BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RELIGION SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS BIG MEMSAAB 2017 BUDGET 2017 FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES Mahakal Ke Darshan
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
logo
Breaking News

बहुत आसान है नए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज़ कराना

Wednesday - July 29, 2020 5:09 pm , Category : WTN HINDI
पूरे देश में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 क़ानून लागू
पूरे देश में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 क़ानून लागू

मोदी सरकार ने दिए उपभोक्ताओं को पहले से ज़्यादा अधिकार

JULY 29 (WTN) - एक उपभोक्ता के रूप में कई बार आपको ख़राब सामान या ख़राब सर्विस से परेशान होना पड़ा होगा। वहीं, कई बार आपकी इच्छा भी हुई होगी कि इसकी शिकायत आप करें। लेकिन, उपभोक्ता फोरम में शिकायत करने की प्रक्रिया से अनजान होने या इस प्रक्रिया को पेचीदा समझने के कारण आपने इस तरह की शिकायतें नहीं ही की होंगी।

ख़ैर, अब जबकि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 क़ानून पूरे देश में लागू हो गया है, तो इस नए क़ानून में अब ग्राहक, कम्पनी द्वारा ठगे जाने और कम्पनी द्वारा इस मामले की सुनवाई न किए जाने पर ख़ुद ही इसकी शिकायत दर्ज़ करा सकते हैं। बता दें कि इस नए कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 में जुर्माने और सज़ा दोनों का ही प्रावधान किया गया है। हालांकि, इस नए क़ानून में कम्पनी के ख़िलाफ़ शिकायत करने के कुछ नियम बनाए गए हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नए उपभोक्ता संरक्षण क़ानून ने साल 1986 के क़ानून का स्थान लिया है।

एक उपभोक्ता के तौर पर यदि आप किसी कम्पनी के सामान या सर्विस से असन्तुष्ट हैं, तो कम्पनी के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज़ कराने के लिए आपके पास ठोस कारण होना ज़रूरी है। जैसे अगर आपको जो सामान या सर्विस मुहैया कराई गई है उसमें

कोई कमी निकले, सामान या सर्विस बताई गई क्वालिटी के अनुसार न हो और उससे किसी भी तरह की कोई भी कमी हो, सामान या सर्विस की MRP से ज़्यादा क़ीमत आप से ली गई हो। वहीं, इसके अलावा सामान या सर्विस के संबंध में कोई भी परेशानी आपको आती है, तो उपभोक्ता सामान बनाने वाली कम्पनी, सामान बेचने वाले दुकानदार और सर्विस प्रोवाइडर कराने वाली कम्पनी के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज़ करा सकते हैं।

नए कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 क़ानून के तहत, सामान बनाने वाले, सामान बेचने वाले और सर्विस प्रोवाइड कराने वाले के ख़िलाफ़ शिकायत की जा सकती है। नए क़ानून के अनुसार, उपभोक्ता को शिकायत सबसे पहले उससे करना होगी जिससे उपभोक्ता ने सामान खरीदा है या फिर या सर्विस ली है। उपभोक्ता द्वारा शिकायत करने पर अगर वह शिकायत पर सुनवाई नहीं करता है, तो इसके बाद उपभोक्ता को कंपनी के कॉल सेंटर पर अपनी समस्या को बताना होगा। वहीं, यदि यहां पर भी कोई समाधान नहीं निकलता है, तो उपभोक्ता कम्पनी को लिखित शिकायत भी कर सकता है।

लेकिन, एक उपभोक्ता के तौर पर याद रखें कि किसी भी सामान को खरीदने या या सर्विस का इस्तेमाल करने पर उसका बिल या रसीद ज़रूर लें। बिल या रसीद पर कम्पनी का नाम, कम्पनी का प्रकार, कम्पनी का रजिस्टर्ड पता, कम्पनी का रजिस्टर्ड ई-मेल एड्रेस, कम्पनी का आइडेंटिफिकेशन नंबर (CIN), कम्पनी का इनवॉयस नम्बर और जीएसटी नम्बर ज़रूर लिखा होना चाहिए।

जानकारी के लिए बता दें कि अपनी शिकायत दर्ज़ कराने के लिए उपभोक्ता को consumerhelpline.gov.in पर जाकर Forums के ऑप्शन पर क्लिक करके संबंधित राज्य या ज़िला स्तर के अपने कमीशन की जानकारी हासिल करना होगी। नए क़ानून के तहत, उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी कंज्यूमर कमीशन में अपनी शिकायत दर्ज़ करवा सकता है क्योंकि अब नए क़ानून के तहत दुकानदार या कम्पनी के पते वाले इलाके में जाकर शिकायत कराना अब ज़रूरी नहीं है।

नया कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 उपभोक्ताओं के लिए काफी फायदेमंद है। इस नए क़ानून के तहत 5 लाख रुपए तक के क्लेम के लिए शिकायत करने पर कोई भी फीस नहीं देना है। वहीं, इससे ज़्यादा के क्लेम के लिए अलग-अलग फीस निर्धारित की गई है। अब यदि कभी ख़राब सामान या ख़राब सर्विस से आपका सामना होता है, तो आप बड़े ही आसानी से इसकी शिकायत कर क्लेम हासिल कर सकते हैं लेकिन इसके लिए आपके पास ठोस आधार और बिल या रसीद होना ज़रूरी है।