माउथवॉश से कोरोना वायरस के खतरे के कम होने पर जारी हैं रिसर्च: डॉक्टर संजीव त्यागी
कोरोना वायरस संक्रमण में कारगर साबित हो सकता है माउथवॉश; शोध जारी
MAY 19 (WTN) - कोरोना वायरस संक्रमण के दौर में कई तरह के रिसर्च हो रहे हैं। इन्हीं में से कुछ रिसर्च में दावा किया जा रहा है कि माउथवॉश का रोज़ाना इस्तेमाल करने से कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा कम हो सकता है। शोधकर्ताओं का दावा है कि माउथवॉश कई तरह के वायरस की खोल (ऊपरी संरचना) पर हमला करके उसे नष्ट कर देता है और इसी कारण से संक्रमण नहीं हो पाता है।
इस बारे में PDA (People's Dental Academy) के डीन डॉक्टर संजीव त्यागी का कहना है कि वैज्ञानिक अभी इसकी जांच कर रहे हैं कि क्या माउथवॉश से कोरोना के वायरस मारे जा सकते हैं या नहीं? और यदि ऐसा होता है तो मुंह के रास्ते से प्रवेश करने वाले वायरस का खतरा कम हो सकता है क्या?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शोध के दौरान यह दावा किया गया है कि माउथवॉश वायरस की लिपिड लेयर को खत्म कर देता है, और इस कारण से वायरस का प्रोटीन हमारे शरीर की कोशिकाओं से जुड़ नहीं पाता है। यानी मुंह से संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। अब वैज्ञानिक इस बात पर शोध कर रहे हैं कि इस परत को माउथवॉश जैसे किसी उत्पाद से क्या खत्म किया जा सकता है?
डॉक्टर त्यागी के अनुसार, रिसर्च करने वालों का दावा है कि माउथवॉश में जो केमिकल्स होते हैं वे SARS-CoV-2 के वायरस की परत को तोड़ देते हैं और यही वह परत होती है जिसके स्पाइक प्रोटीन के जरिए कोरोना वायरस हमारे शरीर की कोशिकाओं से जुड़ता है और फिर अपनी संख्या बढ़ाता है। वैसे रिसर्च करने वालों का दावा है कि माउथवॉश में पाए जाने वाले तत्व वायरस के बाहरी स्ट्रक्चर पर प्रहार कर उसे खत्म कर देते हैं, और इन्हीं दावों के बाद ही वैज्ञानिकों ने माउथवॉश पर भी रिसर्च शुरू की है।
डॉक्टर त्यागी के मुताबिक़, हालांकि, अभी तक WHO (World Health Organisation) यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ऐसे सभी दावों को गलत बताया है। WHO के अनुसार, कुछ खास माउथवॉश से कुछ वायरस थोड़ी देर से लिए मुंह से हट तो जाते हैं, लेकिन यह माउथवॉश COVID-19 के वायरस से नहीं बचाते हैं।