अब बस एक कार्ड में सेव होगी आपकी पूरी स्वास्थ्य जानकारी!
जानिए क्या है मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन योजना?
AUG 08 (WTN) - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने ऐतिहासिक फैसलों के लिए प्रसिद्ध हैं। फ़िर चाहे वो जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना हो या फिर सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक हो। ऐतिहासिक फैसले लेने की कड़ी में अब प्रधानमंत्री मोदी स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ा फैसला लेने वाले हैं।
जी हां, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जल्द ही 'One Nation One Ration Card' की तर्ज़ पर 'One Nation One Health Card' योजना लाने की तैयारी कर रहे हैं। आख़िर क्या है प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षी योजना और इससे आम जनता को कितना लाभ होगा? इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।
दरअसल, मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, मोदी कैबिनेट से 'One Nation One Health Card' के लिए राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन को सैद्धांतिक तौर पर मंज़ूरी मिल गई है और 15 अगस्त के दिन प्रधानमंत्री मोदी इसकी घोषणा के साथ ही इसका शुभांरभ भी कर सकते हैं। इस योजना के तहत, देश के हर नागरिक का एक यूनिक हेल्थ ID कार्ड बनाया जाएगा। और इस यूनिक हेल्थ ID कार्ड के ज़रिए नागरिकों का पूरा हेल्थ डेटा एक ही प्लेटफॉर्म पर होगा। दावा किया जा रहा है कि इस डाटा में डॉक्टर की डिटेल्स के साथ-साथ देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी उपलब्ध होगी।
राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के तहत मेडिकल डेटा रखने के लिए हॉस्पिटल, क्लिनिक, डिस्पेंसरी और नर्सिंग होम्स आदि एक सेंट्रल सर्वर से लिंक रहेंगे। वैसे, फ़िलहाल नागरिकों और हॉस्पिटल्स के लिए यह उनकी मर्ज़ी पर निर्भर करेगा कि वे इस मिशन से जुड़ना चाहते हैं या नहीं। इस योजना के तहत, हर नागरिक का एक सिंगल यूनिक आईडी जारी होगा और इसी यूनिक आईडी के आधार पर लॉगिन किया जा सकेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन में हेल्थ आईडी, व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड, देशभर के डिग्रीधारी डॉक्टर्स और स्वास्थ्य सुविधाओं के रजिस्ट्रेशन पर सबसे ज़्यादा फ़ोकस किया गया है।
बता दें कि सरकार की वन नेशन वन हेल्थ कार्ड योजना में सभी का एक हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा। इस कार्ड में कार्ड होल्डर का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड दर्ज़ रहेगा। कार्ड बनने के बाद कार्ड होल्डर के इलाज और और टेस्ट की पूरी जानकारी इस कार्ड में डिजिटली सेव होगी और इसका रिकॉर्ड रखा जा सकेगा।
हेल्थ कार्ड बनने के बाद जब कार्ड होल्डर देश के किसी भी हॉस्पिटल या डॉक्टर के पास इलाज कराने जाएगा, तो हेल्थ कार्ड में उसकी सारी मेडिकल टेस्ट रिपोर्ट और सारे पर्चे डिजिटली सेव रहेंगे और उसे यह सब साथ ले जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। और डॉक्टर यूनिक हेल्थ कार्ड की यूनिक आईडी के ज़रिए मरीज़ का सारा मेडिकल रिकॉर्ड देख सकेंगे।
मोदी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत पहले देश के चुनिंदा राज्यों में की जाएगी, और फिर बाद में अलग-अलग चरणों में इस योजना को देशभर में लागू कर दिया जाएगा। वैसे, दावा किया जा रहा है कि इस योजना में यूनिक हेल्थ आईडी कार्ड होल्डर्स के डाटा को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा। और कार्ड होल्डर की इच्छा के बिना कार्ड में दर्ज़ जानकारी किसी और को नही मिल पाएगी। वहीं, इस यूनिक हेल्थ कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने का विकल्प भी कार्ड होल्डर के पास होगा। ख़ैर, अब देखना होगा कि मोदी सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना कितनी सफल हो पाती है क्योंकि विरोध के चलते इस योजना के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका तय है।