परमाणु बम हमले में भी 'अभेद' है व्हाइट हाउस में बना सीक्रेट बंकर
एक बार फिर सुर्खियों में आई व्हाइट हाउस की सुरक्षा व्यवस्था
JUNE 02 (WTN) - इन दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति के बंकर की काफी चर्चा हो रही है। दरअसल, अश्वेत मूल के अमेरिकी व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद 29 मई की रात अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकृत निवास व्हाइट हाउस के सामने हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी मृतक जॉर्ज के लिए इंसाफ की मांग करते हुए जमा हुए थे। तब प्रदर्शकारियों की भारी भीड़ को देखते हुए व्हाइट हाउस के सुरक्षा अधिकारी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को व्हाइट हाउस के अंदर ही बने एक खुफिया बंकर में ले गए थे।आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार यह बंकर किसी भी आपात स्थिति के लिए बनाया गया है, जिससे आपात स्थिति के समय राष्ट्रपति और उनके परिजनों को इसमें सुरक्षित रखा जा सके।
पूरी दुनिया में प्रसिद्धि व्हाइट हाउस का डिजाइन साल 1791 अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन के वास्तुविद जेम्स हॉबेन ने तैयार किया था और व्हाइट हाउस को बनने में 8 साल का समय लगा था। साल 1800 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन एडम्स अमेरिका के पहले राष्ट्रपति थे जो व्हाइट हाउस में रहने आए।
बता दें कि व्हाइट हाउस आज जितना सुरक्षित है पहले उतना सुरक्षित नहीं था। साल 1812 में एक लड़ाई के दौरान व्हाइट हाउस में अंग्रेजों ने आग लगा दी थी। उस घटना के बाद व्हाइट हाउस में अब तक काफी परिवर्तन किए गए हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति के वाशिंगटन स्थित अधिकृत निवास को पहले प्रेसिडेंट हाउस कहा जाता था। इस निवास स्थान को व्हाइट हाउस नाम साल 1901 में तत्कालीन राष्ट्रपति थियोडोर रुजवेल्ट ने दिया था। तभी से इसे व्हाइट हाउस के नाम से जाना जाता है। 6 मंजिला व्हाइट हाउस में कुल 132 कमरे हैं। जहां पर 35 बाथरूम और 3 लिफ्ट भी हैं। व्हाइट हाउस में अलग-अलग रंगों के कमरे हैं, जिन्हें अलग-अलग नाम से जाना जाता है।
इसी व्हाइट हाउस में एक सीक्रेट बंकर बना हुआ है जो कि आपातकालीन स्थिति में अमेरिकी राष्ट्रपति और उनके परिजनों की रक्षा कर सकता है। इस सीक्रेट बंकर के निर्माण के बारे में व्हाइट हाउस हिस्ट्री की साइट पर जिक्र मिलता है कि साल 1941 के दिसंबर में पर्ल हार्बर अटैक के तुरंत बाद इसे तैयार कर लिया गया था।
उस समय फ्रेंकलिन रूजवेल्ट अमेरिका के राष्ट्रपति थे। पर्ल हार्बर हमले के बाद खतरा देखते हुए सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें व्हाइट हाउस छोड़ने और किसी सुरक्षित स्थान पर जाने की बात कही थी। लेकिन राष्ट्रपति रूजवेल्ट ने व्हाइट हाउस छोड़ने से मना कर दिया था और उन्होंने व्हाइट हाउस के अंदर ही एक गुप्त जगह तैयार करने का सुझाव दिया था।
व्हाइट हाउस पर खतरे की आशंका के कारण व्हाइट हाउस के ईस्ट विंग में ऐसा बंकर बनाने की तैयारी शुरू हुई जिस पर गोलियों और बम तक का असर न हो। यह बंकर इतना सीक्रेट है कि यहां पर किसी की भी पहुंच असंभव है। जानकारी के मुताबिक़, जब यह बंकर बन रहा था, तब तत्कालीन राष्ट्रपति रूजवेल्ट इसे देखने आया करते थे। यह बंकर इतने गुप्त तरीके से बनाया जा रहा था कि राष्ट्रपति रूजवेल्ट के अलावा वहां पर किसी को भी आने की अनुमति नहीं थी।
समय-समय पर इस बंकर में सुधार होते रहे। अमेरिकी के पूर्व राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने इस खुफिया बंकर की व्यवस्था में और भी वृद्धि की। समय के साथ इस बैंकर को इतना मज़बूत बनाया गया है और दावा किया जा जाता है कि परमाणु बम गिरने तक का भी इस बंकर पर कोई असर नहीं होगा।
जानकारी के अनुसार यह बंकर 600 वर्गफीट में फैला हुआ है जिसमें 16 लोग बैठ सकते हैं। इस बंकर में लिविंग रूम के अलावा कमांड रूम, टीवी और कॉफ्रेंस रूम भी है। दावा किया जाता है कि न्यूयॉर्क में हुए 9/11 हमले के बाद किसी और बड़े हमले की आशंका के कारण इस बंकर में तत्कालीन राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति समेत कई अधिकारियों ने शरण ली थी।