BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RELIGION SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS BIG MEMSAAB 2017 BUDGET 2017 FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES Mahakal Ke Darshan
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
logo
Breaking News

'आत्मनिर्भर भारत' के लिए जनता का सहयोग सबसे ज़्यादा ज़रूरी

Tuesday - June 9, 2020 11:12 am , Category : WTN HINDI
भारत में है विदेशी उत्पादों की ज़्यादा डिमांड
भारत में है विदेशी उत्पादों की ज़्यादा डिमांड

CAIT ने शुरू किया विदेशी उत्पादों के बहिष्कार का महा अभियान

JUNE 09 (WTN) - जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी (COVID-19) के वैश्विक स्तर पर फैलने के पीछे अमेरिका समेत कई देश चीन को प्रत्यक्ष रूप से ज़िम्मेदार बताते आ रहे हैं। इन देशों का आरोप है कि कोरोना वायरस संक्रमण चीन के वुहान शहर से उपजा और फैला है। यदि चीन की वामपंथी सरकार चाहती, तो इस महामारी को वुहान शहर तक ही सीमित रखा जा सकता था। लेकिन चीन की वामपंथी सरकार ऐसा करने में नाकामयाब साबित रही।

चीन की वामपंथी सरकार की हठधर्मिता को लेकर कई देश खुले तौर पर नाराज़गी जता चुके हैं और चीन के कूटनीतिक और आर्थिक बॉयकॉट की योजना पर भी काम कर रहे हैं। लेकिन जहां तक भारत की बात है, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में भी चीन के प्रति जमकर आक्रोश है।

ऐसे में चीन को सबक सीखने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'आत्मनिर्भर भारत' के निर्माण की बात कही है। यानि देश में विदेशी सामान के आयात पर निर्भरता कम की जाए और देशी कंपनियों के उत्पादों को ज़्यादा से ज़्यादा खरीदा जाए। अब साफ है कि ऐसा करने से भारत में चीन से आयातित सामान की खपत कम होने लगेगी जिससे चीन को नुकसान होगा।

आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में अब कई छोटे व्यापारियों ने देश में निर्मित उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने की तैयारी कर ली है। आपकी जानकारी के लिए बात दें कि विदेशी सामानों के बहिष्कार को लेकर Confederation of All India Traders (CAIT) ने एक बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला लिया है।

CAIT के इस अभियान के तहत 7 करोड़ से भी ज्यादा छोटे खुदरा व्यापारी उनके यहां मौजूद विदेशी उत्पादों का स्टॉक खत्म होने के बाद विदेश से आयातित माल को नहीं बेचेंगे। बता दें कि CAIT ने चीन द्वारा उत्पादित 3,000 सामानों की एक लिस्ट तैयार की है, जिनके बहिष्कार की योजना पर CAIT काम कर रहा है। CAIT का कहना है कि उनका लक्ष्य है कि दिसंबर 2021 तक चीनी से आयतित सामान में लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपए कम कर दिए जाएं।

लेकिन CAIT के इस विदेशी सामान के बहिष्कार के महाअभियान में फिलहाल छोटे व्यापारी ही सहयोग कर रहे हैं। हां तक बड़े उद्योगपतियों की बात है, तो उनका मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक, इलेक्ट्रिकल और FMCG कटैगरी के देशी प्रोडक्ट ज़रूरत के हिसाब से मार्केट में नहीं है। वहीं, इस कैटेगिरी के जो उत्पाद बाज़ार में हैं उनकी मार्केट वैल्यू कम है।

बड़े व्यापारियों का तर्क है कि इस कैटेगिरी में जो भी विदेशी प्रोडक्ट हैं उनकी मैन्युफैक्चरिंग का ज्यादातर काम अब भारत में ही होता है और इन्हीं उत्पादों की डिमांड भी ज्यादा है। ऐसे में किसी बिना रणनीति और बैकअप के विदेशी उत्पादों का पूरी तरह से बॉयकॉट करना बेहद मुश्किल और अव्यवहारिक है।

यानि साफ है कि देश के बड़े रिटलर्स डिमांड के हिसाब से विदेश से आयात के पक्ष में है। वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत अपनी ज़रुरत का काफी सामान विदेश से आयात करता है। बता दें कि अपनी ज़रूरत के 60 % से ज़्यादा पावर इक्विपमेंट भारत आयात करता है। वहीं, 89% OT उपकरण, 88% मॉनिटर, 95% टेलीफोन के उपकरण, 80% लेदर-प्लास्टिक के समान और 81% खिलौने विदेश से आयात होते हैं।

ऐसे में जबकि देश में विदेशी सामान की भारी डिमांड है, देखना होगा कि CAIT का अभियान कितना सफल हो पाता है और इस अभियान को आम जनता का कितना सहयोग मिल पाता है। क्योंकि जब जनता विदेशी उत्पादों की जगह पर देशी उत्पादों को ज़्यादा तरजीह नहीं देगी, तब तक विदेशी सामान का आयात होता रहेगा।