कोरोना वायरस संक्रमण से भी बड़े संक्रमण की चेतावनी
चीन की प्रसिद्ध वायरोलॉजिस्ट ने भविष्य में अन्य खतरनाक वायरसों के हमलों की जताई आशंका
MAY 26 (WTN) - कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी (COVID-19) इस समय मानव सभ्यता के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। पूरी दुनिया में कुछ ही समय में कोरोना वायरस संक्रमण अभी तक क़रीब 3 लाख 47 हज़ार से ज़्यादा लोगों की जान ले चुका है। अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण की न तो कोई दवा बन पाई है और न ही कोई वैक्सीन। पूरी दुनिया के वैज्ञानिक दिन-रात इस बीमारी पर नियंत्रण पाने के लिए मेहनत कर रहे हैं।
दरअसल, शुरू से ही कोरोना वायरस काफी संदिग्ध रहा है। अमेरिका समेत कई देशों का आरोप है कि कोरोना वायरस असल में एक जैविक हथियार है जो चीन के वुहान शहर में स्थित एक विश्व प्रसिद्ध वायरोलॉजी लैब से लीक हुआ है। हालांकि, चीन की वामपंथी सरकार इस तरह के आरोपों का खण्डन करती आई है। ख़ैर, कोरोना वायरस संक्रमण फ़ैलने के बाद लोगों में और भी दूसरे वायरस का डर मन में बैठ गया है।
इसी बीच, चीन की एक प्रमुख वायरोलॉजिस्ट ने नए वायरसों के हमले को लेकर आशंका जाहिर की है। चीन के संदिग्ध संस्थान वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी की डिप्टी डायरेक्टर शी झेंगली के अनुसार, "कोरोना वायरस महज एक 'छोटा मामला' है और समस्या की शुरुआत है" आपकी जानकारी के लिए बता दें कि झेंगली चमगादड़ों में मौजूद बैट कोरोना वायरस पर रिसर्च कर चुकी हैं। और इसी कारण से उन्हें चीन की 'बैट वुमन' भी कहा जाता है।
झेंगली का कहना है कि वायरस को लेकर जो रिसर्च किए जाते हैं, उसको लेकर सरकार और वैज्ञानिकों को पारदर्शी रहना चाहिए। आगे झेंगली का कहना है, "अगर अगली संक्रामक बीमारी से हम मनुष्यों को बचाना चाहते हैं, तो हमें जीवों में मौजूद अज्ञात वायरस को लेकर पहले से जानकारी जुटानी होगी और उसके बारे में चेतावनी भी देनी होगी।"
दरअसल, शी झेंगली के अलावा कई अन्य वैज्ञानिकों का भी कहना है कि अगर अज्ञात वायरसों पर स्टडी नहीं की जाती है, तो आशंका है कि एक और खतरनाक संक्रामक बीमारी फैल सकती है। यदि प्रसिद्ध वैज्ञानिक शी झेंगली की बातों का बारीकी से विश्लेषण किया जाए, तो झेंगली ने बातों-बातों में ही साफ कह दिया है कि कोरोना वायरस संक्रमण के अलावा कई अन्य वायरस भी आने वाले समय में मानव प्रजाति के लिए काफी खरतनाक साबित हो सकते हैं।
शी झेंगली का यह कहना कि कोरोना वायरस संक्रमण एक 'छोटा मामला' है, अपने आप में भी एक चेतावनी है कि यदि समय रहते अज्ञात वायरसों के बारे में गहन अध्ययन नहीं किया गया और उनकी वैक्सीन नहीं बनाई गई, तो आने वाले समय में कुछ अन्य वायरस कोरोना वायरस की तरह लाखों इंसानों की मौत का कारण बन सकते हैं।