पाकिस्तान और चीन से निपटने लेज़र हथियार बनेंगे भारत के 'ब्रह्मास्त्र'
जानिए क्या होते हैं आधुनिक हाई-एनर्जी लेज़र हथियार?
AUG 11 (WTN) - भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने एक बार पाकिस्तान के सन्दर्भ में कहा था कि दोस्त या दुश्मन बदले जा सकते हैं लेकिन पड़ोसी नहीं। लेकिन, विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत का दुर्भाग्य तो देखिए कि भारत के दो पड़ोसी देश ऐसे हैं जिनकी हरकतें हमेशा से ही भारत विरोधी रही हैं।
जहां एक तरफ आतंकवाद को पैदा करने, बढ़ाने और फैलाने वाला देश पाकिस्तान, भारत का पड़ोसी देश है। तो वहीं दूसरी तरफ विस्तारवादी मानसिकता वाले देश चीन की सीमाएं भारत से जुड़ी हुई हैं। अब जबकि भारत से 'दुश्मनी' रखने वाले दो देश भारत के पड़ोसी हैं, तो इन विपरीत परिस्थितियों में भारत को काफी सतर्क रहने की ज़रूरत है क्योंकि इस दोनों ही देशों के साथ भारत के युद्ध हो चुके हैं।
ख़ैर, जहां तक भारत की रक्षा तैयारियों की बात है, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत दुनिया की एक बड़ी ताक़तवर सैन्य शक्ति है। परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मिसाइलों से लेकर आधुनिक पीढ़ी के राफेल लड़ाकू विमान तक, भारत के पास वे सभी सैन्य हथियार और साधन हैं जिनकी मदद से भारत अपनी सीमाओं की रक्षा कर सकता है। लेकिन, एक समझदार देश वो है जो अपनी सैन्य शक्ति को लगातार आधुनिक बनाता रहे। इसी कड़ी में अब भारत, लेज़र हथियारों की अपनी शक्ति बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है जिससे वो दुश्मनों पर हावी हो सके।
सबसे पहले तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लेज़र हथियार होते क्या हैं? दरअसल, लेज़र हथियार एयरक्राफ्ट, मिसाइल और टैंक आदि का विध्वंस किया जा सकता है। माना जाता है कि युद्ध में दुश्मन को हराने के लिए लेज़र हथियार इस समय के सबसे आधुनिक हथियार हैं। वैसे, अमेरिका अपने लेज़र हथियारों का टेस्ट करता रहता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हाल ही में अमेरिकन नेवी ने एक हाई-एनर्जी लेज़र हथियारों के सफल परीक्षण का दावा किया है। अमेरिका का दावा है कि उसका यह लेज़र हथियार बीच हवा में ही एयरक्राफ्ट को मार गिरा सकता है।
ख़ैर, जहां तक भारत के पास लेज़र हथियार की बात है, तो हां, भारत के पास भी लेज़र हथियार हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि DRDO (Defence Research and Development Organization) ने साल 2018 में तत्कालीन रक्षा मंत्री अरुण जेटली की उपस्थिति में कर्नाटक के चित्रदुर्ग में कई ऐसे हथियारों का सफल परीक्षण किया था जिन्हें लेज़र हथियार कहा जा सकता है।
उस परीक्षण के बाद DRDO ने कहा था कि 1 KV (किलोवाट) की ये लेज़र किरणें 250 मीटर की दूरी तक वार करती हैं और किसी भी धातु में 30 सेकंड के भीतर छेद कर सकने में सक्षम हैं। जानकारी के अनुसार, भारत अब और भी आधुनिक लेज़र हथियार, DEW (Directed Energy Weapon) बनाने की तैयारी में है जो कि ज़्यादा दूरी तक प्रहार करने वाले आधुनिक लेज़र हथियार होंगे। बता दें कि भारत का DEW, 2 किलोवाट का लेज़र हथियार होगा, जो लगभग 1 किलोमीटर तक प्रहार कर किसी टारगेट को भेद सकेगा।
दरअसल, DEW काफी सघन इलेक्ट्रो मैग्नेटिक ऊर्जी वाली बीम बनाते हैं। DEW दो तरह के होते हैं; उच्च शक्तिशाली लेज़र और माइक्रोवेव लेज़र। यह लेज़र हथियार युद्ध क्षेत्र में तैनात अन्य इलेक्ट्रॉनिक हथियारों के सर्किट को चंद सेकंड में ही जला देते हैं। बता दें कि DEW, मानव शरीर के लिए भी काफी नुकसानदेह हैं क्योंकि DEW से मानव शरीर को टारगेट बनाकर उसमें असहनीय गर्मी पैदा की जा सकती है। वहीं, DEW से व्यक्ति अंधा भी हो सकता है।
जहां तक लेज़र हथियारों की बात है, तो अमेरिका में साल 1960 से ही लेज़र हथियारों के विकास पर काम चल रहा है। अमेरिका की तैयारियों को देखते हुए कहा जा रहा है कि साल 2022 तक अमेरिका 300 किलोवाट के लेज़र हथियार, और साल 2024 तक 500 किलोवाट तक के लेज़र हथियार बना सकता है। वैसे, अमेरिका के अलावा इज़राइल और अन्य देश भी आधुनिक लेज़र हथियारों पर काम कर रहे हैं। अब जबकि भारत को चीन और पाकिस्तान से हमेशा युद्ध का ख़तरा बना हुआ है, तो ऐसे में भारत को लेज़र हथियारों के विकास पर तेज़ी से काम करने की ज़रूरत है।