कोरोना वायरस संक्रमण से बचने पीपुल्स हॉस्पिटल का सराहनीय प्रयास, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए किया जा रहा मरीज़ों का उपचार और प्रबंधन
COVID-19 संक्रमण के कारण मरीज़ों के लिए पीपुल्स हॉस्पिटल ने उठाए कई ज़रूरी क़दम
APRIL 14 (WTN) - जैसा कि आप जानते ही हैं कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण (COVID-19) के रोगियों की संख्या देश में बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में भोपाल स्थित पीपुल्स हॉस्पिटल ने इस अनियंत्रित स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए कमर कस ली है। COVID-19 के ख़िलाफ़ निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए पीपुल्स हॉस्पिटल ने एक व्यापक और एकीकृत प्रतिक्रिया योजना शुरू की है।
मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अपनी तरह की पहली पहल में, पीपुल्स हॉस्पिटल ने मरीज़ों और डॉक्टर्स के लिए 'Social Distancing' की अवधारणा शुरू की है। अस्पताल ने मरीज़ों के उपचार के लिए उन्हें घर से ही देखने के लिए रणनीतियां विकसित की हैं। ऐसा होने से मरीज़ों को लॉकडाउन के दौरान इलाज़ के लिए हॉस्पिटल आने की ज़रूरत नहीं है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब पीपुल्स हॉस्पिटल के डॉक्टर्स मरीज़ों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए सम्वाद कर रहे हैं और उनका इलाज कर रहे हैं। दरअसल, ऐसा करना से मरीज़ और डॉक्टर्स दोनों ही कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित होने से बच रहे हैं। पीपुल्स हॉस्पिटल के डॉक्टर्स 24 घण्टे मरीज़ों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए चिकित्सा परामर्श दे रहे हैं, जिसका लाभ मरीज़ों को मिल रहा है। पीपुल्स हॉस्पिटल के इन प्रयासों से आपात स्थिति में भी मरीज़ों को समय पर इलाज मिल पा रहा है।
पीपुल्स ग्रुप के अध्यक्ष और पीपुल्स विश्वविद्यालय के चांसलर सुरेश एन विजयवर्गीय के अनुसार, "पीपुल्स हॉस्पिटल ने मरीज़ों और डॉक्टर्स की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दिखाते हुए प्रौद्योगिकी के साथ समझौता किया है। मरीज़ों के साथ सम्वाद स्थापित करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की पहल की गई है। वैश्विक महामारी COVID-19 के ख़िलाफ़ जारी लड़ाई में मरीज़ों और डॉक्टर्स की सुरक्षा निश्चित करना हमारा पहला और बड़ा कर्तव्य है"
वहीं पीपुल्स विश्वविद्यालय की डायरेक्टर मेघा विजयवर्गीय का इस बारे में कहना है, 'वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण लोगों में डर का माहौल है। मरीज़ों का इलाज कर रहे डॉक्टर्स पर भी ख़ुद को सुरक्षित रखने का काफ़ी दबाव है। ऐसे में कोरोना वायरस संक्रमण से मरीज़ों और डॉक्टर्स को सुरक्षित और स्वस्थ रखने के लिए मरीज़ों और डॉक्टर्स के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए सम्वाद की व्यवस्था की गई है। हमारी इन कोशिशों से डॉक्टर्स और रोगियों के बीच दूरी बनाए रखने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेसिंग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हमें पूरी उम्मीद है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के कारण डॉक्टर्स संक्रमण के डर के बिना अधिक कुशलता से मरीज़ों का इलाज जारी रख पाएंगे।"
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मरीज़ों की देखभाल और उपचार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से करने के लिए हॉस्पिटल के सभी कर्मचारियों को बाकायदा ट्रेंनिंग दी गई है जिससे मरीज़ों के साथ संवेदनशील तरीक़े से व्यवहार किया जा सके। इस पूरी व्यवस्था के लिए हॉस्पिटल में एक कोर टीम बनाई गई है। बता दें कि पीपुल्स हॉस्पिटल में डॉक्टर्स, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और हेल्थकेयर स्टाफ आपसी सम्वाद स्थापित करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं।
वीडियो कॉन्फ्रेसिंग का सही तरीक़े से इस्तेमाल किया जा सके इसके लिए पीपुल्स विश्वविद्यालय की आईटी टीम ने बुनियादी ढांचा तैयार किया है। साथ ही, सभी भूमिकाओं और जिम्मदारियों का वर्णन करने वाला एक संक्षिप्त दस्तावेज़ तैयार किया गया है जो कि क्लाउड पर भी उपलब्ध है जिससे हर कोई इसे इंटरनेट पर एक्सेस कर सके।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मीटिंग की जानकारी, प्रशिक्षण और अन्य जानकारियां भी क्लाउड पर उपलब्ध हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के इस दौर में पीपुल्स हॉस्पिटल की टीम उचित सामाजिक दूरी बनाए हुए है। इसी कारण से पीपुल्स हॉस्पिटल के डॉक्टर्स, मरीज़ और अस्पताल कर्मचारी आदि एक-दूसरे से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के ज़रिए सम्वाद स्थापित कर रहे हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पीपुल्स हॉस्पिटल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग / टेलीकांफ्रेंसिंग यूनिट की स्थापना हो चुकी है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग Zoom के माध्यम से है जिसके लिए मीटिंग आईडी या लिंक कॉल पर प्रदान की जाएगी। बता दें कि इसके लिए मरीज़ को कंप्यूटर / स्मार्ट फ़ोन की ज़रूरत सलाहकार के साथ बातचीत के लिए पड़ेगी।
बता दें कि टेलीकांफ्रेंसिंग टेलीफोन कनेक्शन के ज़रिए होती है, और इस की मदद से सलाहकार द्वारा उचित चिकित्सकीय परामर्श दिया जाता है जिसका लाभ कई व्यक्तियों द्वारा उठाया जा सकता है। पीपुल्स हॉस्पिटल के सुपरस्पेशल्टी के परामर्श कक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। विशेष वीडियो परामर्श सुबह 9 से शाम 4 बजे तक उपलब्ध है। वहीं चौबीसों घंटे आपातकालीन परामर्श भी दिया जा रहा है। इतना ही नहीं, मरीजों को एम्बुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। कोई भी मरीज या उनके परिजन फ़ोन नम्बर 07554005100 और 07554005253 पर कॉल कर किसी भी तरह की सुविधा का लाभ ले सकते हैं।