क्या आप जानते हैं कि हर वायरस नहीं होता है खतरनाक?
मनुष्य के शारिरिक विकास में कुछ वायरस होते हैं सहायक
APRIL 17 (WTN) - चीन के वुहान शहर से उपजा और फैला कोरोना वायरस संक्रमण हज़ारों लोगों की अभी तक जान ले चुका है। इस लेख को लिखे जाने तक, कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक पूरी दुनिया में 1,47,384 लोगों की मौत हो चुकी है। दुनिया में आज हर किसी की जुबान पर कोरोना वायरस की चर्चा हो रही है। कोरोना वायरस से हो रही संक्रमण की बीमारी के लिए वैक्सीन की खोज जारी है। ख़ैर, कोरोना वायरस की विभीषिका देखकर आपको लगता होगा की हर वायरस मनुष्य के लिए खतरनाक होता है, लेकिन ऐसा नहीं है।
आइये सबसे पहले आपको वायरस के बारे में जानकारी देते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वायरस बैक्टीरिया से 100 गुना छोटे होते हैं। वायरस इतने छोटे होते हैं कि इन्हें सामान्य माइक्रोस्कोप से नहीं देखा जा सकता है। दरअसल, वायरस जीव और निर्जीव के बीच की स्थिति में होते हैं। यदि वायरस को अनुकूल परिस्थितियां नहीं मिलती हैं, तो यह एक निर्जीव की तरह लम्बे समय तक पड़े भी रह सकते हैं और लम्बे समय तक पड़े रहने के बाद यह ख़त्म भी हो जाते हैं।
लेकिन यदि अनुकूल परिस्थितियां हों, तो वायरस ख़ुद के प्रतिरूप बनाने लग जाते हैं। जी हां, जब वायरस को मानवीय कोशिका के अन्दर अनुकूल परिस्थितियां मिलती हैं, तो ये ख़ुद के प्रतिरूप बनाना शुरू कर देते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि वायरस का अपना कोई कोशिका तंत्र नहीं होता, और वायरस अपने आप ही ख़ुद की संख्या को नहीं बढ़ा सकते। ऐसा इसलिए, क्योंकि वायरस केवल प्रोटीन में लिपटे एक DNA या RNA जीन्स मात्र होते हैं।
वैसे आमतौर पर माना जाता है कि वायरस मनुष्यों के लिए हमेशा ख़तरा ही होते हैं। दरअस्ल, सामान्य लोगों को उन्हीं वायरस के बारे में जानकारी होती है जो सामान्य सी सर्दी से लेकर किसी जानलेवा बीमारी का कारण बन गए हैं। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बहुत से वायरस ऐसे भी हैं जो मनुष्य में लम्बे समय से मौजूद हैं। बता दें कि इंसान में वायरस पहले से ही बड़ी संख्या में मौजूद रहते हैं। इन्हें सामूहिक रूप से ह्यूमन वायरोम (human Virome) कहा जाता है।
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि मनुष्य के शरीर में वायरस बनते रहते हैं और बदलते भी रहते हैं। विज्ञान की इतनी प्रगति के बाद भी अभी तक मनुष्य के शरीर में मौजूद सभी वायरस को नहीं पहचाना जा सका है। वायरस मनुष्य के शरीर के हर अंग में पाए जाते हैं, लेकिन इनमें से ज़्यादातर वायरस आमतौर पर नुकसानदायक नहीं होते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नए वायरस मनुष्य के इम्यून सिस्टम को बेहतर बनने में मदद करते हैं। इसी कारण से हमारा इन्यून सिस्टम इनसे लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता विकसित करता है।
देखा गया है कि कई बार इन वायरस से लड़ते हुए हमारा इम्यून सिस्टम खतरनाक वायरस से भी लड़ने में सक्षम हो जाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि वायरसों ने कई बार मनुष्य प्रजाति को नुकसान तो पहुंचाया है, लेकिन कई बार कई वायरसों ने हमारे विकास में भी मदद की है। मनुष्य शरीर में लगातार बनते कुछ वायरस के कारण ही मनुष्यों का इम्यून सिस्टम वायरस से बेहतर जूझ सकने में धीरे-धीरे सक्षम हो रहा है।
वहीं कई वायरस तो हमारे शरीर की आंतरिक प्रक्रियाओं का हिस्सा बन गए हैं। मनुष्यों के अंदर के वायरस वैज्ञानिकों के लिए शोध के कई अवसर प्रदान करते हैं। कई बार मनुष्यों के शरीर मे मौजूद वायरस का अध्ययन करने से बड़ी बीमारी के सामने आने से पहले ही वैज्ञानिकों को जानकारी हासिल हो जाती है जिससे बीमारी का इलाज खोजने में मदद मिल जाती है। तो अब आप जान गए होंगे कि हर वायरस खतरनाक और जानलेवा नहीं होता है।