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वैज्ञानिकों को कोरोना वायरस संक्रमण के 'सेकेंड वेव' की आशंका

Tuesday - May 26, 2020 11:09 am , Category : WTN HINDI
दिनों दिन बढ़ते ही जा रहे हैं कोरोना वायरस संक्रमण के मामले
दिनों दिन बढ़ते ही जा रहे हैं कोरोना वायरस संक्रमण के मामले

बरसात और सर्दी में कोरोना वायरस संक्रमण के केस बढ़ने की आशंका

MAY 26 (WTN) - चीन के वुहान शहर से उपजी और फैली कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी (COVID-19) इस समय पूरी दुनिया के सामने सबसे बड़ी मुसीबत है। चीन की वामपंथी सरकार की लापरवाही और ग़ैर ज़िम्मेदाराना रवैये के कारण लाखों लोग इस बीमारी का शिकार हो चुके हैं। इस लेख को लिखे जाने तक, कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अभी तक पूरी दुनिया में क़रीब 3,47,907 लोग मारे जा चुके हैं।

हालांकि, अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों में कोरोना वायरस संक्रमण का असर कम हुआ है। लेकिन एशिया और अफ्रीका के कई देशों में कोरोना वायरस संक्रमण का कहर बढ़ता ही जा रहा है। इस सबके बीच, WHO (World Health Organization) यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक नई चेतावनी जारी की है। WHO के अनुसार, "वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस संक्रमण के 'सेकेंड वेव' की आशंका जाहिर की है।"

WHO के अनुसार, "वैसे अगर दुनिया को कोरोना वायरस संक्रमण के 'सेकेंड वेव' का सामना न भी करना पड़ा, तो कुछ ऐसे देश हैं जहां फिर से संक्रमण के मामले काफी बढ़ सकते हैं, और इस कारण से कोरोना संक्रमण के 'सेकेंड पीक' आने की आशंका है।" आगे WHO का कहना है, "इस समय दुनिया कोरोना वायरस संक्रमण की फर्स्ट वेव के एकदम बीच में है और यहां से दुनिया के अधिकांश इलाकों में इसके केसों में कमी आने लगेगी। लेकिन अभी कुछ और दिनों तक कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि ही दर्ज की जाएगी। और इसी कारण से एशिया और अफ्रीका के कई देशों में कोरोना वायरस संक्रमण के ज़्यादा मामले सांमने आएंगे।"

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में एक ऐसा स्तर भी आता है जब इससे संबंधित सबसे ज़्यादा नए मामले सांमने आते हैं और मौतें दर्ज की जाती हैं। इसे ही वैज्ञानिक पीक कहते हैं। बता दें कि अब WHO ने चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस संक्रमण के फर्स्ट वेव के भीतर की 'सेकेंड पीक' आने की आशंका बनी हुई है।

WHO के अनुसार, "वो वक़्त कभी भी आ सकता है जब फिर से दुनिया भर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। वहीं, यह मामले उन देशों में बढ़ सकते हैं जहां ऐसा माना जा रहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण पर नियंत्रण पा लिया गया है।" हालांकि, WHO का कहना है कि अभी तक 'सेकेंड वेव' को लेकर आशंकाएं कम हैं, लेकिन हो सकता है कि इसके मामले बढ़ेंगे।

कोरोनो वायरस संक्रमण पर रिसर्च से जुड़े वैज्ञानिकों के अनुसार, "बरसात और सर्दियों का मौसम आमतौर पर किसी भी तरह के संक्रमण के अनुकूल होता है। ऐसे में आशंका है कि इस मौसम में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं।" इसी कारण से WHO ने फिलहाल सभी देशों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार, "COVID-19 एक ऐसा वायरस है जो कभी भी पूरी तेजी के साथ वापसी करने में सक्षम है। और हो सकता है कि यह वायरस सर्दियों में और भी ज़्यादा घातक साबित हो।"

ख़ैर, जैसा कि आप जानते ही हैं कि अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण की कोई भी वैक्सीन या दवा नहीं बन पाई है। ऐसे में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के तरीके ही आपको इससे बचा सकते हैं। अब जबकि कोरोना वायरस संक्रमण के और भी ज़्यादा बढ़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है। ऐसे में ज़रूरी है कि हम सभी संक्रमण से बचने के लिए पूरी सावधानी बरतें।