रिसर्च का दावा: कोरोना वायरस संक्रमण में मददगार है विटामिन-डी
रिसर्च का दावा: कोरोना वायरस संक्रमण में मददगार है विटामिन-डी
JUlLY 24 (WTN) - क्या एक विटामिन कोरोना वायरस संक्रमण से आपकी रक्षा कर सकता है? यह पढ़कर आप ज़रूर ही चौक गए होंगे? ख़ैर, क्या है यह मामला? इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं। लेकिन, जैसा कि आप जानते ही हैं कि चीन के वुहान शहर से फैली कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी (COVID-19) इस समय मानव सभ्यता के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। चीन की वामपंथी सरकार की ग़लती, लापरवाही और ग़ैर ज़िम्मेदाराना रवैये के कारण ही कोरोना वायरस संक्रमण, वुहान शहर से पूरी दुनिया में फैल गया। और इसके कारण लाखों लोगों की जान चली गई।
इस लेख को लिखे जाने तक, कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक पूरी दुनिया में क़रीब 6,36,576 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक पूरी दुनिया में क़रीब 1,56,56,885 लोगों संक्रमित हो चुके हैं। इधर, लगातार फैलते कोरोना वायरस की अभी तक कोई भी दवा या वैक्सीन नहीं बन पाई है। हालांकि, COVID-19 की दवा और वैक्सीन को बनाने में वैज्ञानिक दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। लेकिन, दुर्भाग्य से इस दिशा में कोई भी ठोस सफलता अभी तक हासिल नहीं हो सकी है।
वहीं, वैज्ञानिक इस बात पर लगातार शोध कर रहे हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण किन लोगों को ज़्यादा संक्रमित कर रहा है? दरअसल, वैसे तो दुनिया के ज़्यादातर देश कोरोना वायरस संक्रमण से प्रभावित हैं। लेकिन, कुछ देश इस बीमारी से ज़्यादा तो कुछ देश कम प्रभावित हैं। हालांकि, दावा किया जा रहा है कि तुर्कमेनिस्तान और उत्तर कोरिया समेत 12 देशों में कोरोना वायरस संक्रमण का एक भी केस नहीं है।
ख़ैर, जैसा कि हमने आपको बताया कि दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस का असर अन्य देशों तुलना में अभी तक कम रहा है। दरअसल, इस बारे में वैज्ञानिकों का मानना है कि विटामिन-डी ने इन देशों में रहने वाले लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाने और संक्रमित हो जाने पर मृत्यु से बचाने में काफी अहम भूमिका निभाई है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आयरिश मेडिकल जर्नल में छपी एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जिन देशों के लोगों के शरीर में विटामिन-डी की मात्रा ज़्यादा है वहां पर कोरोना वायरस संक्रमण की दर अन्य देशों की तुलना में कमज़ोर है
इतना ही नहीं, इन देशों में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मौतें भी तुलनात्मक रूप से कम हो रही हैं। वहीं, जर्नल में छपी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जिन देशों के लोगों के शरीर में विटामिन-डी की कमी पाई गई है वहां पर कोरोना वायरस संक्रमण से ज़्यादा लोग संक्रमित हुए हैं और इससे मौतें भी ज़्यादा हुई हैं।
जर्नल के मुताबिक़, नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड और स्वीडन ऐसे देश हैं जहां के लोगों के शरीर में विटामिन-डी की मात्रा अन्य देशों की तुलना में ज़्यादा है, और यही विटामिन डी इन लोगों के लिए कोरोना वायरस संक्रमण से रक्षा कवच बन गया। दरअसल, इस बारे में वैज्ञानिकों का मानना है कि इस देशों के लोगों के शरीर में विटामिन-डी पर्याप्त मात्रा होने से यहां के लोग कोरोना वायरस संक्रमण से कम बीमार पड़े और इन देशों में कोरोना वायरस संक्रमण से मौतें भी ज़्यादा नहीं हुईं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नॉर्वे, फिनलैंड, डेनमार्क और स्वीडन की भौगोलिक स्थिति के कारण यहां सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणें कम पहुंचती हैं और सूरज की यही किरणें विटामिन-डी का प्रमुख स्रोत होती हैं। इसलिए इन देशों में लोग विटामिन-डी की कमी को पूरा करने के लिए दुग्ध उत्पाद ज़्यादा लेते हैं जिस कारण से इन लोगों के शरीर में आमतौर में विटामिन-डी की कमी नहीं होती है।
वहीं, जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है कि यूरोपीय देश स्पेन, फ्रांस, इटली और ब्रिटेन के साथ-साथ अमेरिका, भारत और चीन के लोगों में विटामिन-डी की भारी कमी पाई जाती है। और इसी कारण से इन देशों के लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण से लड़ने की क्षमता तुलनात्मक रूप से कम पाई गई है। और इसी कारण से इन देशों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेज़ी में बढ़े और बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हुए।
दरअसल, विटामिन-डी की कमी सबसे ज़्यादा एशियाई और अश्वेत मूल के लोगों में पाई जाती है। और इसी कारण से इन लोगों की ब्रिटेन और अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण से बहुत ज़्यादा मौतें हुई हैं। इधर, वैज्ञानिकों ने रिसर्च में पाया है कि भारत और चीन समेत उत्तरी गोलार्द्ध के कई अन्य देशों में साल के शुरुआती महीनों में ठंड थी। वहीं, संक्रमण से बचने के लिए कई देशों में लॉकडाउन लगा दिया गया जिसके कारण लोग घरों में ही सीमित रह गए। अब जबकि लोग घरों में ही रहे तो सही तरीक़े से सूरज की किरणों के सम्पर्क में नहीं आ सके। और इसी कारण से उनके शरीर में विटामिन-डी की गंभीर रूप से कमी हो गई।
साफ है कि अब जबकि कोरोना वायरस संक्रमण की अभी तक कोई भी दवा और वैक्सीन नहीं बन सकी है, तो ऐसे में आप प्राकृतिक रूप से ही ख़ुद को कोरोना वायरस संक्रमण से बचा सकते हैं। योग, प्रणायाम और आयुर्वेद से अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं और विटामिन-डी की कमी को पूरा करने के लिए दुग्ध उत्पाद लें या फिर कम से कम 20 मिनिट तक सूर्य की किरणों के सीधे सम्पर्क में रहें। पर हमारी आपको सलाह है कि कोई भी उपाय अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।