स्कूल ऑफ फार्मेसी ने वस्तुओं को सेनेटाइज करने बनाया UV स्टरलाइजेशन चेम्बर
कोरोना वायरस संक्रमण से बचने मोबाइल, पर्स और करेंसी को भी सेनेटाइज करना है ज़रूरी
JUNE 06 (WTN) - जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी की अभी तक कोई भी वैक्सीन या दवा तैयार नहीं बन पाई है। ऐसे में कोरोना वायरस संक्रमण से खुद को बचाकर रखना ही कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव का सबसे सुरक्षित उपाय है। कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए सेनेटाइजेशन को एक बढ़िया विकल्प माना गया है।
वैसे हाथों का सेनेटाइजेशन तो आसानी से हो जाता है। लेकिन मोबाइल, पर्स, करेंसी और अन्य वस्तुओं के सेनेटाइजेशन की तरफ लोग अधिकतर ध्यान ही नहीं देते हैं। इसी कड़ी में पीपुल्स यूनिवर्सिटी से सम्बद्ध स्कूल ऑफ फार्मेसी ने वस्तुओं के सेनेटाइजेशन के लिए एक UV स्टरलाइजेशन चेम्बर बनाया है।
स्कूल ऑफ फार्मेसी के प्रोफेसर (डॉक्टर) भास्कर कुमार गुप्ता के अनुसार UV स्टरलाइजेशन चेम्बर खासतौर पर वस्तुओं को वायरस और जीवाणु से मुक्त करने के लिए बनाया गया है। डॉक्टर भास्कर कुमार गुप्ता के अनुसार, "यह UV स्टरलाइजेशन चेम्बर 254 नैनो मीटर तरंग दैर्ध्य पर काम करता है। UV 'C' रेंज वाले इस UV स्टरलाइजेशन चेम्बर में किसी भी वस्तु को कम से कम दो मिनट तक रखने पर संबंधित वस्तु कोरोना वायरस समेत अन्य वायरस और जीवाणु के संक्रमण से रहित हो जाती है।"
जानकारी के लिए बता दें कि इस तरह के UV स्टरलाइजेशन वाले चेम्बर बाजार में महंगे दामों में बिक रहे हैं। लेकिन स्कूल ऑफ फार्मेसी की टीम ने काफी कम लागत में इसे बनाया है। इसमें एक लैंप की मदद से UV विकिरण तैयार कर वस्तुओं को सेनेटाइज किया जा सकता है। UV स्टरलाइजेशन चेम्बर बनाने में प्रोफेसर (डॉक्टर) भास्कर कुमार गुप्ता के अलावा सौरेश कुलश्रेष्ठ का भी विशेष योगदान रहा है।