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रेलवे की 'इस पहल' से मिलेगी ट्रेनों की रनिंग पोजीशन की और भी सटीक जानकारी

Friday - July 24, 2020 5:15 pm , Category : WTN HINDI
भारतीय रेलवे ने शुरू की ट्रेनों की सैटेलाइट ट्रैकिंग
भारतीय रेलवे ने शुरू की ट्रेनों की सैटेलाइट ट्रैकिंग

ISRO की मदद से रेलवे बताएगा ट्रेनों की सही 'पोजीशन' 

JULY 24 (WTN) - कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस समय काफी सीमित से संख्या में ही यात्री रेलगाड़ियों का परिचालन किया जा रहा है। इसी कारण से लगभग सभी यात्री गाड़ियां लगभग सही समय पर स्टेशन पर पहुंच रही हैं। वैसे कोरोना संकट के पहले और अभी भी यदि आपको किसी भी यात्री रेलगाड़ी की रनिंग पोजीशन का पता करना होना था, तो आप IRCTC की वेबसाइट या ऐप या फिर किसी प्राइवेट ऐप की मदद लेते थे।

दरअसल, इन ऐप से यात्री रेलगाड़ियों की रनिंग पोजीशन का काफी कुछ सही पता आपको चल जाता है। लेकिन, अब यात्री रेलगाड़ी की और भी सटीक और त्वरित रनिंग पोजीशन यात्रियों को उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रेलवे ने ISRO (Indian Space Research Organization) का सहयोग लिया है।

जी हां, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय रेलवे ने अपने इंजन को ISRO के उपग्रह से जोड़ दिया है, जिससे उपग्रहों से मिली जानकारी से यात्री रेलगाड़ी की बिल्कुल सही स्थिति की जानकारी हासिल हो सकेगी। दरअसल, ऐसा होने से ट्रेन की रनिंग पोजीशन के साथ-साथ ट्रेन के आगमन और प्रस्थान की सटीक जानकारी अपने आप रेलवे के रिकॉर्ड में दर्ज़ हो जाएगी, और यात्री वेबसाइट या ऐप की मदद से इस जानकारी को हासिल कर सकेंगे।

दरअसल, भारतीय रेलवे और ISRO के बीच हुए क़रार के बाद अब सैटेलाइट के द्वारा ट्रेन्स की निगरानी की जा सकेगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि देश भर में रेलवे के 350 सेक्शन कंट्रोल हैं, जिसमें सटीक तरीके से गाड़ियों के परिचालन के फैसले लिए जाते हैं। अब रेलवे के इस बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण काम में इसरो का GAGAN सहायता कर रहा है।

दरअसल, GAGAN वास्तव में RTIS तकनीक से जुड़ा GPS एडेड GEO ऑगमेंटेड सिस्टम है। बता दें कि शुरुआत में इसे वायु क्षेत्र के लिए विकसित किया गया था, लेकिन अब यह सिस्टम हर 30 सेकेंड में ट्रेन की स्पीड और लोकेशन की सटीक जानकारी रेलवे के साथ शेयर करता है। और यही सटीक जानकारी अब रेलवे, यात्रियों के साथ शेयर करने जा रहा है।

ISRO के साथ रेलवे का यह नया सिस्टम सूचना और तर्क के अनुप्रयोग की मदद से ट्रेनों के आगमन, प्रस्थान, तय की गई दूरी, ट्रेन के अनिर्धारित ठहराव और सेक्शन के बीच की समय पर सटीक जानकारी पहुंचा रहा है। दरअसल, यह सिस्टम ISRO के S-बैंड मोबाइल सैटेलाइट सर्विस के माध्यम से CRIS डाटा सेंटर के माध्यम से सेंट्रल लोकेशन सर्वर तक ला रहा है।

जानकारी के लिए बता दें कि ट्रेन परिचालन की दक्षता में सुधार करते हुए अब भारतीय रेलवे ने ट्रेनों की सैटेलाइट ट्रैकिंग शुरू की है। दावा किया जा रहा है कि दिसंबर 2021 तक, पूरे माल और यात्री रेल परिचालन को ISRO की मदद से उपग्रह के माध्यम से ट्रैक किया जाएगा।

दरअसल, इस नई प्रणाली से रेलवे को अपने नेटवर्क में ट्रेनों के संचालन के लिए अपने कंट्रोल रूम, रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने में काफी मदद मिल रही है। ISRO के GAGAN सिस्टम से ही रेलवे जियो पोजीशनिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। और यही GAGAN सिस्टम ट्रेनों की चाल और पोजीशन के बारे में सटीक जानकारी दे रहा है।