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एक अमेरिकी रिसर्च का दावा, सूरज की किरणों में कुछ ही मिनटों में ख़त्म हो जाता है कोरोना वायरस

Friday - April 24, 2020 5:27 pm , Category : WTN HINDI
जारी हैं कोरोना वायरस संक्रमण पर रिसर्च
जारी हैं कोरोना वायरस संक्रमण पर रिसर्च

वैज्ञानिकों को उम्मीद, गर्मी में कम हो जाएगी कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की रफ़्तार

APRIL 24 (WTN) - चीन के वुहान शहर से उपजा और फैला कोरोना वायरस संक्रमण इस समय मानव सभ्यता के अस्तित्व पर सबसे बड़ा ख़तरा है। चीन की वामपंथी सरकार की ग़लती, लापरवाही और हठधर्मिता के कारण ही कोरोना वायरस संक्रमण 200 से ज़्यादा देशों के नागरिकों को संक्रमित कर चुका है। इस लेख को लिखे जाने तक, कोरोना वायरस संक्रमण से पूरी दुनिया में अभी तक क़रीब 1,91,791 लोगों की मौत हो चुकी है। वैसे तो कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी की वैक्सीन और दवा खोजने का काम जारी है, लेकिन अभी तक चिकित्सकों और वैज्ञानिकों के प्रयासों को इस दिशा में सफलता हासिल नहीं हो सकी है।

इस सबके बीच, कई तरह के शोध और अध्ययन में कोरोना वायरस संक्रमण के ख़ात्मे को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। वहीं, आम लोगों के मन में भी तरह-तरह के सवाल कोरोना वायरस को लेकर उमड़ रहे हैं। कोरोना वायरस को लेकर लोगों का सबसे बड़ा सवाल है कि ​क्या गर्मी में वायरस का संक्रमण अपने आप ख़त्म हो जाता है?

कोरोना वायरस और गर्मी के बीच क्या संबंध हैं? इस पर वैज्ञानिकों का अलग-अलग मत है। इस सबके बीच, अमेरिका में हुए एक रिसर्च में दावा किया गया है कि सूरज की किरणों के सम्पर्क में आते ही कोरोना वायरस का ख़त्म हो सकता है। 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका में होमलैंड सिक्योरिटी के साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के एडवाइजर विलियम ब्रायन ने व्हाइट हाउस में मीडिया से चर्चा के दौरान बताया, "वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च में पाया है कि सूरज की किरणों का पैथोगेन पर सम्भावित असर दिखाई देता है। हालांकि, यह कहना ग़ैर-ज़िम्मेदाराना होगा कि गर्मी में कोरोना वायरस पूरी तरह से ख़त्म हो जाएगा।"

दरअसल, अमेरिकी वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में पाया है कि सूरज की किरणें ज़मीनी सतह और हवा में मौजूद इस कोरोना वायरस को मारने की क्षमता रखती हैं। विलियम ब्रायन ने मैरीलैंड स्थित नेशनल बायोडिफेंस एनालिसिस एंड काउंटर मेजर्स सेंटर की रिसर्च को प्रस्तुत करते हुए बताया कि 21 से 24 डिग्री सेल्सियस तापमान में क़रीब 18 घंटे में वायरस का असर आधा हो गया।

रिसर्च के दौरान वैज्ञानिकों ने दरवाज़ों के हैंडल और स्टेनलेस स्टील पर भी इसी तरह कोरोना पर असर देखा। वैज्ञानिकों के मुताबिक़ जब तापमान चार गुना तक बढ़ा दिया गया, तो कोरोना वायरस संक्रमण सिर्फ़ 6 घंटे में ही ख़त्म हो गया। इसके बाद जब इसी परीक्षण को सूरज की किरणों के बीच किया गया, तो सूरज की किरणों में कोरोना वायरस सिर्फ़ दो मिनट में ही ख़त्म हो गया। वहीं, शोध में पाया गया कि हवा में कोरोना वायरस सिर्फ़ डेढ़ मिनट में ही ख़त्म हो गया।

लेकिन विलियम ब्रायन ने इस बारे में चेतावनी देते कहा है, "किसी को भी इस भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि सूरज की किरणों मात्र से ही कोरोना वायरस संक्रमण ख़त्म हो जाएगा। कोरोना वायरस संक्रमण को ख़त्म करने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और बचाव के अन्य तरीक़ों का पालन करना भी काफ़ी ज़रूरी है। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो इसके गम्भीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।"

अमेरिका में हुए रिसर्च के बाद लोगों को उम्मीद है कि तेज़ गर्मी फैलने पर कोरोना वायरस संक्रमण तुलनात्मक रूप से कम फैलेगा। जहां तक भारत की बात है, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मई के महीने में भारत में काफ़ी तेज़ गर्मी पड़ती है। ऐसे में अमेरिका में हुए रिसर्च के आधार पर यह आशा की जा सकती है कि गर्मी के कारण संक्रमण फैलने की रफ़्तार कम हो। लेकिन फिर भी, जब तक कोरोना वायरस संक्रमण की दवा और वैक्सीन का सफल परीक्षण नहीं हो जाता, तब तक कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए सामाजिक दूरी बनाए रखना और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना बेहद ज़रूरी है।