कोरोना वायरस के दौर में रखें हिम्मत एवं सकारात्मक सोच: डॉ राघवेंद्र गुमाश्ता
सुरक्षित व्यवहार और सावधानी ही हैं कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के उपाय
MAY 21 (WTN) - पीपुल्स चिकित्सा महाविद्यालय के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ राघवेंद्र गुमाश्ता का कहना है कि कोरोना वायरस से बचने के लिए हमें सभी समुचित उपाय एवं सावधानियां बरतने की आवश्यकता है। सामाजिक दूरी बनाने, हाथ धोने की आदत कर लेने एवं मास्क लगाने को सदैव याद रखने से बचाव होगा।
घर से बाहर रहते ढीला मास्क पहनाना, मास्क कभी उतारना या कभी पहनना, एवं दूसरे का मास्क स्वयं उपयोग करना जैसी असावधानियाँ उचित नहीं हैं। ऐसे सुरक्षित व्यवहार की परिवार के प्रत्येक सदस्य द्वारा निरंतरता बनाए रखने की आवश्यकता है, क्योंकि बचाव ही उपाय है। कोरोना वायरस के समय में हमें ऐसे नए जीवन व्यवहार की आवश्यकता होगी। ऐसी ही हमें सभी से अपेक्षा भी रखना चाहिए, एवं स्वयं के सुरक्षित व्यवहार से दूसरों को प्रेरणा भी देना चाहिए।
भीड़ वाले सार्वजनिक स्थानों में जाने से बचना होगा। यदि अत्यावश्यक है, तब भी सुरक्षा उपाय, यथा मास्क सदैव पहने रहने, के बिना कहीं भी जाना ठीक नहीं है। यह भी ध्यान रखना होगा कि हमारी हिम्मत एवं सकारात्मक सोच कम न हो। हम निराशा से न घिरें। सतर्कता से सभी व्यक्ति कोरोना संक्रमण से बच सकते हैं।
डॉ गुमाश्ता का कहना है, हमें सावधानी एवं सकारात्मक सोच दोनों को साथ लेकर चलना होगा। कोरोना वायरस के समय में न तो लापरवाही के लिए कोई स्थान है, न ही ऐसी कठिन परिस्थितियों में अपनी हिम्मत खोने की आवश्यकता है। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा, संतुलित आहार लेना चाहिए एवं तनाव मुक्ति सुनिश्चित करना होगी।
कार्यस्थल में भी आसपास साफ़ सफाई रहे, इसे सुनिश्चित करना होगा। लॉक डाउन में रहते अध्ययन करें, रचनात्मक योगदान का विचार करें एवं सकारात्मक सोच रखें। कोरोना वायरस का समय है, इसलिए सावधानी परम आवश्यक है। घर के बुजुर्गों की सुरक्षा, देखभाल एवं उनके स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें। कुछ न कुछ सामान्य शारीरिक व्यायाम एवं योग करते रहें। जीवन चर्या नियमित रखें। नींद पूरी लें। जो कंप्यूटर का उपयोग जानते हैं, वे दूसरों को अपने धनात्मक अनुभव, ज्ञान एवं कला की बारीकियां समझाने, सिखाने एवं सदैव ऊर्जावान बने रहने के लिए प्रेरित करें।
डॉ गुमाश्ता का कहना है कि तनाव ठीक नहीं होता। इससे किसी समस्या का हल नहीं होता। अतः, तनावमुक्त रहें। सभी समस्याओं का हल होता है और होगा। कोरोना वायरस की समस्या के हल में विश्व के वैज्ञानिक एवं विषय विशेषज्ञ लगातार कार्यरत हैं। अनुसंधान की प्रक्रिया सभी स्थानों पर हो रही है। समय है, कोरोना से बचने का, कोरोना पर विजय प्राप्त करने का एवं तदनुसार जीवन व्यवहार रखने का। सभी सावधानियों को सुनिश्चित करते हुए हमें तनाव मुक्त भी रहना होगा, क्योंकि तनाव से शरीर की रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता कम हो जाती है। सकारात्मक विचार रखें, क्योंकि सकारात्मक सोच ही कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी व्यक्ति को मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाती है।
डॉ गुमाश्ता का कहना है, हमें सावधानी रखना होगी एवं सावधानी को जीवन व्यवहार में बदलना होगा, ऐसा करने से कोरोना वायरस पर जीत के प्रयासों को बल मिलेगा। एक दिन अवश्य ऐसा आएगा, जब हम सुरक्षित व्यवहार, सावधानी एवं हिम्मत से कोरोना वायरस पर विजय प्राप्त कर लेंगे।