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सावधान! कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के बोलने से भी फैल सकता है कोरोना वायरस

Saturday - May 16, 2020 5:00 pm , Category : WTN HINDI
बोलने पर क़रीब 8 मिनट तक हवा में रह सकते हैं ड्रॉपलेट्स
बोलने पर क़रीब 8 मिनट तक हवा में रह सकते हैं ड्रॉपलेट्स

शोध का दावा: बोलते वक़्त मुंह से निकले ड्रॉपलेट्स भी फैला सकते हैं कोरोना वायरस

MAY 16 (WTN) - कोरोना वायरस संक्रमण के मामले हर दिन बढ़ते ही जा रहे हैं। अभी तक पूरी दुनिया में 46 लाख से ज़्यादा लोग कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित हो चुके हैं, वहीं 3 लाख से ज़्यादा लोग अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण से मारे जा चुके हैं। जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण फ़ैलने के तरीकों पर कई तरह के शोध हो रहे हैं। इसी कड़ी में एक नए शोध में दावा किया गया है कि किसी व्यक्ति के जोर से बात करने पर उसके मुंह से निकलने वाले हजारों ड्रॉपलेट्स क़रीब 14 मिनट तक हवा में टिके रह सकती हैं और यही ड्रॉपलेट्स कोरोना वायरस संक्रमण फ़ैलने का एक बड़ा कारण हो सकती हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सामान्‍य तरीके से बात करने पर सांस के साथ बाहर निकलने वाले रेस्पिरेटरी ड्रॉपलेट्स क़रीब 8 मिनट तक हवा में रह सकते है। शोध का दावा है कि भीड़ भाड़ वाली जगहों पर कोरोना वायरस संक्रमित लोगों के बोलने से भी कोरोना वायरस संक्रमण फैल सकता है।

जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण के फैलने में छींकने और खांसने को अभी तक सबसे ज़्यादा ज़िम्मेदार माना जा रहा है। लेकिन अब इस शोध के आधार पर कहा जा सकता है कि कोरोना वायरस से संक्रमित व्‍यक्ति बोलते वक़्त भी कोरोना वायरस संक्रमण को फैला सकता है।

रेस्पिरेटरी ड्रॉपलेट्स पर यह शोध रिपोर्ट नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज और पेंसिलवेनिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेस के एक प्रयोग पर आधारित है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक़, ज़ोर से बोलने वाला व्‍यक्ति एक मिनट में कम से कम 1,000 ड्रॉपलेट्स निकलता है, और इनके अंदर वायरस भी हो सकता है। एक संक्रमित व्‍यक्ति बोलने पर एक मिनट में 1,00,000 से भी ज्‍यादा संक्रमित ड्रॉपलेट्स हवा में छोड सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि शोधकर्ताओं ने यह अध्‍ययन लैब के अंदर के माहौल में किया था और अध्‍ययन में वास्‍तविक मौसम की तरह तापमान और आर्द्रता में होने वाले बदलाव का ध्‍यान नहीं रख गया था।

वैसे इस शोध में यह पाया गया है कि छोटे रेस्पिरेटरी ड्रॉपलेट्स में संक्रमण फैलाने के पर्याप्त कण हो सकते हैं। हालांकि, शोधकर्ताओं के अनुसार, साफ़ तौर पर यह नहीं कहा जा सकता है कि ड्रॉपलेट्स के कारण कोरोना वायरस फैल रहा है। लेकिन जो लोग फेस मास्क नहीं पहनते हैं, उन लोगों के संक्रमित होने का खतरा ज़रा ज़्यादा है।

साफ है कि कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति छींकने और खांसने के अलावा बोलने पर भी कोरोना वायरस से हज़ारों की तादात में संक्रमित ड्रॉपलेट्स फैला सकता है। ऐसे में हमारी आपको सलाह है कि घर से बाहर निकलते समय नाक और मुंह को अच्छी तरह से ढक कर रखें जिससे कोरोना वायरस संक्रमण से ग्रसित व्यक्ति के संपर्क में आने पर आप उसके खांसने छींकने और बोलने के द्वारा फैल रहे कोरोना वायरस संक्रमण से बच सकें।