चेक धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने RBI ने लिया पॉजिटिव पे सिस्टम का सहारा
चेक भुगतान में धोखाधड़ी कम करने अब बैंकों में लागू होगा पॉजिटिव पे सिस्टम
AUG 06 (WTN) - पैसों का भुगतान करने या फिर भुगतान हासिल करने के लिए आपने बैंक के चेक का इस्तेमाल तो किया ही होगा। लेकिन, देखा गया है कि ज़्यादा राशि के चेक भुगतान के मामलों में कई बार धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं और लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं, चेक धोखाधड़ी के मामलों में बैंकों को भी शिकायतों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।
लेकिन, अब चेक के कारण होने वाली धोखाधड़ी और ग़फ़लत के मामलों पर रोक लगाने के लिए RBI (Reserve Bank of India) यानि भारतीय रिज़र्व बैंक ने ज़्यादा राशि के चेक क्लियरिंग के नियमों में बदलाव किया है। दरसअल, चेक भुगतान में ग्राहक सुरक्षा बढ़ाने और चेक लीफ के साथ होने वाली छेड़छाड़ के कारण होने वाली धोखाधड़ी की घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से RBI ने नया सिस्टम पेश किया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि RBI ने 50 हज़ार रुपए या उससे ज़्यादा के सभी चेक के भुगतान के लिए पॉजिटिव पे (Positive Pay) सिस्टम शुरू करने का निर्णय किया है। RBI के इस प्रस्तावित नए सिस्टम के अनुसार, 50 हज़ार रुपए या उससे ज़्यादा की राशि के चेक का भुगतान करने से पहले, चेक जारी करने वाले ग्राहक द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर जिस बैंक का चेक है उस बैंक से सम्पर्क किया जाएगा।
RBI के अनुसार पॉजिटिव पे सिस्टम देश में फ़िलहाल में जारी हो रहे कुल चेक्स के 20 प्रतिशत को कवर करेगा। वहीं, यह सिस्टम देश में इस संयदा जारी हो रही चेक्स की कुल राशि की 80 प्रतिशत राशि को कवर करेगा। हालांकि, यह अभी प्रस्ताव है और इस सिस्टम के लिए परिचालन संबंधित दिशा निर्देश जल्द ही जारी किए जाएंगे।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पॉजिटिव पे सिस्टम के तहत, 50 हज़ार रुपए या उससे ज़्यादा का चेक जारी करने के पहले, चेक जारी करने वाला व्यक्ति, चेक लाभार्थी को चेक देने से पहले चेक का पूरा विवरण जैसे चेक नम्बर, चेक डेट, Payee का नाम, खाता नम्बर और राशि आदि के साथ-साथ चेक के सामने और पीछे की साइड की फोटो के साथ साझा करना होगा।
इसके बाद, जब लाभार्थी चेक को भुगतान के लिए बैंक में जमा करेगा, तो बैंक, पॉजिटिव पे के ज़रिए जारी किए गए चेक डिटेल्स की तुलना करेगी। वहीं, जब चेक लाभार्थी द्वारा बताई गई डिटेल्स सही पाई जाती है तभी चेक क्लीयर हो पाएगा। वैसे आशा की जाना चाहिए कि भारतीय रिज़र्व बैंक के पॉजिटिव पे चेक सिस्टम से चेक क्लियरिंग आसानी से होगी और चेक के ज़रिए होने वाली किसी भी तरह की धोखाधड़ी से निजात मिलेगी।