...तो क्या COVID-19 से संक्रमित बिना लक्षण वाले मरीज़ ज़्यादा तेज़ी से फैलाते हैं संक्रमण?
COVID-19 से संक्रमित बिना लक्षण वाले मरीज़ों के नाक, गले और फेफड़ों में उपस्थित होते हैं कोरोना वायरस
AUG 10 (WTN) - चीन के वुहान शहर से फैली कोरोना वायरस संक्रमण महामारी इस समय मानव सभ्यता के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। इस महामारी की भयावहता का अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं कि इस लेख को लिखे जाने तक, कोरोना वायरस संक्रमण महामारी से पूरी दुनिया में अभी तक क़रीब 7,33,997 लोगों की जान जा चुकी है।
वहीं, जैसा कि आप जानते ही हैं कि अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी (COVID-19) की कोई भी प्रामाणिक ठोस वैक्सीन नहीं बन पाई है। हालांकि, दुनियाभर के वैज्ञानिक कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी की दवा को बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। लेकिन, दुर्भाग्य से अभी तक इस दिशा में कोई में अन्तिम प्रामाणिक ठोस सफलता हासिल नहीं हो सकी है। वैसे, रूस के वैज्ञानिकों ने COVID-19 की वैक्सीन बनाने का दावा ज़रुर किया है, लेकिन WHO यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, यह वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल के तीसरे चरण को अभी पूरा नहीं कर पाई है।
इधर, कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी पर कई तरह की रिसर्च और स्टडी हो रही हैं। वैज्ञानिक लागातर यह जानने कि कोशिश कर रहे हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण किस तरह से फैलता है और यह मनुष्यों को किस तरह से प्रभावित करता है? वहीं, कोरोना वायरस से बिना लक्षण के संक्रमित होने वाले लोग अन्य लोगों में किस तरह से बड़ी तादात में संक्रमण फैला सकते हैं? इस थ्योरी पर वैज्ञानिक काफी दिनों से काम कर रहे हैं।
जी हां, अब इधर दक्षिण कोरिया में की गई एक स्टडी के अनुसार, बिना लक्षण वाले कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के नाक, गले और फेफड़ों में उतने ही कोरोना वायरस उपस्थित रहते हैं जितने कि कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित किसी बीमार के नाक, गले और फेफड़ों में उपस्थित होते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस स्टडी के दौरान दक्षिण कोरिया की टीम ने 6 मार्च से 26 मार्च के दौरान, कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित 193 लक्षण वाले लोगों, और कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित बिना लक्षण वाले 110 लोगों के सैम्पल लिए जिन्हें आइसोलेट करके रखा गया था। इस स्टडी में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित 110 बिना लक्षण वाले मरीज़ों में से 89 लोगों में बाद में भी लक्षण नहीं उभरे, जबकि 21 लोगों में बाद में लक्षण दिखाई दिए।
दक्षिण कोरिया में की गई यह स्टडी JAMA Internal Medicine में प्रकाशित हुई है। इस स्टडी के आधार पर दावा किया गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित बीमार लोगों के शरीर में जितने दिन तक वायरस होते हैं, लगभग उतने ही दिनों तक कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित बिना लक्षण वाले लोगों में भी कोरोना वायरस उपस्थित रहते हैं।
इधर, दक्षिण कोरिया की इस स्टडी के डेटा के बारे में कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्टडी उस थ्योरी को साबित करती है कि कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित बिना लक्षण वाले लोगों से संक्रमण फैलने का काफी खतरा है क्योंकि यह लोग ज़्यादा लोगों के संपर्क में आते हैं। वहीं कुछ वैज्ञानिकों का तर्क है कि कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित बिना लक्षण वाले लोग तुलनात्मक रूप से कम खांसते या छींकते हैं, इसलिए उनके द्वारा कोरोना वायरस फैलाने की आशंका तुलनात्मक रूप से कम है।
ख़ैर, अब जबकि कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं और अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण की कोई भी प्रामाणिक वैक्सीन नहीं बन पाई है, तो ऐसे में घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। वहीं, डॉक्टर की सलाह से योग, प्रणायाम और आयुर्वेद के ज़रिए ख़ुद की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं। साथ ही, विटामिन-डी की शरीर में आपूर्ति के लिए कम से कम 20 मिनिट तक सूर्य की रोशनी के प्रत्यक्ष सम्पर्क में रहें।