पेट का मर्ज हो तो कोरोना में मरीज को हो जाता है डायरिया: डॉक्टर सी.सी. चौबल
डॉक्टर सी.सी. चौबल की सलाह; कोरोना वायरस से डरना नहीं बल्कि लड़ना है
MAY 19 (WTN) - पीपुल्स हॉस्पिटल भानपुर के उदर रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सी.सी. चौबल जो मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के प्रथम डीएम गेस्टो केयर हैं, पिछले 40 सालों से पेट से जुड़े रोगों के मरीजों को स्वस्थ करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। डॉक्टर चौबल के अनुसार, कोरोनावायरस SARS Cov- 2 वायरस है, जिसे कोविड-19 का नाम दिया गया है, इस वायरस से संक्रमण जल्दी फैलता है इसके प्रारंभिक लक्षण हैं तेज बुखार आना जो कि 102 डिग्री से 105 डिग्री तक भी जाता है। इसमें सूखी खांसी भी होती है और उसके बाद सांस फूलने लगती है। इस संक्रमण का जितनी जल्दी पता चल जाए उतना अच्छा है।
डॉक्टर चौबल के अनुसार, कोविड-19 संक्रमण से समाज को डरना नहीं चाहिए क्योंकि इस संक्रमण की वजह से हॉस्पिटल में भर्ती होने की दर मात्र 20% है एवं मृत्यु दर मात्र 3% है। इस संक्रमण की अभी कोई दवाई नहीं बनी है पर अलग-अलग देशों में भिन्न-भिन्न दवाइयों से उपचार हो रहा है एवं उसमें सफलता भी प्राप्त हो रही है।
डॉक्टर चौबल के अनुसार, उदर रोग के मरीजों को इस संक्रमण की वजह से डायरिया भी हो जाता है एवं उनके stool में भी यह वायरस पाया जाता है इसलिए इसके मरीजों को पब्लिक टॉयलेट का उपयोग नहीं करना चाहिए। इस संक्रमण के विषय में डॉक्टर चौबल की सलाह है कि बचाव ही सबसे अच्छा उपचार है क्योंकि यह बीमारी आपके घर नहीं आती है आप इस बीमारी को अपने घर लाते हैं।
डॉक्टर चौबल की सलाह है कि हम सभी को अपने हाथों को नियमित तौर पर सेनेटाइजर या साबुन से धोना चाहिए। डॉक्टर चौबल के अनुसार, साबुन से हाथ धोना ज्यादा लाभदायक है क्योंकि सेनेटाइजर महंगे भी होते हैं साथ ही बाजार में नकली सेनेटाइजर भी उपलब्ध है जिसमें 60% अल्कोहल नहीं होता है।
डॉक्टर चौबल का कहना है कि हमारे घर में आ रही रोज की जरूरत की वस्तुएं जैसे फल, सब्जी, दूध के पैकेट, किराने के सामान के पैकेट को हमें पहले एक पानी के बर्तन में जिसमें मीठा सोडा मिला हो उसमें डालना चाहिए और उसके पश्चात ही हमें उसका उपयोग करना चाहिए।
डॉक्टर चौबल की सलाह है कि हम सभी को नियमित रूप से योग, प्राणायाम एवं हल्की एक्सरसाइज करना चाहिए। हमें यदि बहुत जरूरी हो तो ही घर से बाहर निकलना चाहिए, और घर से निकलते समय शरीर के ऊपर कम से कम आभूषणों का प्रयोग करना चाहिए। वहीं कार्यस्थल पर टेबल और कुर्सी को नियमित तौर पर सेनेटाइजर से साफ करके ही उपयोग करना चाहिए।
डॉक्टर चौबल का कहना है हम सभी को इस वायरस के साथ जीने की आदत डाल लेना चाहिए। हमें इस वायरस से डरना नहीं बल्कि लड़ना है एवं हम सभी को शासन द्वारा नियमित तौर पर जारी गाइडलाइन का ईमानदारी से पालन करना चाहिए।