वैज्ञानिकों की चेतावनी: बारिश में और भी खतरनाक हो सकता है कोरोना वायरस संक्रमण
बारिश में कोरोना वायरस संक्रमण और भी तेजी से फैलने की आशंका
JUNE 02 (WTN) - जब कोरोना वायरस संक्रमण भारत में फैलना शुरू हुआ था, तो ऐसा अनुमान लगाया गया था कि गर्मी के मौसम में कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की रफ्तार कम हो जाएगी या कोरोना वायरस संक्रमण खत्म हो जाएगा। लेकिन तेज़ गर्मी के मौसम में भी कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की रफ्तार कम नहीं हुई बल्कि और तेज़ी से बढ़ी। अब जबकि देश में मानसून आने वाला है, तो ऐसे में लोगों के मन में कई सवाल हैं कि आखिर कोरोना वायरस संक्रमण बारिश के दिनों में क्या व्यवहार कर सकता है?
लोगों को ऐसा लग रहा है कि बारिश के पानी के कारण कोरोना वायरस संक्रमण फैलना कम हो जाएगा या फिर खत्म हो जाएगा। लेकिन इस बारे में वैज्ञानिकों की अलग-अलग राय है। यूनिवर्सिटी ऑफ डेलावेयर के संक्रामक रोग विभाग की वैज्ञानिक जेनिफर होर्ने का बारिश और कोरोना वायरस संक्रमण के बारे में कहना है कि बारिश का पानी वायरस की सफाई नहीं कर सकता है। और ना ही इससे वायरस फैलने और उसके पनपने की रफ्तार धीमी होगी। वायरस से बचने के लिए साबुन से हाथ धोना बेहद ज़रूरी है।
इधर, अमेरिका की जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक जेर्ड इवांस का कहना है कि अभी यह पता नहीं है कि बारिश का कोरोना वायरस पर क्या असर होगा? हालांकि, ज़्यादातर वैज्ञानिकों का मानना है कि बारिश में नमी के कारण वायरस का संक्रमण तेज़ी से फैल सकता है।
वहीं, वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के ग्लोबल हेल्थ मेडिसिन और एपिडिमियोलॉजी के प्रोफेसर जेई बेटेन के मुताबिक, "हो सकता है कि बारिश का पानी कोरोना वायरस को डायल्यूट कर दे। और बारिश के पानी में हो सकता है कि कोरोना वायरस बह जाए।" लेकिन वहीं कई विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश का पानी साबुन के पानी की तरह किसी सतह पर मौजूद रोगाणु या विषाणु का नाश करने में सक्षम नहीं है। यानी वायरस को मारने के लिए पानी में क्षारीयता होना ज़रूरी है।
साफ है कि बारिश के मौसम में कोरोना वायरस कैसा व्यवहार करेगा इनके बारे में अभी कुछ भी ठोस रूप से नहीं कहा जा सकता है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में कोरोना वायरस को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की ज़रुरत है। क्योंकि नमी के कारण हवा में कोरोना वायरस काफी देर तक तैर सकता है। ऐसे में बारिश के मौसम में कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा और भी तेजी से बढ़ सकता है।