भारतीयों की ग़लती से ही भारत में बढ़ा कम्युनिटी ट्रांसमिशन का ख़तरा!
यदि नहीं किया सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, तो भारत में कोरोना वायरस संक्रमण से हो सकते हैं हज़ारों लोग संक्रमित
APRIL 10 ( WTM) - चीन के वुहान शहर से उपजा और फैला कोरोना वायरस संक्रमण आज 200 से ज़्यादा देशों में फैल चुका है। इस लेख को लिखे जाने तक कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक पूरी दुनिया में 95,738 लोगो की मौत हो चुकी है। यूरोप के विकसित देश इटली में कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक सबसे ज़्यादा 18,279 लोग मारे जा चुके हैं। वहीं दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति अमेरिका में कोरोना वायरस से सबसे ज़्यादा 4,68,887 लोग संक्रमित हो चुके हैं।
जहां तक भारत की बात है, तो भारत में भी कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अभी तक भारत में 199 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 5,709 लोग अभी तक कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। वैसे भारत की विशाल जनसंख्या को देखते हुए कहा जा सकता है कि अभी तक की स्थिति में भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले नियंत्रित हैं। लेकिन एक रिपोर्ट के मुताबिक़, यदि सावधानी नहीं बरती गई, तो कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में भारत आने वाले समय में तीसरे चरण यानी कम्युनिटी ट्रांसमिशन पर पहुंच जाएगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ICMR (Indian Council of Medical Research) ने देश को भयानक ख़तरे के संकेत दिए हैं। दरअसल, पिछले कुछ हफ्तों में ICMR की ओर से देशभर के अलग-अलग ज़िलों से लिए गए कोरोना वायरस मरीजों के नमूनों और उनकी केस हिस्ट्री की जानकारी में जो आंकड़े सामने आए हैं, उससे देश में कम्युनिटी ट्रांसमिशन का ख़तरा तेज़ी से बढ़ रहा है। वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ICMR ने कुछ दिन पहले कहा था कि भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन का ख़तरा लगभग न के बराबर है।
ICMR की टीम ने 15 फरवरी और 2 अप्रैल के बीच COVID-19 से संक्रमित 5,911 मरीजों की जांच देश के 20 राज्यों और क्रेंद शासित प्रदेशों के 52 ज़िलों में की थी। जिसमें से 104 मरीज कोरोना वायरस संक्रमण पॉजिटिव पाए गए थे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ICMR को जांच में पता चला है कि इन कोरोना वायरस संक्रमण पॉजिटिव मरीजों में से 40 मरीजों ने कभी विदेश यात्रा नहीं की थी, और न ही इनका किसी भी तरह का संबंध कभी किसी विदेशी यात्री से रहा था। ICMR के मुताबिक़, 15 राज्यों के 36 ज़िलों में ऐसे मरीजों में कोरोना का संक्रमण देखने को मिला जिनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं थी।
लेकिन इससे पहले, कोरोना वायरस संक्रमण के ख़तरे को लेकर ICMR ने 14 मार्च को अपनी रिपोर्ट दी थी, तब उसने कम्युनिटी ट्रांसमिशन के ख़तरे को पूरी तरह से नकार दिया था, लेकिन ICMR द्वारा अभी जो रिपोर्ट सरकार को सौंपी गई है, उसमें साफ़ तौर पर आशंका ज़ाहिर की गई है कि भारत पर कोरोना वायरस संक्रमण का कम्युनिटी ट्रांसमिशन का ख़तरा बढ़ रहा है।
लेकिन यदि ऐसा होता है, तो इसके लिए पूर्ण रूप से भारतीय ही ज़िम्मेदार होंगे। जैसा कि आप जानते हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन जारी है। सरकार लोगों से अपील कर रही है कि लोग घरों में ही रहें। लेकिन फिर भी लोग बिना किसी कारण के घर से निकल रहे हैं। सरकार द्वारा समझाने के बाद भी लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी का कोई ठोस इलाज नहीं मिल पाया है। ऐसे में इस संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए घरों में रहकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना सबसे ज़्यादा ज़रूरी है। अभी भी समय है कि कोरोना वायरस संक्रमण को गंभीरता से लेते हुए हम भारतीय सोशल डिस्टेंसिंग पालन करें। क्योंकि यदि भारत कोरोना वायरस संक्रमण के कम्युनिटी ट्रांसमिशन स्टेज पर पहुंचा, तो देश में इस महामारी से हज़ारों लोग की जान जा सकती है।