टेशन पर पहुंचना होगा। रेलवे स्टेाशन में प्रवेश करने से पहले सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। थर्मल स्क्रीनिंग पास करने वाले यात्रियों को ही रेलवे स्टेशन में प्रवेश करने की अनुमति मिलेगी।
इतना ही नहीं, जिन यात्रियों को बुखार, खांसी और सर्दी आदि की शिकायत होगी, उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं मिलेगी। इतना ही नहीं, यात्रा पर जाने वाले सभी यात्रियों को अपने स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारी यात्रा के निर्धरित समय से 12 घंटे पहले रेलवे के साथ साझा करनी होगी। यात्रा के दौरान यदि किसी भी यात्री में सर्दी, खांसी और बुखार जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे ट्रेन रुकवाकर नीचे उतार दिया जाएगा।
वहीं यदि आप सोच रहे हैं कि 15 अप्रैल से शुरू होने वाली यात्री रेल गाड़ियों में अभी तरह के कोच होंगे, तो आपका सोचना ग़लत है। जानकारी के अनुसार, 15 अप्रैल से चलने वाली यात्री रेल गाड़ियों में सिर्फ़ नॉन एसी शयनयान श्रेणी के कोच ही होंगे। ट्रेनों में न ही एसी कोच होंगे और ना ही अनारक्षित सामान्य श्रेणी के कोच होंगे। स्लीपर क्लास में कन्फर्म आरक्षित टिकिट वाले यात्रियों को ही रेलवे स्टेशन में प्रवेश करने की अनुमति मिलेगी।
इतना ही नहीं, किसी भी स्टेशन में प्लेटफार्म टिकटों की ब्रिकी आगामी आदेश तक बंद रहेगी। वहीं जिन यात्रियों के पास वेटिंग टिकिट हैं, उन्हें भी रेलवे स्टेशन में प्रवेश की अनुमति नहीं रहेगी। वहीं कोरोना वायरस संक्रमण के इस दौर में रेलवे वरिष्ठ नागरिकों को हाल फ़िलहाल यात्रा न करने की सलाह भी दे सकता है वहीं ट्रेन के सभी दरवाजे यात्रा के दौरान बंद रहेंगे, जिससे बिना रिज़र्वेशन वाला कोई भी व्यक्ति ट्रेन में प्रवेश ना कर सके। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फ़िलहाल कुछ चुनिंदा रूट्स पर ही यात्री गाड़ियों का संचालन किया जाएगा, और चुनिंदा स्टेशन्स पर ही यात्री गाड़ियां चलेंगी।
यात्री रेल गाड़ियों के संचालन में सोशल डिस्टेंसिग का पूरी तरह से पालन कराने के लिए हर कोच की सभी साइड बर्थ खाली रहेंगी। इसके अलावा, हर छह सीट को मिलाकर एक कैबिन बनाया जाएगा, और एक कैबिन में सिर्फ़ दो यात्री ही यात्रा कर पाएंगे। वहीं रेल ऑपरेशन के दायरे में आने वाले हर स्टेशन पर मामूली क़ीमत पर दस्ताने व मास्क यात्रियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। रेलवे स्टेशन और ट्रेन में सभी यात्रियों और रेलवे स्टाफ को मास्क लगाना अनिवार्य होगा।