एक रिपोर्ट का दावा; 15 मई के बाद भारत में कम होता जाएगा कोरोना वायरस संक्रमण का असर
Thursday - April 23, 2020 5:35 pm ,
Category : WTN HINDI
अनुशासन से ही नियंत्रित होगा कोरोना वायरस संक्रमण
यदि लॉकडाउन का किया सख़्ती से पालन, तो जल्द मिल सकती है कोरोना वायरस महामारी से आज़ादी
APRIL 23 (WTN) - जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण इस समय मानव सभ्यता के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। चीन के वुहान शहर से उपजी और फैली कोरोना वायरस संक्रमण की बिमारी 200 से ज़्यादा देशों के लोगों को संक्रमित कर चुकी है। इस लेख को लिखे जाने तक, कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अभी तक पूरी दुनिया में क़रीब 1,85,156 लोगों की मौत हो चुकी है। जहां तक भारत का सवाल है, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अभी तक भारत में 681 लोगों की मौत हो चुकी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता और रणनीति के कारण ही अन्य देशों की तुलना में भारत में कोरोना वायरस संक्रमण का क़हर काफ़ी कम है।
भारत में कोरोना वायरस संक्रमण महामारी पर काफ़ी हद तक नियंत्रण लॉकडाउन के कारण ही संभव हो पाया है। इस समय जबकि कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी की वैक्सीन पर शोध जारी है, लॉकडाउन और सामाजिक दूरी ही संक्रमण की इस बीमारी को फैलने से बचा सकती है। लेकिन इस सबके बीच, सबसे बड़ा सवाल यह है कि आख़िर कब तक इस महामारी का प्रकोप भारत से कम होगा?
भारत से कोरोना वायरस संक्रमण के ख़ात्मे को लेकर अब एक सकारात्मक ख़बर सामने आई है। दरअसल, एक अध्ययन में दावा किया गया है कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 15 मई के आसपास चरम पर होंगे, लेकिन इसके बाद भारत में कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमितों मरीज़ों की संख्या धीरे-धीरे कम होने लगेगी।आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी के फैलाव पर ग्लोबल कंसल्टिंग फर्म प्रोटिविटी और टाइम्स नेटवर्क ने साझा अध्ययन की एक रिपोर्ट टाइम्स फैक्ट इंडिया के साथ तैयार की है।
इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए तीन अलग-अलग तरीक़ों का इस्तेमाल किया गया है। रिपोर्ट तैयार करने के लिए प्रतिशत आधारित, समय आधारित और संदिग्ध और ठीक होने वाले मरीज़ों की संख्या पर आधारित (SERI) मॉडल का इस्तेमाल किया गया है। SERI मॉडल के अध्ययन से पता चलता है कि कोरोना वायरस संक्रमण महामारी भारत में अगस्त़ 2020 तक बनी रह सकती है। लेकिन वे राज्य जहां पर कोरोना वायरस संक्रमण की बीमारी इस समय नियंत्रण में है, मई के अंत या जून की शुरुआत तक इस संकट से उबर सकते हैं। वहीं, जिन राज्यों में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ों की संख्या ज़्यादा है, ऐसे राज्यों को वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से उबरने में 30 दिन और ज़्यादा लग सकते हैं।
इधर, रिपोर्ट में अध्ययन के आधार पर दावा किया गया है कि 22 मई तक भारत में कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित मरीज़ों की संख्या 75 हज़ार से ज़्यादा हो सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मई की शुरुआत में देश में कोरोना वायरस संक्रमण के पॉजिटिव केस की संख्या 30,000 से कुछ अधिक हो सकती है, जो कि सबसे ख़राब हालत में 2,86,000 तक पहुंच सकती है। इनमें से क़रीब 30 प्रतिशत मरीजों को इलाज के लिए ICU वार्ड में भर्ती करने की ज़रूरत पड़ सकती है।
बता दें कि शोधकर्ताओं ने संक्रमण के मामले में टॉप 8 राज्यों और टॉप 3 हॉटस्पॉट के साथ पूरे देश के डाटा का विश्लेषण किया है। इस अध्ययन रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सिर्फ़ दो ही परिस्थितियों में कोरोना वायरस संक्रमण के पॉजिटिव मामलों की संख्या शून्य हो सकती है। पहला यह कि लॉकडाउन 3 मई के बाद भी 15 मई तक जारी रहे। यदि लॉकडाउन आगे बढ़ाया जाता है, तो कोरोना वायरस संक्रमण की री-प्रोडक्शन दर 0.8 रहेगी। ऐसे में कोरोना वायरस संक्रमण के पॉजिटिव मामलों की संख्या 15 सितंबर तक शून्य हो सकती है। वहीं, यदि लॉकडाउन को 30 मई तक बढ़ाया जाता है, तो 15 जून तक कोरोना वायरस संक्रमण के मामले शून्य होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट में साफ़ कहा गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण को मात देने के लिए एक सख्त लॉकडाउन और नियंत्रण उपायों की बेहद ज़रूरत है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण पर यदि जल्द से जल्द क़ाबू पाना है, तो लॉकडाउन को 3 मई के बाद भी जारी रखना चाहिए, और इस बार लॉकडाउन में सख़्ती बरतना काफ़ी ज़रूरी है। तो हमारा आपसे अनुरोध है कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचने और उसे फैलने से रोकने के लिए लॉक डाउन का सख़्ती से पालन करें तभी हमारा देश जल्द से जल्द कोरोना वायरस संक्रमण महामारी से मुक्त हो सकेगा।
APRIL 23 (WTN) - जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण इस समय मानव सभ्यता के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। चीन के वुहान शहर से उपजी और फैली कोरोना वायरस संक्रमण की बिमारी 200 से ज़्यादा देशों के लोगों को संक्रमित कर चुकी है। इस लेख को लिखे जाने तक, कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अभी तक पूरी दुनिया में क़रीब 1,85,156 लोगों की मौत हो चुकी है। जहां तक भारत का सवाल है, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अभी तक भारत में 681 लोगों की मौत हो चुकी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता और रणनीति के कारण ही अन्य देशों की तुलना में भारत में कोरोना वायरस संक्रमण का क़हर काफ़ी कम है।
भारत में कोरोना वायरस संक्रमण महामारी पर काफ़ी हद तक नियंत्रण लॉकडाउन के कारण ही संभव हो पाया है। इस समय जबकि कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी की वैक्सीन पर शोध जारी है, लॉकडाउन और सामाजिक दूरी ही संक्रमण की इस बीमारी को फैलने से बचा सकती है। लेकिन इस सबके बीच, सबसे बड़ा सवाल यह है कि आख़िर कब तक इस महामारी का प्रकोप भारत से कम होगा?
