BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RELIGION SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS BIG MEMSAAB 2017 BUDGET 2017 FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES Mahakal Ke Darshan
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
logo
Breaking News

सर्दियों में रहिए सतर्क; 'डबल महामारी' से चरमरा सकती हैं स्वास्थ्य सेवाएं!

Monday - August 17, 2020 12:47 pm , Category : WTN HINDI
बढ़ते ही जा रहे हैं कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी के मामले
बढ़ते ही जा रहे हैं कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी के मामले

सर्दियों में COVID-19 और सीजनल फ्लूके डबल अटैक की आशंका 

AUG 17 (WTN) -  चीन के वुहान शहर से फैली कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी (COVID-19) इस समय मानव सभ्यता के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। आप इस महामारी की भयावहता का अंदाज़ा इस बात से लगा सकते हैं कि इस लेख को लिखे जाने तक, कोरोना वायरस महामारी से अभी तक क़रीब 7,73,085 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी की कोई भी ऐसी प्रामाणिक वैक्सीन नहीं बन पाई है जो क्लीनिकल ट्रायल के सभी चरणों को पूरा कर चुकी हो। हालांकि, रूस ने कोरोना वायरस संक्रमण की सफल और सुरक्षित वैक्सीन बनाने का दावा किया है। लेकिन, WHO समेत दुनिया के कई देशों को रूस के इस दावे पर फिलहाल विश्वास नहीं हो रहा है।

वहीं, अब जबकि दुनिया भर में कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के मामले लगातार तेज़ी से बढ़ते ही जा रहे हैं, तो ऐसे में वैज्ञानिकों ने आने वाली सर्दियों में 'डबल महामारी' की स्थिति निर्मित होने की आशंका ज़ाहिर करते हुए चेतावनी दी है। दरअसल, वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाली सर्दियां में COVID-19 के साथ-साथ सीजनल फ्लू भी बुरी तरह से फैल सकता है, और इसी स्थिति को वैज्ञानिक 'डबल महामारी' कह रहे हैं।

दरअसल, वैज्ञानिकों को चिंता इस बात की है कि सर्दियों के मौसम में सीजनल फ्लू एक सामान्य बीमारी है, और इस समय ज़्यादातर हॉस्पिटल इसके मरीज़ों से भरे रहते हैं। लेकिन, चूंकि इस साल अस्पताल पहले से ही COVID-19 के मरीज़ों से भरे हुए हैं। ऐसे में इन सम्भावित परिस्थितियों में आशंका है कि यदि COVID-19 के मरीज़ों से हॉस्पिटल भरे रहे, तो सीजनल फ्लू के मरीज़ों का इलाज कहां होगा? 

वहीं, वैज्ञानिकों को चिन्ता है कि COVID-19 और सीजनल फ्लू के शुरुआती लक्षण भी लगभग एक जैसे ही हैं, तो ऐसे में जब हॉस्पिटल्स में मरीज़ों की भीड़ बढ़ेगी तो डॉक्टर्स के सामने कंफ्यूजन की स्थिति निर्मित हो जाएगी। इधर, अमेरिका और कई यूरोपीय देशों में सीजनल फ्लू से बचने के लिए लोगों को 'फ्लू शॉट' दिए जाते थे। लेकिन, COVID-19 के कारण अब इस साल 'फ्लू शॉट' देना सम्भव नहीं हो सका है। अब यदि ऐसा होता है, तो इससे फ्लू के मरीज़ों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि होने की आशंका है। वहीं, फ्लू की चपेट में आए मरीज़ के लिए कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित होने की आशंका भी काफी बढ़ जाएगी।

अब जबकि दुनिया भर के वैज्ञानिक इस 'डबल महामारी' को लेकर काफी चिंतित हैं, तो वे 'फ्लू शॉट' पर काफी ज़ोर दे रहे हैं। इसी कारण से अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और अन्य यूरोपीय देशों की बड़ी कंपनियों से कहा जा रहा है कि वे 'फ्लू शॉट' देने के लिए अभियान चलाएं और कम से कम अपने कर्मचारियों को तो फ्लू शॉट उपलब्ध कराएं ही। दरअसल, फ्लू शॉट देने से एक ही समय पर सांस से जुड़ी दो बीमारियों में से एक के ख़तरे से लोगों को निजात मिल सकती है।

बता दें कि अनुमान है कि अमेरिका में इस साल सीजनल फ्लू के क़रीब 39 मिलियन से लेकर 56 मिलियन तक मामले सामने आ सकते है। वहीं, इस कारण से क़रीब 7 लाख 40 हज़ार लोगों को हॉस्पिटल में एडमिट होने की ज़रूरत पड़ सकती है, और सीजनल फ्लू से क़रीब 62 हज़ार तक मौतें भी हो सकती हैं। हालांकि, अमेरिका में बच्चों के लिए नर्सरी स्कूल में ही टीके की व्यवस्था होती है, लेकिन इस बार अभी तक स्कूल बंद होने के कारण वैक्सीनेशन नहीं हो पाया है। इधर, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने आगामी विकट परिस्थितियों को देखते हुए फ्लू शॉट के लिए कैम्पेन शुरू कर दिया है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया ने भी देश के कई क्षेत्रों में 'फ्लू शॉट' कैम्पेन की शुरुआत अप्रैल में ही कर दी थी। 

ख़ैर, अब जबकि कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं और सर्दियों में फ्लू के मामले भी तेज़ी से बढ़ने की आशंका है, तो समय की ज़रूरत है कि आप ख़ुद का पूरा ध्यान रखें। वहीं, घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। इतना ही नहीं, डॉक्टर की सलाह से योग, प्रणायाम और आयुर्वेद के ज़रिए ख़ुद की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं। साथ ही, विटामिन-डी की शरीर में आपूर्ति के लिए कम से कम 20 मिनिट तक सूर्य की रोशनी के प्रत्यक्ष सम्पर्क में रहें।