अनुसंधान उत्पादकता और प्रभाव पर पीपुल्स यूनिवर्सिटी ने आयोजित किया ऑनलाइन सेमिनार
नए अनुसंधानों को बढ़ावा देने पीपुल्स यूनिवर्सिटी के प्रयास लगातार जारी
MAY 19 (WTN) - रिसर्च इको सिस्टम में रिसर्च के लिए डेटा, एनालिटिक्स और टूल्स अहम भूमिका निभाते हैं। इसी के संदर्भ में भोपाल स्थित पीपुल्स यूनिवर्सिटी ने संस्थानों के प्रमुखों के लिए एक ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें संस्थाओं के प्रमुख, फैकेल्टी सदस्य, शोधकर्ताओं के साथ-साथ पोस्ट ग्रेजुएट सदस्यों ने गुणवत्ता अनुसंधान के लिए इस ऑनलाइन सेमिनार में शिरकत की। पीपुल्स यूनिवर्सिटी के डीन अकादमिक मामलों के प्रोफेसर अखिलेश मित्तल ने संगोष्ठी का समन्वयन किया।
इस सेमिनार में रिसोर्स पर्सन क्लेरिएट एनालिटिक्स, डॉ सुभाश्री नाग थीं, जो टेक्सास टेक यूनिवर्सिटी हेल्थ साइंसेज सेंटर, यूएसए से पीएचडी हैं। और उसका पोस्ट-डॉक्टोरल प्रशिक्षण पैसिफिक नॉर्थवेस्ट नेशनल लेबोरेटरी, यूएसए में हुआ है।
डॉ नाग ने क्यूरेटेड डेटाबेस जैसे वेब ऑफ साइंस, स्कोपस, पबमेड और अन्य की कार्यक्षमता की तुलना और व्याख्या की। ऑनलाइन सेमिनार में प्रो वीसी डॉ हरीश राव, मेडिकल डायरेक्टर डॉ अशोक म्हस्के, रजिस्ट्रार डॉ नीरजा मल्लिक, डीन मेडिकल डॉ एस के सदावर्ते और प्रिंसिपल, फार्मेसी डॉ नीरज उपमन्यु ने चर्चा में शिरकत की।
सेमिनार में पीयर समीक्षा प्रक्रिया, उद्धरण प्रभाव, एच इंडेक्स और जर्नल्स के प्रभाव कारक से संबंधित अनुसंधान के पहलुओं पर व्यापक रूप से चर्चा की गई। इस दौरान डॉ नाग ने बताया कि कैसे एक शोधकर्ता अपने शोध पत्र के उद्धरणों को बढ़ा सकता है। डॉ नाग के अनुसार, "एक शोध लेख प्रकाशित करने के लिए सबसे अच्छी पत्रिका चुनने का महत्व लेखक के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अन्य शोधकर्ताओं तक पहुंच बढ़ाएगा।"
इस ऑनलाइन सेमिनार के बारे में पीपुल्स ग्रुप की निदेशक मेघा विजयवर्गीय का कहना है, “हम पीपुल्स यूनिवर्सिटी में वैज्ञानिक स्वभाव को विकसित करने के प्रयास जारी रखेंगे। इससे पहले हमने "हज़ारों अनुसंधान परियोजनाओं" के लिए एक मिशन की सफलतापूर्वक कल्पना की थी और उसे लागू भी किया था, जिसने अनुसंधान के विविध क्षेत्रों में नई अंतर्दृष्टि दी और इसमें बहु-अनुशासनात्मक अनुसंधान भी शामिल थे।" वहीं, पीपुल्स ग्रुप की निदेशक नेहा विजयवर्गीय ने कहा, "हम भविष्य में भी इस तरह के सेमिनारों का आयोजन करते रहेंगे। सेमिनार के लिए उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया से पता चलता है कि विश्वविद्यालय में शोध के लिए बेहतर काम किया जा रहा है।"
सेमिनार के बारे में कुलपति डॉ राजेश कपूर ने कहा कि हमने COVID-19 पर शोध का पता लगाने, वायरल लोड के आकलन और संबंधित विकार के संबंध में पहल की है। उन्होंने कहा, "पीपुल्स यूनिवर्सिटी को वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग, भारत सरकार के वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान संगठन (SIRO) के रूप में मान्यता प्राप्त है।"
इस ऑनलाइन सेमिनार में अन्य प्राचार्यों और डीन ने भी शिरकत की उनमें डेंटल से डॉ भंभाल, मैनेजमेंट से डॉ.समीर शर्मा, होटल मैनेजमेंट से डॉ जे. हलधर और नर्सिंग से लेफ्टिनेंट कर्नल रेखा रानी गुप्ता शामिल थीं।