भारत से कोरोना वायरस संक्रमण के ख़ात्मे को लेकर अब एक सकारात्मक ख़बर सामने आई है। दरअसल, एक अध्ययन में दावा किया गया है कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 15 मई के आसपास चरम पर होंगे, लेकिन इसके बाद भारत में कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमितों मरीज़ों की संख्या धीरे-धीरे कम होने लगेगी।आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी के फैलाव पर ग्लोबल कंसल्टिंग फर्म प्रोटिविटी और टाइम्स नेटवर्क ने साझा अध्ययन की एक रिपोर्ट टाइम्स फैक्ट इंडिया के साथ तैयार की है।
इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए तीन अलग-अलग तरीक़ों का इस्तेमाल किया गया है। रिपोर्ट तैयार करने के लिए प्रतिशत आधारित, समय आधारित और संदिग्ध और ठीक होने वाले मरीज़ों की संख्या पर आधारित (SERI) मॉडल का इस्तेमाल किया गया है। SERI मॉडल के अध्ययन से पता चलता है कि कोरोना वायरस संक्रमण महामारी भारत में अगस्त़ 2020 तक बनी रह सकती है। लेकिन वे राज्य जहां पर कोरोना वायरस संक्रमण की बीमारी इस समय नियंत्रण में है, मई के अंत या जून की शुरुआत तक इस संकट से उबर सकते हैं। वहीं, जिन राज्यों में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ों की संख्या ज़्यादा है, ऐसे राज्यों को वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से उबरने में 30 दिन और ज़्यादा लग सकते हैं।
इधर, रिपोर्ट में अध्ययन के आधार पर दावा किया गया है कि 22 मई तक भारत में कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित मरीज़ों की संख्या 75 हज़ार से ज़्यादा हो सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मई की शुरुआत में देश में कोरोना वायरस संक्रमण के पॉजिटिव केस की संख्या 30,000 से कुछ अधिक हो सकती है, जो कि सबसे ख़राब हालत में 2,86,000 तक पहुंच सकती है। इनमें से क़रीब 30 प्रतिशत मरीजों को इलाज के लिए ICU वार्ड में भर्ती करने की ज़रूरत पड़ सकती है।
बता दें कि शोधकर्ताओं ने संक्रमण के मामले में टॉप 8 राज्यों और टॉप 3 हॉटस्पॉट के साथ पूरे देश के डाटा का विश्लेषण किया है। इस अध्ययन रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सिर्फ़ दो ही परिस्थितियों में कोरोना वायरस संक्रमण के पॉजिटिव मामलों की संख्या शून्य हो सकती है। पहला यह कि लॉकडाउन 3 मई के बाद भी 15 मई तक जारी रहे। यदि लॉकडाउन आगे बढ़ाया जाता है, तो कोरोना वायरस संक्रमण की री-प्रोडक्शन दर 0.8 रहेगी। ऐसे में कोरोना वायरस संक्रमण के पॉजिटिव मामलों की संख्या 15 सितंबर तक शून्य हो सकती है। वहीं, यदि लॉकडाउन को 30 मई तक बढ़ाया जाता है, तो 15 जून तक कोरोना वायरस संक्रमण के मामले शून्य होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट में साफ़ कहा गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण को मात देने के लिए एक सख्त लॉकडाउन और नियंत्रण उपायों की बेहद ज़रूरत है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण पर यदि जल्द से जल्द क़ाबू पाना है, तो लॉकडाउन को 3 मई के बाद भी जारी रखना चाहिए, और इस बार लॉकडाउन में सख़्ती बरतना काफ़ी ज़रूरी है। तो हमारा आपसे अनुरोध है कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचने और उसे फैलने से रोकने के लिए लॉक डाउन का सख़्ती से पालन करें तभी हमारा देश जल्द से जल्द कोरोना वायरस संक्रमण महामारी से मुक्त हो सकेगा।