...तो क्या बच्चों पर कोरोना वायरस संक्रमण का असर होता है 'कम'?
रिसर्च का दावा: कोरोना वायरस संक्रमण से बच्चे होते हैं 'बहुत कम' प्रभावित
JUNE 26 (WTN) - चीन के वुहान शहर से उपजी और फैली कोरोना वायरस संक्रमण की महामारी अभी तक क़रीब 4,91,856 लोगों की जान ले चुकी है। चीन की वामपंथी सरकार की ग़लती, लापरवाही और ग़ैर ज़िम्मेदाराना रवैये के कारण कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक क़रीब 97,14,860 लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं।
कोरोना वायरस संक्रमण की दवा और वैक्सीन बनाने के काम में दुनिया भर के वैज्ञानिक दिन रात मेहनत कर रहे हैं। इसी बीच, कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर दुनिया भर में कई तरह के शोध कार्य लगातार जारी हैं। बात करें बच्चों पर कोरोना वायरस संक्रमण के असर की, तो इस पर भी तरह-तरह के शोध में अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
इसी बीच, यूरोप में बच्चों पर की गई एक रिसर्च के मुताबिक़, कोरोना वायरस संक्रमण के कारण बच्चों की मृत्युदर एक प्रतिशत से भी कम है। Lancet Child & Adolescent Health के मुताबिक़ इस रिसर्च में 21 यूरोपियन देशों से 600 बच्चों को शामिल किया गया था जिसमें कोरोना वायरस संक्रमण से प्रभावित बच्चों की उम्र 3 दिन से लेकर 18 साल तक थी। इन बच्चों में लड़कों की संख्या लड़कियों से थोड़ी ही ज़्यादा थी। वहीं, इनमें से क़रीब 75 प्रतिशत बच्चे कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित होने से पहले पूरी तरह से स्वस्थ थे।
1 अप्रैल से 24 अप्रैल के बीच जमा किए गए डाटा पर हुई रिसर्च के अनुसार, कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित होने पर 600 बच्चों में से आधे से ज्यादा बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। लेकिन इनमें से सिर्फ़ 8 प्रतिशत बच्चों की ही तबीयत इतनी बिगड़ी थी की उन्हें ICU में भर्ती कराना पड़ा था। वहीं, इनमें से सिर्फ़ चार बच्चों की ही मौत हुई। यानि कि कोरोना वायरस संक्रमण से बच्चों के मौत की दर सिर्फ़ 0.69% ही रही।
रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों के अनुसार, कोरोना वायरस से बच्चों की मौत की दर इससे और भी कम मानी जा सकती है क्योंकि बहुत से बच्चे कोरोना वायरस से संक्रमित तो हुए लेकिन उनमें इसके लक्षण इतने कम थे कि उन्हें हॉस्पिटल तक लाने की ज़रूरत ही नहीं पड़ी। बता दें कि रिसर्च में शमिल 16 प्रतिशत बच्चों में कोरोना वायरस संक्रमण के कोई भी लक्षण नहीं थे। और इन बच्चों का कोरोना टेस्ट भी इसलिए ही किया गया था क्योंकि यह बच्चे कोरोना वायरस संक्रमित किसी व्यक्ति के संपर्क में आए थे।
कोरोना वायरस संक्रमण के कारण जिन बच्चों की मौत हुई, उन सबकी उम्र 10 साल से ज़्यादा थी। वहीं, लड़कों में लड़कियों की तुलना में बीमारी के लक्षण ज़्यादा गम्भीर थे। इधर, China CDC Weekly के अनुसार एक रिसर्च में बताया गया है कि बच्चों को कोरोना वायरस संक्रमण का ख़तरा बहुत कम है। चीन में की गई एक रिसर्च के अनुसार, 10 से 19 साल के बच्चों में से केवल एक प्रतिशत बच्चे ही कोरोना वायरस संक्रमण से प्रभावित निकले। वहीं, 10 साल से कम उम्र के एक प्रतिशत से भी कम बच्चे कोरोना वायरस संक्रमण से प्रभावित दिखे।
वहीं, जहां तक नवजात बच्चों की बात है, तो कुछ डॉक्टर्स का मानना है कि यदि मां कोरोना वायरस संक्रमण से प्रभावित है, तो नवजात बच्चा गर्भ में ही कोरोना वायरस के लिए एंटी बॉडी जेनेरेट कर लेता है। चीन के शहर वुहान में जब गर्भवती नौ महिलाओं पर स्टडी की गई, तो इस स्टडी के अनुसार, कोरोना वायरस संक्रमण मां से बच्चे में ट्रांसफर नहीं होता है। वैसे इन सभी रिसर्च के बारे में डॉक्टर्स की राय है कि यह शुरुआती स्टडी है और इसके आधार पर पूरे विश्वास के साथ नहीं कहा जा सकता है कि बच्चों पर कोरोना वायरस संक्रमण का असर बहुत कम होता है।