लॉकडाउन की नियमित दिनचर्या आगे भी अपनाने से कम होगी हार्ट अटैक की आशंका
संतुलित जीवन शैली अपना कर दूर रह सकते हैं हार्ट अटैक के खतरे से
MAY 16 (WTN) - पीपुल्स हॉस्पिटल, भानपुर के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर स्वप्निल गर्दे के अनुसार कोविड-19 के द्वारा देशव्यापी लॉकडाउन में जहां हर तरफ से नकारात्मक समाचार प्राप्त हो रहे है, वहीं अच्छी खबर है कि इस दौरान हार्ट अटैक के मामलों में भारी गिरावट आई है।
इस विषय में डॉक्टर स्वप्निल का कहना है ,इस दौरान अधिकतर सभी ने संतुलित जीवन शैली अपनाई है। लॉकडाउन के दौरान ज्यादातर लोग घर से ही सुविधा अनुसार कार्य कर रहे हैं, ऐसे मैं उन्हें काम के साथ-साथ आराम का भी समय प्राप्त हो जाता है। ऐसे में ऑफिस या दुकान जाने की हड़बड़ी, ट्रैफिक जाम, और तनावपूर्ण मीटिंग से भी राहत प्राप्त लोगों को मिली हुई है। यही तनाव या हड़बड़ी ब्लड वेसल को प्रभावित करते हैं और हार्टअटैक का मुख्य कारण बनते हैं।
लॉकडाउन के दौरान वाहन एवं फैक्ट्रियों से होने वाले वायु प्रदूषण मैं काफी कमी आई है। इस दौरान लोगों की स्मोकिंग एवं ड्रिंकिंग की आदत में भी भारी कमी आई है। वहीं इस दौरान लोगों की खाने पीने की आदतों में भी बहुत सुधार हुआ है। लॉकडाउन के दौरान लोग घर का बना साफ सुथरा अच्छे तेल घी का बना हुआ भोजन प्राप्त कर रहे हैं एवं भोजन का समय भी बहुत हद तक नियमित हो गया है।
कोविड-19 के कारण लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ गई है। अधिकतर सभी लोगों ने योगा, व्यायाम, प्राणायाम को अपनी नियमित दिनचर्या में शामिल कर लिया है जिससे रक्त संचार सुचारू हुआ है एवं हार्ट अटैक की आशंका कम हुई है। पीपुल्स हॉस्पिटल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर स्वप्निल गर्दे का कहना है कोरोना एक महामारी है, पर उससे डरने की जरूरत नहीं है, अपना मानसिक संतुलन बनाए रखें, सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करें, क्योंकि बचाव ही इसका उपचार है।