गलवान घाटी में मात खाने के बाद बौखलाया चीन कर सकता है साइबर अटैक!
चीन की साइबर आर्मी के 'निशाने' पर भारत
JUNE 23 (WTN) - लद्दाख की गलवान घाटी में हाल ही मैं बुरी तरह मात खा चुकी चीन की वामपंथी सरकार बुरी तरह से बौखलाई हुई है। चीन की वामपंथी सरकार की PLA (People's Liberation Army) ने सोचा था कि वो गलवान घाटी पर कब्जा करने में सफल हो जाएगी। लेकिन भारतीय सेना ने PLA के मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया। हालांकि, PLA के साथ हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान वीर गति को प्राप्त हुए हैं।
लेकिन अमेरिका की कुछ ख़ुफ़िया एजेंसियों का दावा है कि इस हिंसक झड़प में चीन के 35 सैनिक मारे गए हैं। अब चीन की वामपंथी सरकार जब कोरोना वायरस संक्रमण मारे गए लोगों की संख्या तक छुपा लेती है, तो वो क्या दुनिया के सामने कबूल करेगी कि उसके 35 सैनिक बुरे तरह से मारे गए हैं।
ख़ैर, गलवान घाटी में बुरी तरह से पिटी चीन की वामपंथी सरकार अब सीमा पर युद्ध का माहौल बनाने की कोशिश में है। लेकिन वहीं, चीन अपने हैकर्स की बड़ी सी फौज के साथ भारत पर साइबर अटैक भी कर सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चीन की यह साइबर आर्मी दूसरे देशों में जासूसी के अलावा कई दूसरे काम भी करती है।
जानकारी के अनुसार, चीन में सेना के साथ-साथ साइबर आर्मी को भी बराबर का महत्व मिलता है। चीन की साइबर आर्मी के हैकर्स के काम बंटे हुए हैं। बता दें कि चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के अनुसार, दुश्मन देश को कमज़ोर करने के लिए साइबर वॉर छेड़ना ज़मीनी युद्ध से कम खर्चीला है।
अमेरिका की साइबर सिक्टोरिटी से जुड़ी कंपनी Mandiant ने साल 2013 में खुलासा करते हुए कहा था कि कई हाई प्रोफाइल साइबर हमलों में चीन की साइबर आर्मी का हाथ रहा है। इस तरह के साइबर हमलों में PLA का तीसरा डिपार्टमेंट जुड़ा हुआ होता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि PLA का तीसरा डिपार्टमेंट चीन की इंटेलिजेंस ब्रांच है और इसे कोड 61398 के नाम से भी जाना जाता है।
इसी 61398 कोड के ज़रिए ही चीन की साइबर आर्मी दुश्मन देशों पर साइबर अटैक करती है। वैसे इस कोड के बारे में सिर्फ इतना ही दुनिया को पता है कि यह चीन के Chengdu शहर से संचालित होने वाला एक विभाग है। इस कोड में काम करने वाले चीन के हैकर्स अलग-अलग हजारों सर्वर पर काम करते हैं। जानकारी के अनुसार, चीन की साइबर आर्मी में क़रीब एक लाख हैकर्स हैं।
दरअसल, यह बात अमेरिका ख़ुद मानता है कि चीन की साइबर आर्मी इतनी सक्षम हो चुकी है कि वो युद्ध में किसी भी देश को साइबर अटैक से काफी ज़्यादा आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है।
जानकारी के लिए बता दें कि साल 2017 में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने Central Commission for Integrated Military and Civilian Development बनवाया था। इसमे बाकायदा सेना के कामों में आम लोगों यानि कि हैकर्स की भागीदारी तय की गई थी। बाद में इसके लिए बाकायदा साइबर सिक्योरिटी इनोवेशन सेंटर भी बनाया गया था जिसे चीन की सबसे बड़ी साइबर सिक्योरिटी कंपनी 360 Enterprise Security Group के देखरेख में संचालित किया जा रहा है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चीन ने भारत के साथ साइबर युद्ध छेड़ने की तैयारी भी कर ली है। इसके तहत चीन अब भारत की कुछ वेबसाइट्स पर DDOS (distributed denial of service) हमला कर रहा है जिससे किसी भी नेटवर्क पर अर्टिफिशियल ट्रैफिक हो जाता है और आसानी से गड़बड़ी की जा सकती है।
गलवान घाटी में बुरी तरह से मात खाई चीन की वामपंथी सरकार अब भारत पर साइबर अटैक की तैयारी में है। हालांकि, भारत के आईटी एक्सपर्ट भी चीन के किसी भी तरह के साइबर हमले का जवाब देने के लिए सजग और तैयार हैं। ऐसे में लगता है कि चीन की वामपंथी सरकार साइबर अटैक में भी भारत से मात खाने की तैयारी में है।