जानिए क्यों रहिए +92 या +01 नम्बर्स से आने वाले कॉल्स से सावधान?
आपकी समझदारी ही आपको बचा सकती है कॉलिंग फ्रॉड से
AUG 13 (WTN) - टेक्नोलॉजी के इस दौर में आप कहीं न कहीं और किसी न किसी रूप में नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग या किसी मनी ट्रांजेक्शन ऐप का इस्तेमाल तो करते ही होंगे। लेकिन, यदि इसके इस्तेमाल के दौरान इनके यूज़र्स ने असावधानी या लापरवाही बरती या फिर लालच दिखाया, तो आपको बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। जी हां, दरअसल, इन दिनों ऑनलाइन, कॉलिंग और मोबाइल फ्रॉड के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं, तो ऐसे में आपका सावधान और सतर्क रहना काफी ज़रूरी है।
लगातार बढ़ते इस तरह के फ्रॉड के मामलों के बाद मिनिस्ट्री ऑफ़ होम अफेयर्स की साइबर सिक्यॉरिटी सेल CyberDost के ट्विटर हैंडल ने यूज़र्स को ऑनलाइन और मोबाइल फ्रॉड के बारे में चेतावनी जारी की है। दरअसल, सरकार ने यूज़र्स को फेक कॉल्स के बारे में सतर्क किया है क्योंकि इस तरह की फेक कॉल्स के ज़रिए ही फ्रॉड करने वाले यूज़र्स को निशाना बनाते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फ्रॉड करने के उद्देश्य से इस तरह के ज़्यादातर कॉल्स +92 या +01 से शुरू होने वाले नम्बर्स से आते हैं। बता दें कि ऐसे नम्बर्स से सामान्य वॉइस कॉल्स के अलावा यूज़र्स को WhatsApp कॉल्स और मैसेज भी किए जा रहे हैं। दरअसल, ऐसे कॉल्स करने वाले यूज़र्स की निजी, बैंक संबंधित और कुछ अन्य गोपनीय जानकारियां बड़े ही शातिराना तरीके से यूज़र्स को बातों में उलझाकर हासिल कर लेते हैं।
दरअसल, कॉल्स के ज़रिए इस तरह का फ्रॉड करने वाले लोग लॉटरी या लकी ड्रॉ का लालच देते हैं। वहीं, कई बार कॉल रिसीव करने वाले कॉल करने वाले की लालची बातों में आ जाते हैं और उन्हें डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी या बैंक अकाउंट की जानकारी दे देते हैं। दरअसल, कॉल करने वाले फ्रॉड, यूज़र्स से बैकिंग डीटेल्स यह कहकर मांगते हैं कि लॉटरी या ड्रा की जीती हुई रकम उसके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
यानि यदि आपको +92 या +01 से शुरू होने वाले नम्बर्स से कॉल्स आते हैं, तो आपको काफी ज़्यादा सतर्क रहने की ज़रूरत है। इन नम्बर्स से शुरू होने वाले कॉल्स और अन्य किसी भी कॉल्स पर आप आपकी व्यक्तिगत या बैंक संबंधित किसी भी जानकारी को शेयर न करें।
इतना ही नहीं, कई बार कॉल करने वाले की ओर से QR कोड या फिर बार कोड भेजकर उन्हें स्कैन करने के लिए भी कहा जाता है, तो ऐसी ग़लती बिल्कुल भी न करें। दरअसल, QR कोड या फिर बार कोड की स्कैनिंग के ज़रिए भी फ्रॉड करने वाले आपको आर्थिक क्षति पहुंचा सकते हैं। तो याद रखिए, आपकी सावधानी और सतर्कता ही आपको कॉलिंग फ्रॉड से बचा सकती है।