सावधान! थर्ड पार्टी डार्क नेट पर बेच रही हैं भारतीयों का डाटा
डार्क नेट पर क्रिमिनल्स खरीद और बेच रहे हैं भारतीयों का डाटा
JUNE 09 (WTN) - स्वाभाविक है कि टेक्नोलॉजी के इस दौर में आप स्मार्टफोन और इंटरनेट का इस्तेमाल किए बिना कामों को आसान नहीं निपटा सकते हैं। आप जानते ही हैं कि आज के दौर में स्मार्टफोन और इंटरनेट इंसान की ख़ास ज़रुरत बन गया है। लेकिन यही इंटरनेट आज इंसान के लिए मुसीबत भी बनाया जा रहा है। जी हां, जानकारी के लिए बता दें कि साइबर क्राइम के लिए इस्तेमाल होने वाले डार्क नेट में लाखों की संख्या में भारतीयों का डाटा बेचा जा रहा है जिसका क्रिमिनल्स दुरुपयोग कर रहे हैं।
यह सब पढ़कर आप चौक गए होंगे कि आखिर यह कैसे सम्भव है ? तो बता दें कि लाखों भारतीयों के डाटा की स्कैन्ड कॉपी डार्क वेब पर खुफिया तरीके से बेची जा रही है। इस बात का खुलासा साइबर खुफिया एजेंसी Cyble ने हाल ही में किया है।
दरअसल, Cyble ने डार्क नेट पर लाखों भारतीयों की आईडी जैसे पासपोर्ट, पैनकार्ड और आधार कार्ड की स्कैन्ड कॉपी देखी हैं। और यह पूरी जानकारी खुफिया तौर पर डार्क नेट पर बेची जा रही हैं।
Cyble की माने तो डार्क नेट पर भारतीयों का जो भी डाटा मौजूद है वो डाटा सरकार की ओर से लीक हुआ नहीं दिखता है।
माना जा रहा है कि लाखों भारतीय की ID की स्कैन्ड कॉपी किसी कंपनी के KYC से चुराई गई है। Cyble का मानना है कि बैंकों से थर्ड पार्टी ये आईडी चुरा रही है। और इस डाटा को चुराने के बाद इसे महंगे दाम पर डार्क नेट के जरिए साइबर क्रिमिनल्स को बेचा जाता है।
Cyble के अनुसार जो भी डाटा डार्क नेट पर मौजूद है वो थर्ड पार्टी द्वारा लीक किया गया लगता है। डार्क वेब पर मौजूद इस डाटा को किसी अनपॉपुलर एक्टर की प्रोफाइल के माध्यम से बेचा जा रहा है। इस अनपॉपुलर एक्टर के पास भारत के क़रीब एक लाख से ज़्यादा लोगों की ID है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मई में भी Cyble ने डाटा चोरी जैसे खतरे की आशंका जताई थी। Cyble के अनुसार, लाखों भारतीयों की पर्सनल जानकारी डाटा के ज़रिए डार्क नेट पर बेची जा रही है। जांच में पाया गया था कि जिन लोगों का डाटा डार्क नेट पर मौजूद है उनमें से ज़्यादातर ट्रूकॉलर का इस्तेमाल करते हैं। वहीं, लाखों लोगों का डाटा जॉब वेबसाइट्स से भी चुराया गया था।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डार्क नेट इंटरनेट की दुनिया का एक ऐसा सीक्रेट स्पेस है, जहां पर कुछ ही ब्राउजर के जरिए पहुंचा जा सकता है। डार्क नेट इतना सीक्रेट होता है कि इसके ब्राउज़र सर्च इंजन में भी नहीं आते हैं। डार्क नेट पर क्रिमिनल्स बैंकिंग फ्रॉड करते हैं, यहां पर हथियार बेचे और खरीदे जाते हैं, नशे का कारोबार होता है और यहां पर पोर्नोग्राफी भी होती है।
तो हमारी आपको सलाह है कि आप आप अपने डाटा के लीक होने के बारे में सतर्क रहें। जो भी ऐप आप मोबाइल में डाउनलोड करें, काफी सोच समझकर ही उसे एक्सेस दें और डाक्यूमेंट्स अपलोड करें। क्योंकि आपकी ग़लती से आपका डाटा डार्क नेट पर जा सकता है और इसका दुरुपयोग हो सकता हैं।