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कोरोना वायरस संक्रमण से बचना है तो वजन को रखें 'नियंत्रित'

Tuesday - July 28, 2020 12:20 pm , Category : WTN HINDI
मोटे लोगों को भी है कोरोना वायरस संक्रमण का काफी ख़तरा
मोटे लोगों को भी है कोरोना वायरस संक्रमण का काफी ख़तरा

40 से ज़्यादा BMI होने पर COVID-19 से मृत्यु का ख़तरा 'दोगुना'!

JULY 28 (WTN) - चीन के वुहान शहर से फैली कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी (COVID-19) इस समय मानव सभ्यता के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। चीन की वामपंथी सरकार की लापरवाही, ग़लती और ग़ैर ज़िम्मेदाराना रवैये के कारण ही कोरोना वायरस संक्रमण महामारी वुहान शहर से पूरी दुनिया में फैल गई है। इस लेख को लिखे जाने तक, कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी से अभी तक पूरी दुनिया में क़रीब 6,56,672 लोगों की मौत हो चुकी है। 

ख़ैर, जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी की अभी तक कोई भी वैक्सीन नहीं बन पाई है। हालांकि, कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी की वैक्सीन की खोज के लिए पूरी दुनिया के वैज्ञानिक दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। लेकिन, दुर्भाग्य से इस दिशा में कोई भी ठोस सफ़लता अभी तक हासिल नहीं हो सकी है।

इस सबके बीच, इस बात पर लगातार शोध जारी हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी फैलती कैसे है? इसी कड़ी में लगातार शोध के बाद वैज्ञानिक इस निष्कर्ष पर पहुंच हैं कि कमज़ोर रोग प्रतिरोधक क्षमता होने और पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण का सबसे ज़्यादा ख़तरा होता है। वहीं, अब वैज्ञानिकों का दावा है कि ज़्यादा मोटे लोगों को भी कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित होने का काफी ज़्यादा ख़तरा है।

दरअसल, रिसर्च के बाद वैज्ञानिकों का मानना है कि ज़्यादा मोटे लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित होने का ख़तरा तो ज़्यादा है ही। वहीं, कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर मोटे लोगों की मौत का ख़तरा भी काफी ज़्यादा बढ़ जाता है। बता दें कि वैज्ञानिकों द्वारा चेतावनी भी दी गई है कि जिनका भी BMI (Body Mass Index) 40 से ज़्यादा है उन लोगों को COVID-19 से मृत्यु का ख़तरा दोगुना हो जाता है।

इस कारण से कोरोना वायरस संक्रमण से सबसे ज़्यादा प्रभावित देशों में एक देश ब्रिटेन की जूनियर हेल्थ मिनिस्टर हेलेन वाटली ने अपने देश के लोगों से आग्रह किया है कि लोगों को कम खाना चाहिए और वजन घटाने पर ज़ोर देना चाहिए जिससे कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित होने का ख़तरा कम हो सके। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस के कारण अभी तक UK में क़रीब 45,759 लोगों की मौत हो चुकी है।

दरअसल, ब्रिटेन और अमेरिका समेत कई यूरोपीय देशों में मोटापा एक बड़ी समस्या और बीमारी बन गई है। इसी कारण से मोटापे की समस्या को ख़त्म करने के लिए ब्रिटेन समेत कई देशों की सरकारों ने जंक फूड के विज्ञापनों पर सख़्त पाबंदी लगा दी है। बात करें ब्रिटेन की, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ब्रिटेन में हेल्थ एंड सोशल केयर डिपार्टमेंट ने रात 9 बजे से पहले हाई फैट, शुगर और नमक वाले फूड के विज्ञापनों को टेलीविजन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बैन कर दिया है।

इतना ही नहीं, ब्रिटेन में सरकार खाने के कुछ सामानों पर 'एक के साथ एक फ्री' जैसे ऑफ़र भी बैन करने पर विचार कर रही है। वहीं, लोगों को यह जानकारी देने कि खाने-पीने कि किस वस्तु में कितनी कैलोरी है, इसके लिए दुकानों और रेस्टोरेंट में भी खाने-पीने की वस्तुओं पर कैलोरी लेबल लगाने की ज़रूरत को महसूस किया जा रहा है।

साफ है कि जब तक कोरोना वायरस संक्रमण की वैक्सीन नहीं बन जाती है, तब तक संक्रमण से बचने के लिए आपको काफी सतर्क रहने की ज़रुरत है। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। अपने वजन को नियंत्रित रखें और डॉक्टर की सलाह से योग, प्राणायाम और आयुर्वेद की सहायता से अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएं।