कोरोना वायरस संक्रमण से बचने सोशल डिस्टेंसिंग है सबसे 'कारगर' उपाय
सोशल डिस्टेंसिंग से 82 प्रतिशत तक कम हो सकता है कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा
JUNE 04 (WTN) - चीन के वुहान शहर से उपजी और फैली कोरोना वायरस संक्रमण की बीमारी कोरोना वायरस आज के समय में मानव सभ्यता के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। दुनिया के 180 से ज़्यादा देश कोरोना वायरस संक्रमण का कहर झेल रहे हैं। जहां तक भारत की बात है, तो लॉकडाउन में मिली छूट के बाद से भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के केस बढ़ते ही जा रहे हैं।
जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण की अभी तक कोई भी वैक्सीन या दवा नहीं बन पाई है। ऐसे में खुद का बचाव कोरोना वायरस संक्रमण से करने के लिए मास्क लगाना, सफाई का ध्यान रखना और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना काफी ज़रूरी है। लेकिन भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में देखा जा रहा है कि लोग मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग को दरकिनार करते जा रहे हैं।
लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यदि आपने सही तरीके से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया और आपने मास्क का इस्तेमाल किया, तो आप खुद को कोरोना वायरस संक्रमण से काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं। दरअसल, प्रतिष्ठित लैंसेट पत्रिका में छपी एक खबर के अनुसार, 16 देशों में किए गए 172 अध्ययन के विश्लेषण के मुताबिक़, एक मीटर की दूरी रखने से कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे को क़रीब 82% तक कम किया जा सकता है।
उपरोक्त पत्रिका में छपे अध्ययन के अनुसार, जब भी कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित व्यक्ति छींकता या खांसता है, तो संक्रमण की बूंदें क़रीब 8 मीटर तक जा सकती हैं। इस तरह से फैलने वाले संक्रमण से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग अपनाना बेहद ज़रूरी है। वहीं, मास्क पहना भी उतना ही ज़्यादा ज़रूरी है।
अध्ययन के बाद वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति से एक मीटर से ज़्यादा की दूरी बना कर रखता है, तो कोरोना वायरस संक्रमण फ़ैलाने का ख़तरा तीन प्रतिशत तक कम हो सकता है। इधर, WHO (World Health Organization) यानि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे से बचने के लिए गाइडलाइन जारी कर कहा है कि संक्रमण से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग बेहद ज़रूरी है। तो हमारी आपको सलाह है कि कोरोना वायरस संक्रमण से खुद को सुरक्षित रखने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और घर से बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल ज़रूर करें।