कोरोना वायरस के कठिन दौर में ऑफिस में काम करने के लिए स्वस्थ्य मंत्रालय ने जारी की गाइड लाइन
कार्यस्थल पर थूका तो दण्ड के साथ लगेगा जुर्माना
MAY 19 (WTN) - कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 25 मार्च से ही लगातार देश में लॉकडाउन जारी है। अब जबकि लॉकडाउन का चौथा चरण जारी है। ऐसे में आर्थिक और अन्य गतिविधियों को फिर से पटरी पर लाने के लिए निजी और सरकारी ऑफिस में काम करने की कुछ शर्तों के साथ इजाज़त केन्द्र और राज्य सरकारों की तरफ़ से दे दी गई है।
इसी कड़ी में ऑफिस में कोरोना वायरस संक्रमण न फैले, इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऑफिस में काम करने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देश के अनुसार यदि कोई भी व्यक्ति कार्यस्थल पर थूकता हुआ पाया जाता है, तो उसे दंड के साथ ही फाइन भी भरना पड़ेगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लॉकडाउन के चौथे चरण में कुछ राज्य ऐसे हैं जिन्होंने 100% कर्मचारियों के साथ सभी ऑफिस खोलने की इजाज़त दे दी है। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऑफिस और कार्यस्थलों के लिए एक नई गाइड लाइन जारी की है। इस नई गाइड लाइन के मुताबिक़, ऑफिस में कर्मचारियों के बीच दूरी बनाए रखना ज़रूरी होगा। वहीं, दो कर्मचारियों की बैठने की व्यवस्था ऐसी होना चाहिए जिसमें दो कर्मचारियों के बीच बैठने के बीच एक मीटर की दूरी होना ज़रूरी है।
ऑफिस में काम करने वालों और ऑफिस में आने वालों के लिए अपने मुंह और नाक को मास्क या कपड़े से ढकना अनिवार्य होगा। वहीं, काम के दौरान साबुन या हैंड सेनेटाइजर से थोड़े-थोड़े समय अंतराल के बाद हाथ धोने की सलाह स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी है। ऑफिस में किसी भी कर्मचारी के बीमार होने पर इसकी सूचना लोकल प्रशासन को देना स्वास्थ्य मंत्रालय ने अनिवार्य कर दिया है
ऑफिस में काम करने वालों को स्वास्थ्य मंत्रालय ने सलाह दी है कि छींकते या खांसते समय मुंह को अच्छी तरह से ढंके। साथ ही ऑफिस आते और जाते समय लोगों से दूरी बनाए रखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी करना चाहिए। वहीं, पूरी कोशिश करना चाहिए कि सार्वजनिक जगहों की वस्तुओं को न छुएं।
स्वास्थ्य मंत्रालय की नई गाइडलाइन के मुताबिक़, अगर किसी ऑफिस में किसी को भी कोरोना वायरस का संक्रमण होता है, तो पिछले 48 घन्टे में ऑफिस में जहां-जहां वो संक्रमित व्यक्ति गया होगा, उन जगहों को रोगाणु मुक्त करना ज़रूरी होगा। संबंधित स्थान को रोगाणु मुक्त करने के बाद ही वहां पर काम शुरू किया जा सकता है। नई गाइड लाइन के अनुसार, इस स्थिति में ऑफिस या बिल्डिंग के पूरे हिस्से को सील करने की ज़रूरत नहीं है।
वहीं, किसी ऑफिस या बिल्डिंग में कोरोना वायरस संक्रमण के कई केस आने की दशा में पूरे ऑफिस को 48 घण्टे के लिए सील किया जाएगा। उस ऑफिस को रोगाणु मुक्त किए जाने के बाद ही उसमें काम करने की इजाज़त होगी। इस समय के दौरान सभी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करना होगा।