यूएसए, इंग्लैंड, मलेशिया के पेशेवर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में देंगे टिप्स, पीपुल्स यूनिवर्सिटी कर रही कॉन्फ्रेंस का आयोजन
पीपुल्स यूनिवर्सिटी की विद्यार्थियों और टीचिंग स्टाफ के लिए अनोखी पहल
MAY 12 (WTN) - COVID-19 संकट दुनियाभर के कई उद्योगों को काफी बदल सकता है और ऐसा ही कुछ वैश्विक दृष्टिकोण शिक्षा में भी कदम रख रहा है। शिक्षण संस्थानों को अपने माध्यमों को अनुकूलित करने और बदलने की आवश्यकता है, ताकि युवा शिक्षार्थियों को बेहतर तैयारी करने में सक्षम बनाया जा सके, जो कि भविष्य में कोविद 19 युग के बाद नए दौर का सामना करेंगे। उसी तर्ज पर, पीपुल्स यूनिवर्सिटी, भोपाल, यूएसए, यूके, मलेशिया और भारत के पेशेवरों के विचार-विमर्श के साथ "शिक्षा और कॉर्पोरेट परिदृश्य में हालिया रुझान" पर 2 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ़्रेन्स का आयोजन कर रहा है।
श्री अनिल बत्रा, प्रबंध निदेशक, Optizent, सिएटल, यूएसए, श्री दीपक चौहान - Google क्लाउड व्यवसाय के प्रमुख, एचसीएल (यूरोप); श्री आनंद सिंह, कंप्यूटर विज्ञान के स्कूल, विज्ञान विश्वविद्यालय, मलेशिया; आईबीएम, भारत से श्री हरि रामसुब्रमण्यम; श्री सुरजीत सिंह कायथ - टाइम्स ग्रुप, दिल्ली 14 और 15 मई, 2020 को होने वाले इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान प्रमुख वक्ता होंगे। हाल ही में कोरोना वायरस से संबंधित व्यवधान ने लोगों को विश्वविद्यालय में शैक्षिक पहलुओं पर पुनर्विचार करने का एक समय दिया है।
पीपुल्स ग्रुप की निदेशक मेघा विजयवर्गीय का कहना है, "टेक्नोलॉजी ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नवीन प्रकार से कदम रखा है, और भविष्य की पीढ़ियों को शिक्षित करने में टेक्नोलॉजी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी। इस बारे में People’s University सजग है और टेक्नोलॉजी का उपयोग शिक्षा में निरंतर करता रहेगा"
आगे वो कहती हैं, "वर्तमान शताब्दी में ज्ञान प्रसार के स्रोतों की कोई सीमा नहीं है, हम समझते हैं कि हर माध्यम से स्टूडेंट्स तक शिक्षा पहुँचना होगा। हम एक शिक्षण संस्थान के रूप में अपनी भूमिका को फिर से परिभाषित कर रहे हैं। COVID संकट के दौरान, हम व्यापक रूप से शिक्षा के ऑनलाइन माध्यम से छात्रों तक पहुँचे है । शिक्षा का स्तर और प्रभावशाली बनाया है । People’s Hospital के डॉक्टर, यूनिवर्सिटी के शिक्षक और छात्रों COVID-19 के रोकथाम के लिये अपना सामाजिक दायत्व निरंतर निभा रहे हैं।"
पीपुल्स यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ राजेश कपूर का इस बारे में कहना है, "भविष्य के प्रोफेशनल के लिए जीवन कौशल को सिखाना भी आवश्यक है। यही कारण है कि हम इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान छात्रों को इस बदलते वैश्विक परिवेश के लिए संवेदनशील बना रहे हैं। युवाओं को लचीलापन और बहुमुखी क्षमता की आवश्यकता होती है। यह सेमिनार उनको इसके लिये सजग बनाएगा "
प्रोफेसर अखिलेश मित्तल, डीन अकादमिक अफेयर्स और डॉ डीके राजोरिया, प्रिंसिपल पीपुल्स इंजीनियरिंग कॉलेज की राय है कि कुछ सबसे महत्वपूर्ण कौशल जो विश्व स्तर पर ज़रूरी होंगे, वह है रचनात्मकता, कम्यूनिकेशन और इमोशनल इंटेलिजेन्स । यह सेमिनार छात्रों को वैश्विक सांस्कृतिक पहलुओं में अन्तर से अवगत कराएगा। इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन से 1500 से अधिक छात्र लाभान्वित होंगे।