'इन 12 देशों' में नहीं है कोरोना वायरस संक्रमण का एक भी केस!
तुर्कमेनिस्तान और उत्तर कोरिया समेत 12 देश अभी तक COVID-19 से "आज़ाद'
JULY 20 (WTN) - चीन के वुहान शहर से फैली कोरोना वायरस संक्रमण महामारी इस समय मानव सभ्यता के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। इस लेख को लिखे जाने तक, कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक पूरी दुनिया में क़रीब 6,09,518 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, क़रीब 1,46,68,520 लोग कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित हो चुके हैं।
वहीं, जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी (COVID-19) की अभी तक कोई भी वैक्सीन या दवा नहीं बन पाई है। हालांकि, कई देशों के वैज्ञानिक COVID-19 की वैक्सीन और दवा बनाने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कोई भी ठोस सफलता हासिल नहीं हो सकी है।
इस सबके बीच, अमेरिका, ब्राज़ील और भारत जैसे देशों में जिस तेज़ी से कोरोना वायरस संक्रमण फैल रहा है, उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बीमारी से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इधर, WHO (World Health Organization) यानि विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञों को दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर की आशंका है।
बता दें कि सही आंकड़े बताने का दावा करने वाली एक वेबसाइट Worldometers के अनुसार, 215 देशों और स्वतंत्र द्वीपों में रहने वाले लोग इस समय कोरोना वायरस संक्रमण से जूझ रहे हैं। लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस समय जबकि पूरी दुनिया कोरोना वायरस संक्रमण महामारी से परेशान है, 12 ऐसे देश भी हैं जहां पर कोरोना वायरस संक्रमण के एक भी केस के ना होने का दावा किया जा रहा है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जिन 12 देशों में कोरोना वायरस संक्रमण महामारी का एक भी केस नहीं होने का दावा किया जा रहा है, उसमें तुर्कमेनिस्तान और उत्तर कोरिया छोड़कर बाकी बचे 10 देश काफी छोटे द्वीपीय देश हैं। यह 12 देश हैं, तुर्कमेनिस्तान, उतर कोरिया, किरिबाती, मार्शल आइलैंड्स, माइक्रोनेशिया, नाउरु, पलाऊ, समोया, सोलोमन आइलैंड, टोंगा, तुवालु और वानूआतू।
जैसा कि हमने आपको बताया कि तुर्कमेनिस्तान और उत्तर कोरिया को छोड़कर बाकी सभी 10 देश द्वीपीय देश हैं। दरअसल, यह सभी 10 देश काफी छोटे हैं और इनकी भौगोलिक स्थिति बीच समुद्र में है। ऐसे में यहां पर दूसरे देशों से लोगों के इस समय आने की संभावना ना के बराबर है। इन देशों की आय काफी हद पर्यटन पर निर्भर है और दुनिया के अन्य देशों के साथ इन देशों के ज़्यादा व्यापारिक और राजनीतिक संबंध भी नहीं है। अब जबकि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण इन देशों में पर्यटकों की आवाजाही बंद है और यह देश बाकी अन्य देशों से काफी अलग-थलग हैं, तो ऐसे में इन देशों में अभी कोरोना वायरस संक्रमण का कोई भी केस सामने नहीं आया है।
वहीं, यदि हम बात करें उत्तर कोरिया की, तो किम जोंग उन के तानाशाही शासन के कारण उत्तर कोरिया दुनिया के बाकी हिस्सों से कटा हुआ है। उत्तर कोरिया के लोगों का बाहर जाना और बाहरी लोगों का उत्तर कोरिया आना न के बराबर होता है। ऐसे में कोरोना वायरस से संक्रमित किसी अन्य देश के व्यक्ति का उत्तर कोरिया में प्रवेश करना नामुमकिन ही है। यही कारण है कि अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण का एक भी केस उत्तर कोरिया में नहीं पाया गया है। दरअसल, इस रहस्यमय देश की कोई भी जानकारी बाहर नहीं आ पाती है। तो ऐसे में यह दावे के साथ नहीं कहा जा सकता है कि उत्तर कोरिया में कोरोना वायरस संक्रमण का एक भी केस नहीं है।
लेकिन सबसे बड़े आश्चर्य की बात है कि मध्य एशिया के देश तुर्कमेनिस्तान में कोरोना वायरस का एक भी केस नहीं है। 1991 में सोवियत संघ से अलग होकर स्वतंत्र देश बने एक बड़े देश तुर्कमेनिस्तान की जनसंख्या 59 लाख के क़रीब है। अब जबकि तुर्कमेनिस्तान के आसपास के देशों में कोरोना वायरस संक्रमण काफी तेज़ी से फैल रहा है, लेकिन तुर्कमेनिस्तान में कोरोना वायरस का एक भी केस न होना एक शोध का विषय है।