सामने आया WHO और चीन के बीच 'नया कनेक्शन'
चीन और WHO पर लगा 'मिलीभगत' का आरोप
MAY 27 (WTN) - इस बात में अब कोई भी शक नहीं रह गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी (COVID-19) चीन के वुहान शहर से उपजी और फैली है। चीन की वामपंथी सरकार की ग़लती, लापरवाही और गैर ज़िम्मेदाराना रवैये के कारण ही कोरोना वायरस संक्रमण दुनिया के अधिकांश देशों में फैल गया है। लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण चीन से बाहर फ़ैलने के लिए चीन के साथ-साथ WHO (World Health Organization) यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन भी उतना ही दोषी है।
दरअसल, अमेरिका समेत कई देशों का आरोप है कि चीन की वामपंथी सरकार और WHO के वर्तमान प्रमुख टेड्रोस एडहैनम घेब्रियेसुस ने कोरोना वायरस संक्रमण की भयावहता को जानते हुए भी इसकी सच्चाई को पूरी दुनिया से छिपाकर रखा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चीन के पड़ोसी देश ताइवान ने काफी पहले ही इस बात को बता दिया था कि कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी एक मनुष्य से दूसरे मनुष्य में फैलती है।
लेकिन चीन के दवाब के कारण WHO ने ताइवान की इस बात को नहीं माना और किसी भी तरह की कोई भी चेतावनी जारी नहीं की। इसका परिणाम यह रहा कि चीन से अंतरराष्ट्रीय आवागमन जारी रहने के कारण कोरोना वायरस संक्रमण पूरी दुनिया में फैल गया।
लेकिन अब चीन की वामपंथी सरकार और WHO के बीच एक नए कनेक्शन का पता चला है। दरअसल, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पत्नी पेंग लियुआन WHO की गुडविल एम्बेसडर हैं। वैसे पेंग लियुआन के गुडविल एम्बेसडर होने पर किसी को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन आपत्ति जताने वालों का कहना है कि WHO की वेबसाइट पर पेंग के परिचय को पढ़ने पर कहीं से भी ये पता नहीं चलता कि वे चीनी राष्ट्रपति की पत्नी हैं। WHO की वेबसाइट में सिर्फ यही लिखा है कि वे अच्छी आवाज और अच्छे दिल की महिला हैं और उन्हें बहुत से लोग जानते हैं।
वैसे सभी जानते हैं कि फिलहाल पेंग लियुआन इसलिए प्रसिद्ध हैं क्योंकि वे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पत्नी हैं। लेकिन WHO की साइट पर पेंग लियुआन के परिचय में यह कहीं नहीं लिखा है कि वे चीन के राष्ट्रपति की पत्नी हैं। आरोप है कि पेंग लियुआन चीन के राष्ट्रपति की पत्नी हैं यह बात WHO की वेबसाइट पर जानबूझकर छिपाई गई है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस पद पर पहली बार पेंग लियुआन का चयन साल 2011 में किया गया था। इसके बाद WHO के वर्तमान प्रमुख टेड्रोस एडहैनम घेब्रियेसुस ने पेंग को एक बार फिर से गुडविल एम्बसेडर बनाया। जानकारी के लिए बता दें कि WHO में यह पद काफी अहम है। इस पद पर रहते हुए पेंग UN की सारी जरूरी मीटिंग्स में जाती हैं। इतना ही नहीं, यहां लिए जाने वाले प्रमुख निर्णयों में उनकी भी सहमति होती है।
इधर, चीन में पेंग पीपल्स लिबरेशन आर्मी के जनरल पॉलिटिकल डिपार्टमेंट के चीनी गीत और डांस समूह की मुख्य हैं। साथ ही वे मिलिट्री में मेजर जनरल भी हैं। कई लोगों को इस बात पर आपत्ति है कि WHO को गुडविल एम्बेसडर के पद पर उन लोगों को चुनना चाहिए जिनकी राजनीतिक सोच न्यूट्रल हो।
दरअसल, WHO प्रमुख खुद वामपंथी विचारधारा के इथोपिया के नेता रहे हैं, और इसी कारण से अमेरिका का आरोप है कि कोरोना वायरस संक्रमण की सही जानकारी WHO ने चीन के दबाव में छिपाकर रखी। इतना ही नहीं, आरोप तो यह भी है कि कोरोना वायरस जानवरों से मनुष्यों में नहीं आया है, बल्कि यह वुहान की एक लैब से लीक हुआ जैविक हथियार है। खैर, WHO का वामपंथी विचारधारा वाला प्रमुख होना और चीन के राष्ट्रपति की पत्नी का WHO का गुडविल एम्बेसडर होना काफी कुछ 'मिलीभगत' की तरफ इशारा करता है।