रिसर्च का दावा: लम्बे लोगों को है कोरोना वायरस से संक्रमण का ख़तरा ज़्यादा!
तेज़ी से ऊपर हवा में भी फैलते हैं कोरोना वायरस के ड्रॉपलेट्स
JULY 29 (WTN) - चीन के वुहान शहर से फैली कोरोना वायरस संक्रमण महामारी इस समय मानव प्रजाति के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। चीन की वामपंथी सरकार की ग़लती, लापरवाही और ग़ैर ज़िम्मेदाराना रवैये के कारण कोरोना वायरस संक्रमण महामारी, वुहान शहर।से।पूरी दुनिया में फैल गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस लेख को लिखे जाने तक, कोरोना वायरस संक्रमण महामारी से पूरी दुनिया में अभी तक क़रीब 6,63,540 लोगों की मौत हो चुकी है।
वहीं, जैसा कि आप जानते ही हैं कि अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण महामारी की कोई भी वैक्सीन नहीं बन पाई है। हालांकि, कोरोना वायरस संक्रमण महामारी की वैक्सीन को बनाने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। लेकिन, दुर्भाय से इस दिशा में कोई भी ठोस सफलता अभी तक हासिल नहीं हो सकी है। लेकिन इस सबके बीच, कोरोना वायरस पर लगातार रिसर्च जारी हैं। रिसर्च के ज़रिए वैज्ञानिक यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण किस तरह से फैल रहा है और किन लोगों को ज़्यादा प्रभावित कर रहा है?
इसी कड़ी में ब्रिटेन की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी और ओपन यूनिवर्सिटी समेत अंतरराष्ट्रीय रिसर्चर्स की एक टीम ने अमेरिका और ब्रिटेन के क़रीब दो हज़ार लोगों पर किए सर्वे और रिसर्च के बाद दावा किया गया है कि 6 फीट से ज़्यादा लम्बे लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित होने का ख़तरा बाकी लोगों की तुलना में दोगुने से भी ज़्यादा होता है।
मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, सर्वे में वैज्ञानिक दरअसल यह जानने की कोशिश कर रहे थे कि क्या लोगों के काम करने के तरीकों और घर में उनकी गतिविधियों का कोरोना वायरस संक्रमण से कोई संबंध है कि नहीं? इसी दौरान शोधकर्ताओं ने अपने सर्वे और रिसर्च में पाया कि 6 फीट से ज़्यादा लंबे लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित होने का ख़तरा और लोगों की तुलना में ज़्यादा होता है।
सर्वे के अनुसार 6 फीट से ज़्यादा लंबे लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण का ज़्यादा ख़तरा होना यह साबित करता है कोरोना वायरस सिर्फ़ ड्रॉपलेट्स से ही नहीं फैल रहा है बल्कि यह वायरस हवा के ज़रिए भी तेज़ी से फैल रहा है। सर्वे के आधार पर वैज्ञानिकों का दावा है कि ड्रॉपलेट से सिर्फ नीचे की तरफ ही संक्रमण नहीं फैलता है बल्कि हवा में मौजूद ड्रॉपलेट से भी संक्रमण हो सकता है।
सर्वे के मुताबिक़ कहा जा सकता है कि कोरोना वायरस संक्रमण के ड्रॉपलेट्स कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के मुंह या नाक से निकलने के बाद सिर्फ़ नीचे की तरफ ही नहीं जाते हैं जाते हैं बल्कि यह ऊपर हवा में भी फैलते हैं जिससे 6 फ़ीट या उससे ज़्यादा लम्बे लोगों को कोरोना वायरस से संक्रमण से संक्रमित होने का ख़तरा काफी ज्यादा है।
तो अब जबकि अभी तक कोरोना वायरस की कोई भी वैक्सीन नहीं बन पाई है, तो ऐसे में कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए घर से बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। वहीं, डॉक्टर की सलाह से योग, प्राणायाम और आयुर्वेद की सहायता से अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं।