पीपुल्स विश्वविद्यालय, भोपाल में 30 मई को शिक्षा में गुणवत्ता उपायों पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन
पीपुल्स यूनिवर्सिटी में लगातार आयोजित हो रहे हैं राष्ट्रीय स्तर के वेबिनार
MAY 29 (WTN ) - जैसा कि आप जानते ही हैं कि अभी COVID-19 महामारी के कारण डिजिटल शिक्षा ने स्कूल स्तर से कॉलेज स्तर तक दुनिया भर में एक प्रमुख स्थान ले लिया है। पीपुल्स विश्वविद्यालय, जो मध्य भारत में पायनियर विश्वविद्यालय में से एक है, और NAAC द्वारा मान्यता प्राप्त है और SIRO, DSIR, Goverment of India द्वारा मान्यता प्राप्त है। अपने Internal Quality Assurance Cell (IQAC) के माध्यम से 30 मई 2020 को "डिजिटल युग में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा के लिए व्यापक गुणवत्ता पहल और चुनौतियां" पर एक डिजिटल राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन कर रहा है।
इस संगोष्ठी के दौरान, शिक्षा में गुणवत्ता के उपाय और उन्हें पता लगाने के लिए उपकरण; डिजिटल लर्निंग के लिए निर्देशात्मक उपकरण और वर्तमान स्थिति में शिक्षा के प्रतिमान पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
NAAC के सलाहकार डॉ गणेश हेगड़े, NAAC द्वारा गुणवत्ता पहल के बारे में जानकारी देंगे। वहीं, राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, कर्नाटक के निदेशक डॉ मुनीर अहमद अकादमिक अनुकूलनशीलता से डिजिटल पर्यावरण के लिए परिवर्तन प्रबंधन उपकरणों के बारे में चर्चा करेंगे। डॉ विनय सैनी, निदेशक, स्टार्ट-अप और IIT बॉम्बे के वरिष्ठ वैज्ञानिक स्टार्ट अप और नवाचार पर अपने विचार रखेंगे।
वेबिनार के विभिन्न सत्रों का संचालन डॉ नीरजा मल्लिक, डॉ नीरज उपमन्यु और प्रोफेसर अखिलेश मित्तल करेंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि देश भर के 1500 से अधिक फैकेल्टी मेंबर्स ने इस डिजिटल संगोष्ठी के लिए पंजीकरण किया है।
बता दें कि पीपुल्स यूनिवर्सिटी के चेयरमैन सुरेश विजयवर्गीय ने इस वेबिनार के आयोजकों को बधाई दी है। वहीं, पीपुल्स यूनिवर्सिटी की निदेशक मेघा विजयवर्गीय का वेबिनार के बारे में कहना है, "पीपुल्स यूनिवर्सिटी ऐसे बुद्धिजीवियों को आमंत्रित करके फैकल्टी मेंबर्स के बीच नई सोच की जानकारियों पर चर्चाएं जारी रखेगी।" इधर, पीपुल्स यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ राजेश कपूर के मुताबिक, "इस संगोष्ठी से नवाचार की संस्कृति के निर्माण में मदद मिलेगी।"