जानिए कौन सा है वह संगठन जिस पर लगा है अमेरिका में हिंसा फैलाने का आरोप
Antifa संगठन पर लगा अमेरिका में दंगे भड़काने का आरोप
JUNE 04 (WTN) - अमेरिका में हाल ही में भड़की हिंसा पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि अश्वेत मूल के अमेरिकी व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद अमेरिका में हिंसा भड़की हुई है। जॉर्ज को इंसाफ दिलाने के लिए व्हाइट हाउस के सामने हज़ारों की संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हो गए थे, जिसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को व्हाइट हाउस के सीक्रेट बंकर में छिपना पड़ा था।
आप ने यदि एक बात गौर की है, तो अमेरिका में जारी विरोध प्रदर्शनों में काले कपड़े पहने प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में देखे जा रहे हैं। आखिर कौन हैं यह प्रदर्शनकारी? इस बारे में आपका जानना ज़रूरी है। दरअसल, अमेरिका में जारी प्रदर्शन में काले कपड़े पहने प्रदर्शनकारियों के ग्रुप का नाम Antifa है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका में फासीवाद के विरोधी समूह को Antifa के नाम से जाना जाता है।
माना जाता है कि एंटीफा संगठन की शुरूआत अमेरिका में साल 1930 में हुई थी। अमेरिका में यह संगठन नव-नाजी, फासीवाद और रंगभेद के खिलाफ खड़े रहने का दावा करता है। फिलहाल अमेरिका में जो दंगे भड़के हुए हैं उसका आरोप अमेरिका राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसी Antifa नाम के संगठन पर लगाया है।
डोनाल्ड ट्रम्प के अनुसार, "न्याय के नाम पर Antifa ने दंगे भड़काए हैं और लोगों को लूट के लिए भड़काया है। ऐसे संगठन को बैन कर देना चाहिए।"
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका में पिछले काफी समय से एंटीफा संगठन निष्क्रिय था। लेकिन डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद यह संगठन एक बार फिर से सक्रिय हो गया है। सरकार की नीतियों के खिलाफ खड़े होने वाले इस संगठन के सदस्य वैसे तो अभी तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते आए हैं। लेकिन अब यह संगठन हिंसा से भी पीछे नहीं हटता है। अमेरिका में हुए हालिया प्रदर्शन में संगठन के सदस्यों ने चाक़ू, ईंट, डंडे और मिर्च पावडर तक का इस्तेमाल किया है। यही कारण है कि डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिका के 30 राज्यों में फैली हिंसा के पीछे एंटीफा संगठन को ही जिम्मेदार मान रहे हैं।
बता दें कि अधिकृत नेताविहीन एंटीफा संगठन में ज़्यादातर विद्यार्थी या उनसे जुड़े संगठन ही जुड़े हुए हैं। वहीं, अश्वेत लोगों के अधिकारों पर काम करने वाली संस्थाएं भी इस संगठन से जुड़ी हुई हैं लेकिन गुप्त रूप से। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रदर्शन करते समय एंटीफा के सदस्य मुंह पर कपड़ा बांधते हैं या फिर हेलमेट पहनते हैं। यह ऐसा इसलिए करते हैं जिससे पुलिस इन्हें पहचान न सके और यह पकड़ में ना आ सकें।
एंटीफा संगठन के सदस्यों के काले कपड़े पहनने के पीछे भी एक विशेष कारण है। इस तरह से काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन की शुरुआत पश्चिम जर्मनी में शीत युद्ध के दौरान हुई थी। काले कपड़े पहनकर विरोध करने के तरीके को "black bloc" कहा जाता है। दरअसल, पश्चिम के देशों में काले कपड़े पहनने का काफी फैशन है। इसी कारण से प्रदर्शनकारी काले कपड़े पहनकर आंदोलन करते हैं जिससे पुलिस के आने पर वे आसानी से आम लोगों की भीड़ में शामिल हो सकें।
वैसे तो इस संगठन में महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं। और अब सड़कों पर प्रदर्शन के समय महिलाएं भी पुरुष का साथ देने लगी हैं। वहीं, एंटीफा संगठन का विरोध का तरीका भी काफी अलग है। एंटीफा के सदस्य विरोध करते समय किसी भी पब्लिक मीटिंग में जाते हैं और जोर जोर से चीखने-चिल्लाने लगते हैं, जिससे पब्लिक मीटिंग में खलल पैदा हो सके। विरोध प्रदर्शन के दौरान ह्यूमन चेन बनाना और भगदड़ मचाना भी इनके विरोध प्रदर्शन में शामिल है।